बड़वानी~40 वां विष्व पर्यटन दिवस
ज्ञान, आनंद, अनुभव और अर्थव्यवस्था के लिय जरूरी है पर्यटन~~

बड़वानी /शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर सेल मार्गदर्षन प्रकोष्ठ द्वारा प्राचार्य डाॅ. आर. एन. शुक्ल के मार्गदर्षन में 40 वें विष्व पर्यटन दिवस का आयोजन किया गया। संयोजन प्रीति गुलवानिया, राहुल मालवीया और राहुल देवड़ा ने किया। इस अवसर पर कॅरियर काउंसलर तथा पर्यटन में ऐतिहासिक अनुप्रयोग विषय के षिक्षक डाॅ. मधुसूदन चैबे ने पावर पाइंट प्रजेंटेषन के माध्यम से बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ के विष्व पर्यटन संगठन द्वारा 27 सितम्बर, 1980 से प्रतिवर्ष विष्व पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष के चालीसवें पर्यटन दिवस की मेजबान करने का अवसर भारत को मिला है तथा इस बार की थीम है- टुरिज्म एंड जाॅब्स: अ बेटर फ्यूचर फाॅर आॅल अर्थात् पर्यटन एवं रोजगार: सभी के लिये बेहतर भविष्य। इसका उद्देष्य वैष्विक पर्यटन की प्रगति का पथ प्रषस्त करते हुए यह बताना कि पर्यटन संस्कृति और सोहार्द के प्रचार प्रसार में उपयोगी है। वास्तव में पर्यटन बहुत उपयोगी क्रिया है। यह ज्ञान, आनंद और अनुभव प्रदान करने के साथ ही देष की अर्थव्यवस्था का मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करता है। इस अवसर पर डाॅ. चैबे ने पावर पाइंट प्रजेंटेषन के माध्यम से मध्यप्रदेष के प्रमुख पर्यटन स्थलों सांची, भीमबेटिका, भोपाल, विदिषा के साथ ही कोणार्क, आगरा, दिल्ली, जयपुर, आबू सहित अनेक दर्षनीय स्थलों के बारे में जानकारी दी। पीपीटी का निर्माण एम. ए. इतिहास के मेरिट होल्डर विद्यार्थी अंतिम मौर्य द्वारा किया गया था। आयोजन में आवेष खान, जितेंद्र चैहान, सूरज सुलिया, रवि नायक, जयदेव धनगर, आषीष गोयल, दीवान भुगवाड़े, शांतिलाल खराड़ी ने सहयोग दिया।


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