झाबुआ~तु तो तेल देख ओर तेल की धार देख~~





**** तीर ओर तुक्का ****





झाबुआ। संजय जैन~~

भतीजा- सुन रहे हो चाचाजी....





चाचा - बोल भतीजे बहुत दिन बाद याद किया,क्या बात है....?





भतीजा- चाचा उपचुनाव का माहोैल है , क्या सोश्यल मीडिया भाजपा की नाव पार लगा देगा...?





चाचा- साफ  साफ  बता भतीजे तु कहना क्या चाहता है....?





भतीजा- चाचा कमलनाथ का पंजा पुरे क्षेत्र में पकड मजबूत करके कांति की कां्रति चला रहा है। वही दूसरी तरफ भाजपा का भानू सिर्फ  सोश्यल मीडिया पर ही एक ठेकेदार को ठेका देकर अपनी वाह वाही करवा रहा है,तो क्या चाचाजी सोश्यल मीडिया प्रिंट ओर इलेक्ट्रानिक मीडिया से भारी होता है....? क्या लोगो का मन एवं मत परिवर्तन कर सकता है.....?





चाचा- भतीजे ये सब मीडिया मैनेजमेन्ट का खेल है जिसने मीडिया को साधा वह तर गया। जो मीडिया से दूरी बना कर रखता है उसका तो समझो कल्याण ही हो गया है। 





भतीजा- चाचा कांग्रेस का पंजा मैनेजमेन्ट में माहिर बन गया है ,तो कमल का भानू कब अपनी रश्मी फैलायेगा....? टैम कम है ओर पब्लिसिंटी नही मिली तो फिर क्या होगा.....? 





चाचा- भतीजे चुनाव का टाईम है,धनतेरस के पहले ही दीवाली बन जायेगी। मीडिया वालो के स्वामी का तो अपना ही एक अलग लोक है,भतीजे समझे क्या.....? सोश्यल मीडिया का ठेकेदार कितना भी जोर लगा ले,जो माहौल प्रिंट मीडिया से बनता है वह भाढे के सोश्यल मीडिया से नही। पर अपने को क्या लेना देना इनसे ....? तु तो तेल देख ओर तेल की धार देख। 




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