बड़वानी~जिले में भी सोमवार से प्रारंभ हुई सातवी आर्थिक गणना की कार्यवाही~~

बड़वानी /जिले में भी सोमवार से सातवीं आर्थिक गणना की कार्यवाही प्रारंभ की गई। इसके तहत जिला अधिकारियों को कार्यशाला के माध्यम से इस आर्थिक गणना के तहत होने वाले विभिन्न आयामों की जानकारी देकर उनके प्रश्नों, जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यशाला के उपरांत घर-घर जाकर सर्वे करने वाले प्रगणकों को कलेक्टर ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
कलेक्टरेट सभागृह में आयोजित इस कार्यशाला में कलेक्टर श्री अमित तोमर, अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौर, जिला योजना अधिकारी श्रीमती सविता भूरिया, कामन सर्विस सेंटर के श्री चैकसे, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री जीएल यादव सहित संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि पहली आर्थिक गणना 1977 में, दूसरी 1980 में, तीसरी 1990 में, चैथी 1998 में, पांचवी 2005 में, छटी 2013 में की गई थी। अब सातवी आर्थिक गणना का कार्य 9 सितम्बर से 20 मार्च तक किया जायेगा। इस अवधि में सर्वे टीम समस्त प्रकार के ढांचों को अपनी जानकारी में सम्मिलित करेगी।
कार्यशाला में बताया गया कि देश में पहली बार सातवी आर्थिक गणना कार्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से होने जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार ने मोबाईल एपलीकेशन तैयार किया है। जिसमें सर्वेक्षण की अनुसूची डाली गई है। जिसमें डिजिटल सर्वेक्षण के डेटा आन दी स्पाट फीड किये जायेंगे।
किस प्रकार होगा यह सर्वे
ऽ 7वीं आर्थिक गणना का सर्वेक्षण कार्य को पहली बार भारत सरकार ने स्थापित कामन सर्विस संेटर को जिलेवार सौंपा है।
ऽ तकनीकी मार्गदर्शन एवं सुपरविजन के लिए भारत सरकार राष्ट्रीय न्यादर्श सर्वेक्षण के क्षेत्रीय कार्यालयों एवं राज्य सरकारों के आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय को अधिकृत किया गया है।
ऽ भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय सर्वेक्षित कार्य का 2 प्रतिशत तो राज्य के कार्यालय सर्वेक्षित कार्य का 8 प्रतिशत निरीक्षण करेंगे।
ऽ निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का कार्य डिजिटली रूप से मोबाईल एप के माध्यम से संपन्न कराया जायेगा।
आर्थिक गणना का उद्देश्य
ऽ कृषि क्षेत्र को छोड़कर शेष विविध आर्थिक गतिविधियों/आयामों की विस्तृत जानकारी के लिए।
ऽ आर्थिक गतिविधियों में स्थापित कार्यरत कामगारों की संख्या ज्ञात करने के लिए।
ऽ जिले के समस्त गैर व्यवसायिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को जीओं टैग मैपिंग के लिए।
ऽ विभिन्न अधिनियमों में पंजीकृत प्रतिष्ठानों की जानकारी एकत्रित करने के लिए।
ऽ असंगठित समूहों की व्यवसायिक गतिविधियों की जानकारी एकत्रित करने के लिए।
ऽ आर्थिक गणना के माध्यम से देशव्यापी व्यवसायिक गतिविधि रजिस्टर तैयार करने के लिए।
ऽ हर प्रकार की व्यवसायिक गतिविधि चाहे तो प्राथमिकी हो, मौसमी हो, कभी-कभार होने वाली व्यवसायिक गतिविधियों की जानकारी एकत्रित करने के लिए।
इस गणना में इन्हे सम्मिलित नही किया जायेगा
ऽ प्रशासनिक कार्यालय, शासकीय स्कूल, कालेज, अस्पताल, आंगनवाड़ी आदि।
ऽ कृषि गतिविधि में सम्मिलित कार्य जैसे फसल उत्पादन, पौधारोपण आदि।
ऽ पशु पालन गतिविधि, पेरा मिलिट्रीकल जैसे सेेना, फोर्स इत्यादि।
ऽ अवैध गतिविधियां जैसे जुआ, सट्टा, देह व्यापार इत्यादि।
ऽ अंतर्राष्ट्रीय संगठन या उनके समकक्ष संस्थाएं।
दल सर्वेक्षण के दौरान यह प्रश्न पूछेगा
ऽ परिवार के मुखिया का नाम, परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार में रहने वाले महिला/पुरूषों की संख्या, परिवार में व्यवसायिक गतिवधि में सम्मिलित परिवार के सदस्यों की संख्या, कुल व्यवसायिक गतिविधि में सम्मिलित सदस्यों में से घरेलू व्यवसाय में संलग्न व्यक्तियों की संख्या, घरेलू व्यवसाय में संलग्न व्यक्तियों की घरेलू व्यवसाय से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी जैसे व्यवसाय का प्रकार, व्यवसाय की प्रकृति, व्यवसाय की विस्तृत जानकारी, व्यवसाय का आनरशिप, व्यवसाय मंे आयात-निर्यात आदि।
ऽ व्यवसाय में संलग्न कामगारों की संख्या, व्यवसाय संचालन हेतु मशीनरी की जानकारी, व्यवसाय शुरू करने में की गई खर्च की जानकारी, टेक्स जमा करने की जानकारी, जीएसटी भरने की जानकारी, पेन एवं टेन नंबर की जानकारी पूछी जायेगी।


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