देवास ~नेमावर के नर्मदा तट पर रात भर लगा भूतों का मेला,~~

एक लांख भक्तों ने लगाई नर्मदा में डुबकी ,स्नान ,दान व पितृमोक्ष का तर्पण किया ~~

अनिल उपाध्याय
खातेगांव /देवास ~~

सर्वपितृमोक्ष अमावस्या शनिवार को नेमावर के नर्मदा तट पर आस्था का सैलाब उमड़ा, लगभग एक लांख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के जल में स्नान कर दान एवं पितृमोक्ष का तर्पण किया ! सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या जिसे भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है!मालवा अंचल में विशेष घाट नीचे काफी धार्मिक महत्त्व है! इस दिन स्नान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है एवं बाहरी बधाओ व असाध्य रोग का निवारण किया जाने का दावा देव बाबाओ द्वारा किया जाता है!
वही नर्मदा नदी में शस्त्रों को स्नान कराकर उनकी पूजा भी की जाती है ताकि उनके सिद्धि और प्रभाव बडे यहां पहुंचने वाली जिन महिला बच्चे एवं पुरुषों के शरीर  में भारी बाधाए भूत प्रेत का साया व जादू टोने का प्रभाव होता है! ऐसे लोगों को मां नर्मदा के पवित्र जल में खड़ा कर उसे डुबकी लगाबाई जाती है !डुबकी लगाते ही शरीर में बाधा  होती है वह सामने आकर बोलने लगती है !और उसका निवारण देव बाबाओ के द्वारा अपने प्रभाव एवं सिद्धियों उसे दूर कर दिया जाता है!
सर्वपितृमोक्ष अमावस्या का पर्व इस बार शनिवार के सयोंग से  आया है इस संयोग में 1 दिन पूर्व शुक्रवार से श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था !अमावस्या पर पितरों के नाभी स्थल पर तर्पण किया गया लगातार बारिश के बावजूद भी लोगों का दूरदराज आवागमन चलता है

चौदस को भूतों का रात भर लगता है मेला,
-------------------------
चौदस को भूतों का रात भर लगता है नेमावर की नर्मदा तट पर मेला यहां चौकशी चौक से लाकर बुलावा किया जाता है !देवी-देवताओं का यहा साया, देवी देवता  एक साथ स्नान करते हैं मानो येसा लगता है कि दूर दूर से लोग इन प्रेत आत्माओ से मुक्त होने एवं मां नर्मदा में स्नान करने के लिए पहुंचते हैं! किसी को भादवा माता दी तो किसी को शेरावाली माता दी किसी को भी भिलट बाबा की सवारी आती नर्मदा के जल में खड़े होकर उन्हें देवियों शक्तियों के सहारे  प्रेत एवं भारी बाधाओं से मुक्त कर दिया जाता है!


नगर परिषद ने की श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं ठहरने की उचित व्यवस्था,
-------------------
नगर परिषद नेमावर के सीएमओ अनिल जोशी अध्यक्ष प्रतिनिधि मंगलेश यादव ने बताया कि नगर परिषद के द्वारा पेयजल व्यवस्था एवं टैंकरों की उचित व्यवस्था के साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया था! बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए
नगर के स्कूल धर्मशाला भवन परिसर में यात्रियों के लिए ठहरने की उचित व्यवस्था की गई  सभी कर्मचारियों को मुख्य मार्गो के साथ ही  घाटों पर तैनात किया गया घाटो पर प्रकाश व्यवस्था की गई

नर्मदा तट बना रहा पुलिस छावनी,
-------------------
नेमावर थाना प्रभारी उपेंद्र छारी के मुताबिक भूतड़ी अमावस्या की व्यवस्था को लेकर प्रशासन चाक-चौबंद रहा ,इसके तहत लगभग 350 से अधिक पुलिस के जवान तैनात थे! ग्राम रक्षा समिति नगर सुरक्षा समिति सहित अन्य सामाजिक संस्थाएं सहयोग में तैनात रही व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही विभिन्न थानों के सब इंस्पेक्टर मौजूद रहे!

श्रद्धालु गहरे पानी में ना जाए इसके लिए बैरिकेट्स लगाए गए
----------------
प्रशासन ने नर्मदा स्नान के दौरान सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे !गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए नर्मदा नदी में बैरिकेड लगाए नदी पीपे बांधकर  खतरे से  चिन्हित किया गया था वही नाव गोताखोर एवं तैरात भी तैनात किए गए थे! श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते  दो  कंट्रोल रूम की स्थापना की गई थी साथ ही सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे

अधिकारीगण व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे
--------------
अमावस्या पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी तादाद में भीड़ नेमावर पहुंची इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी  सजग दिखाई दे रहा था ! जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी एडिशनल एसपी नीरज चौरसिया,एसडीएम शोभाराम सोलंकी, कै सी पर्तै, एसडीओपी निर्भय सिंह अलावा  , तहसीलदार अलका एक्का ,नायब तहसीलदार अर्पित जैन ,खातेगांव टीआई सज्जन सिंह मुकाती, नगर पंचायत आंन्दीलाल वर्मा, अनिल जोशी सहित भारी संख्या में अधिकारी गण घाटों पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे एवं कर्मचारी को दिशा निर्देश देते रहे!

नर्मदा पुल से वाहनों का आवागमन रोका गया,
---------------
अमावस्या पर्व की भीड़ को देखते हुए शनिवार सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक: चार पहिया वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था !जिसके लिए गुराडिया फाटे पर  पार्किंग बनाई गई! वहीं हरदा जिले के हंडिया के पास स्थाई पार्किग बनाकर वाहनों को रोका गया था! ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू उसके साथ ही चलती रहे!


Post A Comment:

0 comments: