बड़वानी~हरफनमौला कलाकार श्री अनिल जोशी ने कहा-
किताबी ज्ञान के साथ ही कला निपुण होना भी आज की जरूरत~~


बड़वानी /आप पढ़ने में अच्छे हैं, यह बहुत अच्छी बात है। आप अपने अध्ययन को निरंतर बनाये रखें। लेकिन आज के युग में किताबी ज्ञान के साथ कला निपुण होना भी जरूरी है। गायन, वादन, नृत्य, रचनात्मक लेखन, अभिनय आदि जैसी कलाओं में रुचि विकसित कीजिये और सिद्धहस्त कलाकार बनने का प्रयास कीजिये। ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ द्वारा प्रारंभ की गई अल्पावधि रोजगारोन्मुखी रंगकर्म प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर नगर के हरफनमौला कलाकार श्री अनिल जोशी ने प्रशिक्षुओं से कहीं। श्री जोशी ने आज सैद्धांतिक प्रशिक्षण में संगीत के उन महाविद्यालयों की जानकारी भी दी जहां से म्युजिक में बी.ए. और एम. ए. किया जा सकता है। साथ ही स्पीक मैके नामक संस्था के बारे में भी बताया जो युवाओं में सांस्कृतिक प्रवृत्तियों के विकास के लिए पूरे समर्पण के साथ कार्यरत है। ज्ञात हो कि श्री जोशी बड़वानी नगर के प्रख्यात गायक, अभिनेता, वक्ता और एंकर हैं। उन्होंने शिक्षा को बढ़ावा देने वाला संदेश परक वीडियो भी प्रशिक्षुओं को दिखाया जिसमें उन्होंने खुद भी अभिनय किया है। इस वीडियो के लिए गीत की रिकाॅर्डिंग मुम्बई में तथा शूटिंग बड़वानी जिले की विभिन्न लोकेशनों पर हुई है। कार्यशाला का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्राचार्य डाॅ. आर. एन. शुक्ल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
यह है उद्देश्य
कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया और किरण वर्मा ने बताया कि प्रतिदिन विद्यार्थियों को दो घंटे का प्रशिक्षण देकर रंगकर्मी तैयार किये जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जहां प्रशिक्षुओं के व्यक्तित्व का विकास करना है, वहीं अभिनय के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी हैं। एनजीओ आदि के माध्यम से जन-जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक और अन्य मंचन करवाये जाते हैं, जिनमें नाट्यदल को अच्छा भुगतान किया जाता है। टी.वी. सीरियल्स, फिल्मस आदि में भी अवसर प्राप्त किये जा सकते हैं। यदि इस प्रशिक्षण से रुचि जाग्रत हो जाती है तो नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा यानी एनएसडी जैसी संस्थाओं में एडमिशन लेने की कोशिश कर शानदार भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। निजी स्कूल में डांस टीचर, ड्रामा टीचर आदि के रूप में भी काम प्राप्त हो सकता है। अब तक चालीस विद्यार्थियों ने पंजीयन करवा लिया है।
ये दे रहे हैं प्रशिक्षण
विशेष प्रशिक्षण के लिए नगर तथा आसपास के रंगकर्मियों, संगीतकारों, गायकों, नृत्य निर्देशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। नियमित प्रशिक्षण का दायित्व भीमा नायक नाट्य दल के सदस्यगण ग्यानारायण शर्मा, किरण वर्मा, प्रीति गुलवानिया, ज्योति जोशी उपाध्याय, अंशुल सुलिया, राहुल मालवीया द्वारा दिया जा रहा है। कॅरियर काउंसलर और एम. ए. हिन्दी साहित्य के दौरान जयशंकर प्रसाद के नाटकों का, एम. ए. अंग्रेजी साहित्य के दौरान शेक्सपियर के नाटकों का तथा एम. ए. संस्कृत साहित्य के दौरान भरतमुनि के नाट्यशास्त्र, धनंजय के शतरूपक, हर्षवर्धन के रत्नावली और कालिदास के अभिज्ञानशाकंुतलम नाटक का अध्ययन कर चुके तथा अनेक नाट्यप्रस्तुतियों में अभिनय कर चुके डाॅ. मधुसूदन चैबे भी प्रशिक्षण दे रहे हैं।
पंजीयन हेतु दीपिका धनगर, अजय चांदोरे, प्रीतम राठौड़, रवीना मालवीया से कॅरियर सेल में संपर्क करें। यह प्रशिक्षण और पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क होगा।


Post A Comment:

0 comments: