बड़वानी~भाषा निखारने के लिए साहित्य का लें सहारा - किरण~~

बड़वानी  / भाषा मानव की सबसे बड़ी उपलब्धियों में सम्मिलित है। अभी आप अंग्रेजी भाषा सीख रहे हो। एकदम प्राथमिक स्तर पर हो। यह भाषा सामान्य बोलचाल की आवष्यकता की पूर्ति तो कर देगी, लेकिन प्रभावषाली भाषा के स्वामी बनने के लिए कुछ और उपाय जरूरी है। ऐसे ही उपायों में उच्च कोटि के साहित्य का अध्ययन भी सम्मिलित है। आप अपनी भाषा को निखारने के लिए साहित्य का सहारा लें। आप इंडियन राइटिंग इन इंग्लिष से शुरुआत कीजिये। ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित ‘भाषा विकास में साहित्य का योगदान’ परिचर्चा में कार्यकर्ता किरण वर्मा ने कहीं। यह आयोजन प्राचार्य डाॅ. आर. एन. शुक्ल के मार्गदर्षन में हुआ। सुश्री किरण वर्मा ने विजय तेंदुलकर द्वारा रचित नाटक ‘सायलेंस ! द कोर्ट इन सेषन’ नाटक की समरी सुनाते हुए बताया कि यह सामाजिक विसंगति पर लिखा गया एक मार्मिक नाटक है। इस तरह की रचनायें जहां पाठकों को बांध लेती है, वहीं सोचने पर भी विवष करती है। इस अवसर पर कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया, डाॅ. महेषलाल गर्ग, डाॅ. मधुसूदन चैबे उपस्थित थे। आभार रवीना मालवीया ने प्रस्तुत किया।


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