।।  *सुप्रभातम्*  ।।
               ।।  *संस्था  जय  हो*  ।।
        ।।  *दैनिक  राशि  -  फल*  ।।
        आज दिनांक 30 सितम्बर 2019 सोमवार संवत् 2076 मास  आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि अपराह्न 04:52  बजे तक रहेगी उपरांत तृतीया तिथि लगेगी । आज सूर्योदय प्रातः काल 06:19 बजे एवं सूर्यास्त सायं 06:24 बजे होगा । चित्रा नक्षत्र अपराह्न 04:26  बजे तक रहेंगा पश्चात स्वाति नक्षत्र आरंभ होगा । आज का चंद्रमा तुला राशि में दिन रात भ्रमण करते रहेंगे । आज का राहू काल 06:48 से 09:16 बजे तक रहेंगा । दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेंगा यदि आवश्यक हो तो दर्पण देख कर यात्रा आरंभ करें । जय हो

                      -:  *विशेष*  :-

*ब्रह्मचारिणी पूजन (द्वितीय दिवस) :-*
भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इस देवी को तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया। मांदुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप की चारिणी यानी तप का आचरण करने वाली। देवी का यह रूप पूर्ण ज्योतिर्मय और अत्यंत भव्य है। इस देवी के दाएं हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में यह कमण्डल धारण किए हैं। पूर्वजन्म में इस देवी ने हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया था और नारदजी के उपदेश से भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया। एक हजार वर्ष तक इन्होंने केवल फल-फूल खाकर बिताए और सौ वर्षों तक केवल जमीन पर रहकर शाक पर निर्वाह किया कुछ दिनों तक कठिन उपवास रखे और खुले आकाश के नीचे वर्षा और धूप के घोर कष्ट सहे। तीन हजार वर्षों तक टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना करती रहीं। इसके बाद तो उन्होंने सूखे बिल्व पत्र खाना भी छोड़ दिए। कई हजार वर्षों तक निर्जल और निराहार रह कर तपस्या करती रहीं। पत्तों को खाना छोड़ देने के कारण ही इनका नाम अपर्णा नाम पड़ गया। कठिन तपस्या के कारण देवी का शरीर एकदम क्षीण हो गया। देवता, ऋषि, सिद्धगण, मुनि सभी ने ब्रह्मचारिणी की तपस्या को अभूतपूर्व पुण्य कृत्य बताया, सराहना की और कहा -हे देवी आज तक किसी ने इस तरह की कठोर तपस्या नहीं की। यह तुम्हीं से ही संभव थी। तुम्हारी मनोकामना परिपूर्ण होगी और भगवान चंद्रमौलि शिवजी तुम्हें पति रूप में प्राप्त होंगे। अब तपस्या छोड़कर घर लौट जाओ। जल्द ही तुम्हारे पिता तुम्हें बुलाने आ रहे हैं। मां ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से सर्वसिद्धि प्राप्त होती है। दुर्गा पूजा के दूसरे दिन देवी के इसी स्वरूप की उपासना की जाती है। इस देवी की कथा का सार यह है कि जीवन के कठिन संघर्षों में भी मन विचलित नहीं होना चाहिए।

                    *आज का मंत्र :-*
                  ॥ ॐ ब्रह्मचारिन्ये नमः॥
                   *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी)धार, एम.पी.
                  मो. नं.  9425491351

                   *आज का राशि फल*

          मेष :~ आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्फूर्ति का अनुभव होगा। घर का वातावरण आनंददायी रहेगा। आर्थिक लाभ के साथ-साथ व्यवसाय में संतोष और छुटकारे का अनुभव करेंगे। सामाजिक दृष्टि से आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि  होगी। मित्रों, स्नेहीजनों के साथ आनंदप्रमोद पूर्वक प्रवास-पर्यटन का तथा वस्त्राभूषणों का अवसर प्राप्त होगा।

          वृषभ :~ आज आकस्मिक खर्च की संभावना है मन कुछ उध्विग्न रहेगा, परंतु मध्याहन के बाद घर में सुख-शांति का वातावरण बन जाएगा। आरोग्य में सुधार होगा। कार्य सफलता से यश प्राप्त होगा। व्यवसाय में सहकार्यकरो का सहकार अच्छा मिलेगा। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे।

          मिथुन :~ आज आपको जमीन, मकान आदि पत्रो या दस्तावेजों के विषय में सावधानी बरते । परिवारजनों के साथ बिना कारण तनाव बढेगा। संतानों के विषय में आपको चिंता रहेगी। विद्या, अभ्यास में विध्न-बाधा आएगी। आकस्मिक धन खर्च की संभावना है।

          कर्क :~ आजका दिन आध्यात्मिक और गूढ़ विद्याओं में सिद्धि प्राप्त करने के लिए अच्छा है आज आप कुछ अधिक ही संवेदनशील रहेंगे। मध्याहन के बाद उपाधियों के कारण आप चिंतित रहेंगे। स्फूर्ति और प्रफुल्लितता का अभाव रहेगा। परिवारजनों के साथ मतभेद रहेगा। धन का खर्च होगा।

          सिंह :~ आज आप मधुरवाणी से किसी कार्य सरलता से पूर्ण होंगे। परिवार के लोगों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताएंगे। परंतु मध्याहन के बाद भी किसी कार्य में बिना सोचे समझे निर्णय न लें । मित्रों-स्वजनों से भेंट होगी। प्रतिस्पर्धियों का सामना आप कर सकेंगे।

          कन्या :~ अपनी वाणी के प्रभाव से आप लाभदायी और प्रेम भरे सम्बंधो को स्थापित कर सकेंगे। आपकी वैचारिक समृद्धि अन्य जनों को प्रभावित कर सकेगी। व्यावसायिक दृष्टि से भी आजका दिन लाभदायी होगा। मन आनंदित रहेगा। आर्थिक लाभ होने की संभावना है। परिवार में वातावरण आनंदप्रद रहेगा। बौद्धिक चर्चा में विवाद को टालकर चर्चा का आनंद लें ।

          तुला :~ आकस्मिक खर्च में  सावधानी बरते। शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता के कारण मित्रों के साथ उग्र चर्चा या झगडा़ न हो जाए  ध्यान रखें । कोर्ट-कचहरी की कार्यवाही से संभलकर चले । मध्याहन के बाद स्थिति में सुधार होगा।

          वृश्चिक :~ आप को अनेक क्षेत्रों में लाभ और यश-कीर्ति प्राप्त होगी। धन की प्राप्ति के लिऐ योग अच्छा है। मित्रों के पीछे धन खर्च होगा। परंतु साथ-साथ उन के साथ साथ घूमने जाने का भी भरपूर आनंद आप उठा सकेंगे। किसी के साथ अहम् की टक्कर न हो ईसका ध्यान रखें । स्वभाव में क्रोध रहेगा।

          धनु :~ आज आपका दिन लाभकारी होगा। घर का क्षेत्र तथा व्यवसाय का क्षेत्र, दोनों क्षेत्रों में आनंदप्रद वातावरण रहेंगा । शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। व्यवसाय में लाभ भी होगा। सरकारी कार्यों में लाभ मिलेगा। अनेक क्षेत्रों में यश-कीर्ति प्राप्त होगी। आप की आय और व्यापार, दोनों में वृद्धि होगी।

          मकर :~ आज का दिन पूर्ण रूप से शुभ फलदायी है। विदेश-स्थित सम्बंधीजनों के समाचार से आपका मन प्रफुल्लित होगा। धार्मिक यात्रा की संभावना है। आप के मन में रही कार्य-योजना पूर्ण होगी। व्यवसायी वर्ग को व्यवसाय से लाभ होगा।

          कुंभ :~ आज का संपूर्ण दिन शुभफलदायी होगा। क्रोध और वाणी पर आज संयम रखें । परिवारजनों के साथ वाद-विवाद में न पड़े । मध्याहन के बाद स्वजनों तथा मित्रों के साथ आप का समय बहुत आनंदपूर्वक बीतेगा। धार्मिक प्रवास भी होगा। विदेश से समाचार मिलेंगे।

          मीन :~ आज का दिन दैनिक कार्यो में आपको शांति प्रदान करेगा। व्यापार में भागीदारों के साथ व्यवहार अच्छा रहेगा, परंतु मध्याहन के बाद आपका स्वास्थ्य बिगडेगा। परिवारजनों के साथ भी आपको मतभेद होने से मनदुःख बढेगा। वाणी पर संयम रखें । आर्थिक व्यय होने की भी संभावना है। ( डाँ. अशोक शास्त्री  )

।।  शुभम्  भवतु  ।।  जय  सियाराम  ।।
।।  जय  श्री  कृष्ण  ।।  जय  गुरुदेव  ।।


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