*ओंकारेश्वर~मंगल कलश यात्रा से हुआ संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ*~~

ओंकारेश्वर - श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा से वातावरण भक्तिमय हो गया। रविवार से जायसवाल धर्मशाला , कोठी में हो रही श्रीमद्भागवत कथा में 51 कलशों के साथ चुनरी परिधान पहने राठौड समाज की महिलाओं व पुरुषों ने उत्साह व उमंग के साथ कलश यात्रा में भाग लिया । कलश यात्रा में शामिल महिला-पुरुषों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नाचते गाते भक्तों संग कलश यात्रा जायसवाल धर्मशाला पर पहुंची । व्यासपीठासीन पंडित जितेंद शर्मा (सिंघाना) आशीर्वाद देते चल रही थी। भागवत कथा का आयोजन *राठौड़ समाज महिला मंडल निमाड़ क्षैत्र* द्वारा कराया जा रहा है जो कि 21 सितंबर तक सुबह 11 से दोपहर 4 बजे तक चलेगी। कथा के मुख्य यजमान श्री राधेश्याम जी राठौड सपत्नी अलीराजपुर व श्री अजय राठौड - श्रीमती वर्षा राठौड सिंघाना है। भागवत कथा के प्रथम दिन कथा के प्रथम दिन कथावाचक व्यासपीठासीन पंडित जितेंद्रजी शर्मा सिंघाना के मुखारविंद से कथा स्थल पर श्रीमद भागवत महात्म्य कथा एवं श्री शुकदेव आगमन, नारदजी की कथा, राजा पतिक्षित को श्राप तथा विदुर कथा से वातावरण भक्ति मे सराबोर हो गया। उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा का संक्षेप में श्रोताओं को सार बताते हुए कहा कि मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पुण्यों का उदय होने पर ही श्रीमद् भागवत जैसी भगवान की दिव्य कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। भागवत रूपी गंगा की धारा पवित्र और निर्मल है जो पापियों को भी तार देती है। 16 सितम्बर भगवान का वामन अवतार, कपिलोपाख्यान एवं ध्रुव- चरित्रादि का वर्णन और ध्रुव कथा, 17 सितम्बर को नर्सिंग अवतार पर प्रसंग, 18 सितम्बर को श्री राम, श्रीकृष्ण जन्म, नंदोत्सव, 19 सितम्बर को कृष्ण की बाललीला, मटकी फोड़ एवं गोवर्धन पूजा, 20 सितम्बर को महारास, कंसवध, रुक्मिणी-कृष्ण विवाह व 21 सितम्बर को सुदामा चरित्र, श्री शुकदेव पूजन, परीक्षित मोक्ष और पूर्ण आहुति के साथ भागवत कथा का समापन होगा। *प्रथम दिवस  भोजन प्रसादी की व्यवस्था राठौड समाज महिला मंडल खरगोंन और प्रसादी रामचन्द्र जी राठौड खरगोंन की ओर से रही व पूरे सात दिवस चाय व जलपान की व्यवस्था निमाड़ राठौर रक्त समूह इंदौर के द्वारा है*।
*कल की 16 सितम्बर की भोजन प्रसादी कसरावद, बेड़िया, बिस्टान, व दोड़वा राठौड समाज महिला मंडल के द्वारा रहेगी*
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रमुख रूप से खरगोन, कसरावद, सेगांव, बड़वाह, सनावद, गोगावां, लुनेहरा बुजुर्ग, बेड़िया, डेहरी, जोबट, अलीराजपुर, सिंघाना, दोड़वा, पाटी, बड़वानी, नानपुर, कुक्षी आदि गांव व नगरों से राठौड समाज की महिलाये व पुरुष भक्त सेकड़ो की संख्या में मौजूद रहे |


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