खिलेडी/कडोदकला जलभराव की समस्या से त्रस्त हो ग्रामीणों ने अपनाया आंदोलन का मार्ग कई बार आवेदन एवं जन सुनवाई के बाद भी नहीं निकला कोई हल-ग्रामीण~~

जगदीश चौधरी (खिलेडी)6261395702~~


कड़ोदकला कानवन-मांगोद टूलेन पर स्थित ग्राम कड़ोद कला में मार्ग निर्मााण के दौरान ठेकेदार द्वारा जल निकासी के लिये उचित व्यवस्था नहीं करने से इंद्रावल मार्ग पर निवास करने वालें ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूर्ण रूप से टूट चुका है।

ग्रामीण लंबे समय से जनप्रतिनिधियों-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को आवेदन देकर इंद्रावल पहुंच मार्ग पर जलभराव के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में अवगत करा चुके हैं, उसके बावजूद भी प्रशासन ने किसी प्रकार से कोई पहल नहीं की जिससे ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। जलभराव होने के कारण कई बार ग्रामीणों को परेशानियों से मुखातिब होना पड़ा है, कई बार गुजरने वाले ग्रामीण बीच पानी में मशक्कत करते दिखाए देते हैं, वाहन बीच पानी में ही बंद हो जाते हैं‌।

जिससे वाहन चालक परेशानियों से गुजरते हैं, गत दिनों उक्त मार्ग पर स्थित एक गरीब परिवार के बालक की मृत्यु हो जाने पर अंतिम क्रिया के लिए उसे जलभराव वाले क्षेत्र से होकर गुजारना पड़ा था जो की संपूर्ण मानव समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना थी, लंबे समय से अपनी मांगे नहीं मानी जाने से ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।

अब ग्रामीणों ने प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से अवगत करवाकर धरना प्रदर्शन का मार्ग अपना लिया है, ग्रामीणों ने बताया कि  हमारे द्वारा कई बार तहसील एवं जिला मुख्यालय पर आवेदन देकर जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत करवा दिया था उसके बावजूद किसी प्रकार से कोई निराकरण नहीं किया गया,  राकेश पटेल, नारायण धाकड़, नकुल मुनिया, सोनू पटेल, शांतिलाल पटेल, उमेश पटेल, विनोद धाकड़, महेश पटेल, नवीन कामदार, गोपाल धाकड, नारायण धाकड़, पप्पूसिंह पंवार, आदि ग्रामीण धरने पर बैठे, धरने के पहले दिन राजस्व विभाग के पटवारी काशीराम सापलिया, काशीराम सोलंकी, कानवन थाने से विपिन कटारा मौके पर निरीक्षण करने पहुँचे, सरपंच व सचिव मौके पर नदारद रहे।

क्या हैं पूरा मामला

ग्राम कड़ोद में आबादी से लगे इंद्रावल सड़क पर जल निकासी नहीं होने की समस्या को लेकर 30 ग्रामीणों ने रविवार से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन की शुरुवात कर दी, लोग समस्या को लेकर पिछले कई सालों से परेशान है, अभी भी  समस्या लगभग 3 माह से विकराल है, करीब 7 फिट गहरा 45 फिट चोड़ाई और 250 फिट लंबाई में एक छोटे तालाब सी स्थिती पानी भर जाने से निर्मित होती है, इस रास्ते पर गरिब वर्ग के लोग निवास करते है जिनका ऐसी स्थिति में रहना मुश्किल हो गया है। उन्हें अपने गांव आने के लिए इंद्रावल बिडवाल रानीपुरा होकर कडोद आना पड़ता है स्थानिय लोगो के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।
आंदोलनकारियों का संकल्प है कि जब तक समस्या का स्थायी हल नहीं होता हमाराआंदोलन जारी रहेगा।


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