झाबुआ~भाजपा को डेमेज करने के लिये मुख्यमंत्री कर रहे झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में रेकार्ड तोड भ्रमण-भाजपा ने भी कांग्रेस को हराने के लिये तैयार की व्यूह रचना~~


सीएम पांच माह में चार बार झाबुआ आए, पांचवीं बार भी आना प्रस्तावित-वही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भी झाबुआ में डाल रहे है डेरा~~


उपचुनाव हो गया मुख्यमंत्री कमलनाथ बनाम भाजपा~~



झाबुआ। संजय जैन~~

झाबुआ विधानसभा के ये उप चुनाव कांग्रेस एवं भाजपा दोनों ही दलों के लिये प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके है। राजनीतिक गलियारों में इन दिनों चर्चा का केंद्र बिंदु झाबुआ उपचुनाव बना हुआ है। दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत के लिए पूरी ताकत से जुटे हैं, मगर अब यह उपचुनाव दोनों दलों के प्रत्याशी नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री कमलनाथ बनाम भाजपा हो गया है। उपचुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री कमलनाथ बीते पांच माह में चार बार झाबुआ आ चुके हैं। चौथी बार वे बुधवार को आए और खुलकर भाजपा को आड़े हाथों लिया। इसी माह की 19 तारीख को यानी चुनाव प्रचार के अंतिम दिन उनका पांचवीं बार झाबुआ (रानापुर) आना प्रस्तावित है। सीएम झाबुआ का किला जीतने के लिए जमकर भागदौड़ कर रहे हैं क्योंकि चुनाव परिणाम को प्रत्याशी के अलावा प्रमुखता से उनसे जोड़कर भी देखा जाएगा। इधर, चुनाव में विजयश्री के लिए पूरी भाजपा भी जुटी हुई है।


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-मुख्यमंत्री कर रहे झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में रेकार्ड तोड भ्रमण-19 अक्टूबर को फिर आना प्रस्तावित....


विधानसभा 193 झाबुआ के उपचुनाव में 21 को मतदान के बाद 24 अक्टूबर को परिणाम के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि सूबे की सत्ता पर जनता ने किसे काबिज किया है....? लोकसभा परिणाम के बाद खाली हुई झाबुआ विधानसभा सीट पर उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए वे लगातार झाबुआ आते रहे और हर बार अपने भाषणों में उन्होंने भाजपा को जमकर घेरा। चुनावी व्यूह रचना बनाने के साथ-साथ उपचुनाव में जीत का रास्ता खोजने में वे जुटे रहे। उपचुनाव की भोपाल से वे पूरी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। गुरुवार को एक बार फिर वे कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने झाबुआ आए। इस बार भी उन्होंने भाजपा पर हमला बोला। 19 अक्टूबर को फिर उनका झाबुआ आना प्रस्तावित है। वे रानापुर क्षेत्र में सभा को संबोधित करेंगे।


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-उपचुनाव हो गया मुख्यमंत्री कमलनाथ बनाम भाजपा .........


ऐसे में यह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव जीतने के लिए व्यक्तिगत तौर पर पूरी ताकत झोंक दी है और उपचुनाव के इस मैच में भाजपा को शिकस्त देने के लिए वे खुद रन बनाने में जुटे हुए हैं। अपने भाषणों में वे छिंदवाड़ा की तर्ज पर झाबुआ का विकास करने की बात भी कह रहे हैं, तो उपचुनाव को उन्होंने प्रत्याशी के अलावा झाबुआ के भविष्य का फैसला करने वाला बताया है। ऐसे में झाबुआ का उपचुनाव दोनों ही दलों के प्रत्याशी नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री नाथ बनाम भाजपा हो गया है क्योंकि भाजपा में भी कमोबेश यही स्थिति है।


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-भाजपा व कांग्रेस मुकाबला करने के लिये पूरी तरह एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे ....


