बड़वानी~देश के नौनिहालों को किशोरावस्था से ही नशे के दुष्प्रभाव के प्रति मानस बनाना आवश्यक -श्रीवस्तव~~

बड़वानी/तेजी से विकास की ओर दौड़ती व्यवस्थाओं के बीच हमें हमारे संस्कारों को संरक्षित करते हुए दुव्र्यसनों से बचना एक चुनौति है। हमारे देश का बचपन, शिशु अवस्था से ही एक नया ऐडिक्सन को साथ में लेकर बढ़ रहा है। वह है एण्ड्राएड मोबाईल, जिसे आजकल मासुम बच्चों को भी खिलौने के रूप में देना चिंता का विषय बन गया है।
        उक्त बातें हायर सेकेण्डरी स्कूल रेहगुन के प्राचार्य श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने मद्य निषेध संकल्प सप्ताह के अंतर्गत संस्था में आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होने कहा विद्यालय के बच्चों को नशामुक्ति के लिए शाला स्तर से ही तराशने का अभियान किशोरों के लिए सार्थक पहल है।
     उल्लेखनीय है कि बापू की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर से आशाग्राम ट्रस्ट बड़वानी द्वारा सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण के तत्वावधान में नशामुक्ति रथ का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत जन जागरण के साथ-साथ विद्यालयों में भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों का मानस तैयार करने का कार्य भी आयोजकों के द्वारा किया जा रहा है।
       इस दौरान कार्यक्रम संयोजक श्री सचिन दुबे ने नशामुक्ति को सामाजिक पहल बनाने में बच्चों को महत्वपूर्ण बताया। प्राचार्य श्री श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को मद्य निषेध शपथ दिलाई।
            इस अवसर पर ट्रस्ट के श्री मणीराम नायडू, श्री मनीष पाटीदार, श्री हिमांश वाबले, सिरी मुकेश चैहान सहित विद्यालय का स्टाॅफ उपस्थित था।


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