बड़वानी~शिक्षक ने जागरूकता दिखाकर लिया कैंसर शिविर का लाभ~~

कैंसर की बीमारी न होने का पता लगने पर आई चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान~~

बड़वानी /अगर कोई व्यक्ति कुछ समय से कैंसर बीमारी की बात को लेकर बहुत परेशान हो, और जब वो हिम्मत करके उस बीमारी का ईलाज कराने डाॅक्टर के पास जाये ओर डाॅक्टर कहे की आपको कैंसर नही है तो उस व्यक्ति की खुशी का तो कोई ठिकाना नही रहेगा।
हम बात कर रहे है बड़वानी के कृष्णा स्टेट निवासी श्री जिरमल रावत की। श्री रावत शासकीय विद्यालय बोरखेड़ी में शिक्षक के पद पर पदस्थ है। श्री रावत को पिछले तीन-चार महिनों से जीभ पर छोटे-छोट दाने एवं जीभ कुछ कटी हुई सी है। जिसके कारण उन्हे भोजन करने में परेशानी आती थी। उन्होने इसका बहुत ईलाज करवाया पर उन्हे आराम नही मिला। तब उन्हे शंका हुई कि कही उन्हे मुंह  कैंसर की बीमारी तो नही हो गई है। कुछ दिन पहले जब उन्होने समाचार पत्रों में पढ़ा कि जिला चिकित्सालय में 05 अक्टूबर को निःशुल्क कैंसर रोग उपचार शिविर लगेगा तो उन्होने इस शिविर में आकर जांच करवाने का सोचा।
शनिवार को जिला चिकित्सालय बड़वानी में लगे कैंसर रोग उपचार शिविर में आये मुम्बई एवं दिल्ली के प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ. दिनेश पेंढारकर ने श्री रावत की जांच की एवं बताया कि उन्हे कैंसर की बीमारी नही है। डाॅक्टर की यह बात सुनकर उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षक की इस खुशी में सम्मिलित होते हुए प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ. दिनेश पेंढारकर बताते है कि मुंह के कैंसर की जांच स्वयं की जा सकती है। उन्होने बताया कि पानी से कुल्ला ले और पर्याप्त रोशनी में दर्पण के सामने खड़े हो जाये, दर्पण में देखे कि मुंह के अंदर कोई असामान्य सफेद या लाल चकता, घाव या कठोर त्वचा, दाने या सूजन तो नही है। यदि ऐसा कुछ दिखाई दे तो संदेहास्पद भाग को उंगलियों से छूकर देखे। अगर स्थिति सामान्य है तो श्लेस्मकला कोमल और गुलाबी रंग का होता है। कोई असामान्य स्थिति देखने पर डाॅक्टर से परामर्श ले।


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