*बुरहानपुर~शकील अहमद सिद्दीकी,अनिल सोनी, और अजय खोसला के संयुक्त प्रयासों से जिगर के टुकड़े को मिले मां बाप*~~

बुरहानपुर(मेहलक़ा अंसारी)

बुरहानपुर रेलवे की मुख्य टिकट निरीक्षक श्री शकील अहमद सिद्दीकी , टिकट निरीक्षक अनिल सोनी और अजय खोसला की कर्तव्य परायणता और प्रयासों से 4 साल की गुमशुदा बच्ची को उनके मां बाप से मिलाने में इन तीनों ने संयुक्त रूप से जो महत्वपूर्ण भूमिका अदा की, जिसके कारण रेलवे की उपरोक्त तीनों कर्मचारियों की हर जगह प्रशंसा और तारीफ़ की जा रही है । इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए रेलवे स्टेशन बुरहानपुर के मुख्य टिकट निरीक्षक श्री शकील ने बताया कि 10 सितंबर 19 को दोपहर में ट्रेन नंबर 22948 का है टिकट चेकिंग के लिए खंडवा से श्री अनिल सोनी और अजय खोसला ट्रेन नंबर 22948 कहां है टिकट चेकिंग के लिए खंडवा से श्री अनिल सोनी और अजय खोसला इस ट्रेन के कोच नंबर 4 में सवार होकर अपने ड्यूटी कर रहे थे तभी बुरहानपुर स्टेशन से ट्रेन के चलने के बाद एक 2 साल की बच्ची दरवाजे के पास मिस्टर सोनी को रोते हुए मिली । उसने अपने साथी को बुला कर इस स्थिति से अवगत कराया और आज़ू बाज़ू के कोच में बच्ची को ले जा कर यात्रियों से पूछताछ की।एक यात्री ने बताया कि यह लड़की बुरहानपुर से कोच में आई है । अनिल सोनी ने अपने दिमाग की बत्ती जलाते हुए वाणिज्यिक नियंत्रक भुसावल एवं बुरहानपुर के मुख्य टिकट निरीक्षक श्री शकील अहमद सिद्दीकी को इस घटना की सूचना दी ।श्री शकील अहमद सिद्दीकी ने अपने कर्त्तव्यों  और सामाजिक नैतिक ज़िम्मेदारी को निभाते हुए इसका कई बार अनाउंसमेंट बुरहानपुर स्टेशन से कराया । अनाउंसमेंट के कारण स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को इस घटना के बारे में मालूम हो गया, लेकिन लड़की के पिता अब्बास हुसैनीवाला 25 साल और माता मुनीरा 24 साल अभी भी बेखबर थे ।वह अपनी धुन में कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 11072 से मुंबई जाने के लिए अपनी ट्रेन का इंतज़ार कर रहे थे । अचानक बुरहानपुर स्टेशन का एनाउंस सुनकर मुल्ला अब्बास और मुल्लानी मुनीरा दोनों टिकट निरीक्षक श्री शकील सिद्दीकी के कार्यालय पहुंचकर उनको बताया कि उनकी 2 वर्षीय बेटी फातिमा लापता है । व्हाट्सएप के माध्यम से बालिका की फोटो बुलाने और देखने के बाद उन्होंने अपनी बेटी  की पहचान की और भुसावल में अपने एक रिश्तेदार को अपनी बालिका को सुपुर्द करने का निवेदन किया , लेकिन नियमानुसार यह संभव नहीं था इस कारण बालिका को आरपीएफ के सुपुर्द किया गया और दोनों के भुसावल पहुंचने पर बालिका को मां बाप के सुपुर्द किया गया। अपने कर्त्तव्यों के साथ सामाजिक नैतिक ज़िम्मेदारी को निभाने पर श्री शकील अहमद सिद्दीक़ी, अनिल सोनी और अजय खोसला की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है बल्कि यात्री गण यह भी मांग कर रहे हैं कि एसे रेलवे कर्मियों को रेलवे के उच्च स्तरीय अधिकारियों के द्वारा प्रशंसा-पत्र और ईनाम से नवाज़ा जाना चाहिए और दूसरे रेल कर्मचारियों को भी इन से सबक़ लेना चाहिए तभी हम अपने भारत देश को और महान बना सकते हैं।


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