बड़वानी~सुलह एवं समझौते के आधार पर नेशनल लोक अदालत में हो रहे है प्रकरणों के निराकरण -जिला एवं सत्र न्यायाधीश~~

बड़वानी /न्यायालय में चलने वाले प्रकरणो का सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण करने का एक सशक्त माध्यम है लोक अदालत। लोक अदालत में प्रकरणो का निराकरण होने से दोनो पक्षो के मध्य आपसी सद्भाव व भाईचारा बना रहता हैै तथा वे कानून की लंबी प्रक्रिया से छूट कर त्वरित न्याय पाकर अपना जीवन सौहाद्रपूर्ण तरीके से जी सकते है।
शनिवार को नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे द्वारा व्यक्त किये गये। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री डीआर तेनीवार, विशेष न्यायाधीश श्री दिनेशचन्द्र थपलियाल, अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौर, तृतीय अपर जिला न्यायाधीश श्री आशुतोष अग्रवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री हेमंत जोशी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम मुकाती सहित बड़ी संख्या में अभिभाषक, पक्षकार उपस्थित थे।
2 दम्पतियों ने मतभेद भुलाकर पुनः थामा एक - दूसरे का हाथ
     लोक अदालत, छोटे-छोटे मतभेदो से होने वाले मन-मुटाव से बिखरे परिवारो को पुनः मिलाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है। शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में लगी लोक अदालत में न्यायाधीशो की मध्यस्थता से 2 दम्पतियो ने पुनः एक-दूसरे का हाथ थामकर खुशहाल जीवन जीने का वादा किया है।
       शनिवार को लगी इस लोक अदालत में जिला सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे, पुलिस अधीक्षक श्री डीआर तेनीवार, अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौर की उपस्थिति में परिवार परामर्श केन्द्र के माध्यम से सुल एवं समझौता करवाया। ग्राम गोठानिया की रहवासी श्रीमती पिंकी पति सखाराम ने परिवार परामर्श केन्द्र मंे आवेदन देकर बताया कि उनके दो बच्चे है, उनके ससुराल वाले एवं पति दहेज की मांगकर, मारपीट करते है एवं जान से मारने की धमकी देते है। उन्हे ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया है एवं पति की दूसरी शादी करना चाहते है। इस पर परिवार परामर्श केन्द्र में दोनों पक्षों को बुलाकर समझाईश दी गई। दोनों ने एक दूसरे का पुनः हाथ थामकर प्रण किया कि वे अब कभी आपसी मन-मुटाव को संबंध विच्छेद का कारण नही बनने देंगे ।
   इसी प्रकार ग्राम भातकी निवासी श्री विपुल भोंसले ने परिवार परामर्श केन्द्र में आवेदन देकर बताया कि उनकी पत्नि उन्हे आये दिन परेशान करती रहती है। साथ ही पत्नि का व्यवहार उनके परिवार के साथ भी अच्छा नही है। बच्चों के साथ भी वो आये दिन मारपीट करती रहती है। इस पर परिवार परामर्श केन्द्र में पति-पत्नि को बुलाया गया दोनों पक्षों की बात को सुनकर उन्हे समझाईश दी गई। पत्नि ने पति से माफी मांगी कि वे अब आगे से उनके या बच्चों या परिवार के सदस्यों के साथ लड़ाई झगड़ा नही करेगी। पूरा परिवार मिलजुल कर साथ में रहेगा।
      बिछड़े हुए इन 2 परिवारों के जीवन में पुनः खुशियाॅ लाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश श्री हेमन्त जोशी, परिवार परामर्श केन्द्र की उपनिरीक्षक श्रीमती रेखा यादव, आरक्षक श्रीमती आशा डुडवे एवं परिवार परामर्श केन्द्र की काउंसलर श्रीमती अनिता चोयल का सराहनीय योगदान रहा ।
लोक अदालत में न्यायाधीश के हाथों मिल गई व्हील चेयर
   नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे ने अंजड़ निवासी शंकरलाल जोशी को जिला दिव्यांग एवं पुर्नवास केन्द्र के माध्यम से व्हील चेयर प्रदान की। श्री जोशी बताते है कि वे 70 वर्षीय होकर निःसंतान दम्पत्ति है। उनकी पत्नि हमेशा उनकी सेवा करती है। अब उन्हे व्हील चेयर मिल जाने से वे अपने छोटे-मोटे काम स्वयं कर सकेंगे।


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