बड़वानी~नर्मदा नदी में घट बढ़ रहे जलस्तर के प्रति नोडल अधिकारी रहे सजग- कलेक्टर श्री अमित तोमर~~


बड़वानी / नर्मदा नदी में घट बढ़ रहे, जलस्तर के मद्देनजर नियुक्त समस्त नोडल अधिकारी सजग रहे। वर्तमान में पुनः नदी में बढ़ रहे जलस्तर के मद्देनजर डूब प्रभावित ग्रामों में अभी भी रह रहे लोगों को जल्दी से जल्दी सुरक्षित स्थानों पर जाने हेतु प्रोत्साहित करें, जिससे कोई जन धन हानि ना होने पाए।
       कलेक्टर श्री अमित तोमर ने नर्मदा नदी में पुनः बढ़ रहे जलस्तर के मद्देनजर उक्त निर्देश समस्त नोडल अधिकारियों को दिए हैं ।उन्होंने बताया कि हमें जानमाल की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करना है, अतः सुनिश्चित किया जाए कि सरदार सरोवर की डूब प्रभावित सीमा रेखा के अंदर रह रहे समस्त परिवार अपने सदस्यों, पशुओं, संसाधनों के साथ सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कलेक्टर ने समस्त प्रभावित ग्रामों हेतु नियुक्त नोडल अधिकारियों को पुनः स्मरण कराया कि डूब सीमा से बाहर जाने के इच्छुक परिवारों को अपने संसाधनों को स्थानांतरित करने में पूर्ण सहयोग दिया जाए ।इसके लिए उपलब्ध कराए गए ट्रैक्टर, ट्रक, जेसीबी सहित अन्य संसाधनों की निशुल्क सेवाओं के बारे में भी डूब क्षेत्र के वासियों को समुचित जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। जिससे वे डूब क्षेत्र के बाहर बनाए गए अपने आवासों में सकुशल स्थानांतरित हो सके।
       कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों, ग्रामवासियों के सहयोग हेतु गठित टीम के सदस्यों, सुरक्षाबलों, प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विस्थापन के कार्य में पूर्ण धैर्य एवं मर्यादित व्यवहार बनाए रखा जाए। अगर डूब प्रभावित परिवार के पास पुनर्वास स्थल या अन्य कहीं रहने का साधन नहीं है तो उन्हें निकट के अस्थाई टिन शेड में भेजा जाए। और इन अस्थाई टिन शेड में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं को चाक-चैबंद बनाए रखा जाए। जिससे  यहां पहुंचे या पहुंचने वाले परिवारों को खाने-पीने-रहने की निःशुल्क उपलब्ध कराई गई सुविधा प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो।
       ज्ञातव्य है कि एक दिन पूर्व शनिवार की देर शाम तक नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री सुरेंद्र सिंह हनी बघेल एवं नर्मदा बचाओ की प्रमुख सुश्री मेधा पाटकर एवं डूब प्रभावितों के साथ बड़वानी के मंडी परिसर में हुई चर्चा के दौरान श्री बघेल ने भी जानमाल की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करने की बात कही थी । इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डूब क्षेत्र से लोगों का पुनर्वास के दौरान पूर्ण सावधानी एवं सौम्य व्यवहार का प्रदर्शन किया जाए। किंतु जानमाल की रक्षा में कोई कोताही न बरती जाए।
     श्री बघेल ने इस चर्चा के दौरान सुश्री मेघा पाटकर एवं डूब प्रभावितों से विस्तार पूर्वक चर्चा कर उनके उठाए गए मुद्दों की जांच भोपाल के दल के माध्यम से करवाने, डूब प्रभावितों की मांग व समस्या का परीक्षण कराकर उनका निराकरण कराने की भी बात कही है।


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