*मनावर~धार झाबुआ बड़वानी रतलाम अलिराजपूर आदीवासी जिलों को मिले मेडिकल कालेज की सुविधा विधायक डॉ हीरालाल अलावा*~~                   

निलेश जैन मनावर~~

सरकार द्वारा जो प्रदेश में मेडिकल कालेज खोलने को लेकर विभिन्न जिलों के नामों की घोषणा कि ग्ई है । किंतु धार झाबुआ बड़वानी रतलाम अलिराजपूर आदीवासी जिलों को छोड़ा गया है। जिसकों लेकर विधायक द्वारा निराजी जाहीर की गई है । विधायक ने कहा कि मध्यप्रदेश के सर्वाधिक आदिवासी जन संख्या वाले धार जिले के मनावर या कुक्षी में मेडिकल कालेज खोलने के लिए प्रदेश सरकार को पहले ही पत्र लिखा जा चुका था। मनावर विधायक ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सौतेला व्यवहार कर रही है। जबकी प्रदेश के धार, रतलाम, झाबुआ,आलीराजपुर, बड़वानी जिले में सबसे ज्यादा आदिवासी बच्चे कुपोषण, भूखमरी,सिलिकोसिस, सिकल सेल एनीमिया और मलेरिया से प्रभावित है। जिससे निपटने के लिए प्रदेश के इन सभी आदिवासी बाहुल्य जिलों में मेडिकल कालेज खोलना चाहिए ताकि इन आदिवासी बाहुल्य जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सके इनमें से धार जिले के मनावर या कुक्षी में नया मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए प्रदेश सरकार को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है। अभी प्रदेश सरकार ने 10 नए मेडिकल कालेज खोलने के लिए केंद्र सरकार को प्रपोजल भेजे है। जिसमे प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले धार,झांबुआ,अलीराजपुर, बड़वानी को अनदेखा कर दिया गया है। जबकि प्रदेश के जिन जिलों के आसपास पहले से मेडिकल कालेज है वहां और भी नए मेडिकल कालेज खोलने के प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र को भेजे है। जो आदिवासी जिलों के साथ सौतेला व्यवहार है। सरकार इसे गंभीरता लेने की मांग की गई ।


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