झाबुआ~कांग्रेस के दावेदारों में शत प्रतिशत सहानुभूति लहर के चलते पूर्व विधायक जेवियर मेडा सब में भारी~~

झाबुआ। संजय जैन~~

झाबुआ विधानसभा के रिक्त हुए विधायक पद हेतु कांग्रेस में दावेदारों की संख्या दिनों दिन बढती जा रही है। कांग्रेस में आधा दर्जन से अधिक दावेदार टिकीट की दौड में भोपाल और दिल्ली के चक्कर लगा रहे र्है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं झाबुआ विसं के उपचुनाव में जिताऊ चेहरे की खोज में लगे है और इसी के चलते प्रदेश की कमलनाथ सरकार के मंत्रियों के दौरे लगातार झाबुआ में हो रहे है। 

-कांग्रेस की आपसी फुट अधिक जिम्मेदार 

कांग्रेस यह चाहती है की यहां कोई ऐसा चेहरा मेैदान में उतारे जो कांग्रेस की पारंपरिक सीट को फिर जीत सके। हांलाकि कुछ सालों से यहां कांग्रेस कमजोर हुई है । इसके पीछे कांग्रेस की आपसी फुट अधिक जिम्मेदार है। इसलिए कांग्रेस पार्टी के सामने यह बडी चुनौती है कि वह ऐसा चेहरा कहा से लाये जो कांग्रेस के सभी धडों को मान्य हो.....।  

-शंकरसिंह भूरिया को राजनिती विरासत में मिली है

शंकरसिंह ऐसा ही चेहरा है, इन पर किसी गुट विशेष का ठप्पा नही लगा हुआ है। शंकरसिंह के पक्ष में एक बात यह भी है कि वे और उनका परिवार पंचायत स्तर पर लगातार जीतते आया है। झाबुआ विखं की ग्रापं परवट के निवासी शंकरसिंह भूरिया अत्यन्त ही विनम्र स्वभाव के कांग्रेस कार्यकर्ता होकर ग्रामीण क्षेत्र में इनकी पकड इतनी अधिक है कि लोग इनके साथ जुडते जा रहे है। मिडिल तक शिक्षा प्राप्त बाबूभाई भूरिया के पुत्र शंकरसिंह भूरिया को राजनिती विरासत में मिली है। 

-मेडा को टिकट देती है तो निश्चित ही वे भाजपा पर भारी साबित होगे 

वैसे टिकीट दावेदारों में कांतिलाल भूरिया पूर्व सांसद भी भोपाल की दौड लगा रहे है तथा पूर्व विधायक जेवियर मेडा भी दिल्ली में अपने अच्छे संबंधों के चलते  टिकीट के लिये आशान्वित है । सूत्रों की बात यदि सही माने तो टिकीट केा लेकर पार्टी के संगठन द्वारा जो सर्वे करवाया गया है उनमें इन दोनो भूरिया की बजाय लोकप्रिय मेडा को ही सर्वमान्य मान कर टिकीट देने का प्रस्ताव है  इस कसौटी पर मेडा सही बेठ रहे है। मेडा के खाते में सेवाभाव सहित अन्य उपलब्धियां भी है जिसके कारण वे अन्य दावेदारों में भारी दिखाई पड रहे है, यदि कांग्रेस मेडा को टिकट देती है तो निश्चित ही वे भाजपा पर भारी साबित होगे ओैर कांग्रेस यह सीट आसानी से जीत सकती है। मेडा के समर्थक झाबुआ विसं में परचम फहराने के लिये आतुर दिखाई दे रहे है। 


बाजार में चर्चा है कि यदि पूर्व विधायक जेवियर मेडा को टिकट मिलता है तो वो शत प्रतिशत सहानुभूति लहर के चलते झाबुआ की सीट कांग्रेस के खाते में बड़ी आसानी से ले आएगे और यदि भूरिया को उनके वर्चस्व के चलते पार्टी यदि उन्हें प्राथमिकता देती है तो यह सीधे तौर पर भाजपा को वॉक-ओवर देना कहा जा सकता है। उपरोक्त बाजार में जो चर्चाओं को दौर चल रहा है तो उसे सुनकर तो यह तय हैं कि जेवियर मेडा बड़ी आसानी से झाबुआ की सीट जिताकर ले लाएंगे और उन्हें टिकट नही मिलता है तो....... पिछले दोनों चुनावो में भूरिया का जो हर्ष हुआ है सभी ने देखा ही है। 

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