पार्टी ने अपने सभी वरिष्ठ नेताओं की फौज यहां उतार दी है। पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, मौजूदा विधायक, संगठन के पदाधिकारी सभी एक-एक वोट के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं और सीएम कमलनाथ को घेरा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का दौरा भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकारी योजना के कार्यक्रम में शामिल होने सीएम जून माह में झाबुआ आए थे। 15 सितंबर को फिर सीएम नाथ शासकीय कार्यक्रम के सिलसिले में झाबुआ आए। 30 सितंबर को झाबुआ में कांग्रेस प्रत्याशी की नामांकन रैली में शामिल हुए। उपचुनाव के मद्देनजर चुनावी सभा और रोड शो के लिए 09 अक्टूबर को झाबुआ आए। अब 19 अक्टूबर को रानापुर में आना प्रस्तावित है।


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-पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का दौरा भी प्रस्तावित ........


भारतीय जनता पार्टी भी कांग्रेस पार्टी एवं कमलनाथ का मुकाबला करने के लिये पूरी तरह मैदान में दिखाई दे रही है । संभागस्तरीय कार्यकर्ताओं की पूरी फौज ने यहां डेरा डाल रखा है भाजपा के धार, निमाड सहित अन्य महत्वपूर्ण सांसदों का भी सतत जिले में भ्रमण हो रहा है । 25 सेक्टर में जिले को विभक्त करके हर बुथ पर 51 प्रतिशत से मतदान अपने पक्ष में कराने के लिये एडी चोटी का जोर लगाया जारहा है । मुख्यमंत्री कमलनाथ की तरह ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का भी जिले में दौरे को लेकर कार्यक्रम तेयार किया जा रहा हे । स्वयं प्रदेशाध्यक्ष राकेशसिंह भी बार बार झाबुआ का भ्रमण करके कार्यकर्ताओं को टिप्स देने के साथ ही स्वयं भी यही रात्री विश्राम करके उपच्रुनाव पर पैनी नजर बनाये हुए है। 10 अक्तुबर गुरूवार को वे फिर से झाबुआ आरहे है और बताया जारहा है कि वे दो तीन दिन यही रह कर भाजपा के भानू भूरिया के जीत के लिये अपनी कार्ययोजना के जतहत दायित्व सौप कर कांग्रेस पार्टी को हराने के लिये व्यूह रचना को अन्तिम रूप देगें । अब सिर्फ 10 दिन का समय शेष बचा है । कांतिलाल भूरिया को शिकस्त देने के लिये आरएसएस भी अब गा्रम गा्रम में अपनी कमना संभालने जारहा है और ऐसे मे आगामी एक सप्ताह दोनों ही दलों के लिये कतल की रात जेसा साबित होने वाला है।


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-एक तरह से पूरी सरकार को ही उतार दिया है उपचुनाव में कांग्रेस ने----


झाबुआ के भौगोलिक परिवेश का जिन्होने अध्ययन किया है वे अच्छी तरह जानते है कि चुनाव प्रचार के दोरान सत्ताधारी पक्ष के मंत्रियों के बजाय कार्यकर्ताओं का घर-घर जन सपर्क करके वातावरण बनाना ही अधिक प्रभावशाली रहता है । कांग्रेस ने इस चुनाव में एक तरह से पूरी सरकार को ही उतार दिया है। वही प्रशासनिक स्तर पर भी अधिकारियों को भी परोक्ष रूप से निर्देश देने की बाते सामने आई है। पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य दौेलत भावसार ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग को डीसीपी एलएन प्रजापति को लेकर शिकायत करके उनकी भूमिका को संदिग्ध बताया हेै । जेैसे-जैेसे चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है माहौल में गर्माहट आ रही है । भाजपा में भी कांग्रेस की तरह संभागीय स्तर से चुनाव के लिये लोगों को जिम्मेवारिया सौपी गई है। इसे लेकर भी लोगों का कहना है कि जिन्हे यहां के गा्रमीणजन जानते तक नही है, वे किस प्रकार से फिल्ड वर्क पायेगें....? जो भी हो माहौल गर्म हो चुका है और प्रत्याशी जहां गा्रमीण क्षेंत्रों में ज्यादा ध्यान दे रहे है,वही झाबुआ नगर में चुनावी प्रचार-प्रसार का माहौल अभी तक ठंडा ही दिखाई दे रहा है ।


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