झाबुआ~कम दिन की रीडिंग पर ज्यादा आएगा बिजली का बिल-फिलहाल 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही मिल पाएगा लाभ ~~





फिर गड़बड़ाएगा गणित- नया साफ्टवेयर परेशानी बनाए एक बार फिर करना होगा बिलों में संशोधन ~~





झाबुआ। संजय जैन~~

 इस महीने 100 यूनिट पर 100 रुपए वाले बिजली बिल का फायदा जिले के 30 प्रतिशत उपभोक्ता ही ले पाएंगे। इसका कारण मीटरवाचकों द्वारा 30 दिन से पहले रीडिंग लेना है। यानी उपभोक्ता के मीटर से 21 दिन या 28 दिन की भी रीडिंग हुई है तो नया साफ्टवेयर उसे 100 यूनिट वाली योजना से बाहर कर देगा। इसलिए उपभोक्ता को 100 नहीं 500 रुपए तक का बिल भरना होगा,जबकि 150 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ता योजना में बने रहेंगे और उन्हें 100 यूनिट पर 100 रुपए व इसके ऊपर 50 यूनिट खपत पर 7 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से 450 रुपए तक का बिल भरना होगा।





-नए साफ्टवेयर ने बिजली कंपनी को परेशानी में डाल दिया....





प्रदेश सरकार ने अक्टूबर से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट पर 100 रुपए बिजली बिल देने की योजना शुरू तो कर दी,लेकिन बिल बनाने वाले नए साफ्टवेयर ने बिजली कंपनी के अफसरों को परेशानी में डाल दिया है। अक्टूबर में भी उपभोक्ता नई योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। कंपनी में बिल बनाने वाली शाखा के कम्प्यूटरों में नया सिस्टम डल जाने से बिल बनाने में परेशानी आ रही है। कंपनी के मुताबिक जो नया साफ्टवेयर आया है वह 30 दिनों की ही रीडिंग के आधार पर बिल बनाएगा। इधर कंपनी के मीटरवाचक उपभोक्ताओं की जो रीडिंग लाए हैं वह 20 दिन से 28 दिन तक की है। 30 दिन की खपत आएगी तो ही सही बिल बन पाएंगे। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं की 150 यूनिट तक खपत आती है वे इस महीने योजना में बने रहेंगे,उन्हें 30 दिन में 100 यूनिट के 100 रुपए उसके ऊपर 50 यूनिट के 7 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिल भरना होगा। 150 यूनिट के ऊपर खपत पर बिल पर नार्मल चार्ज लगेगा। 





-ऐसा होने पर नहीं मिलेगा लाभ.... 





अक्टूबर में उपभोक्ताओं की खपत तो पूरी आई है और दिन कम हो गए उसके हिसाब से प्रतिदिन की खपत बढ़कर आएगी। खपत 5 यूनिट से ज्यादा बढ़कर आई तो सिस्टम उसे योजना से बाहर कर देगा। भले ही उसके मीटर में 95 या 100 यूनिट क्यों ना आई हो। बिजली कंपनी के अनुसार ऐसे नार्मल रेट वाले बिल छप चुके हैं। 





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