बड़वानी~औषधीय पौधों के महत्व एवं रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएॅं पर कार्यषाला ’‘~~

बड़वानी /षहीद भीमानायक षासकीय स्नातकोंत्तर महाविद्यालय, बडवानी के इको क्लब द्वारा महाविद्यालय के नवीन निर्मित मेडिसिनल गार्डन में उगाये गये औषधीय पौधे तथा रोजगार के क्षेत्र में  संभावनाएॅ विषय पर एक कार्यषाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला में वनस्पति विज्ञान की अतिथि विद्वान प्रो. पायल जोषी द्वारा पावर पाइंट प्रजेन्टेषन के माध्यम से लगभग 60 औषधीय महत्व के पौधों की जानकारी फोटो सहित दी गई। इसमें कुछ दुर्लभ जाति के पौधें जैसे- काली हल्दी, केवकंद, गूगल, गुडमार, सफेद गुन्ज, काला धतूरा, छिताब, गज पिपली, जंगली केला, बच, डायस्कोरिया आदि षामिल थे।
इको क्लब संयोजक डाॅ. वीणा सत्य (विभागाध्यक्ष वनस्पति षास्त्र)  ने बताया कि इको क्लब के माध्यम से इस कार्यषाला का आयोजन किया गया। इसका उददेष्य विद्यार्थियों को न केवल औषधीय पौधें का महत्व बताना था। बल्कि उनका रोपण करने तथा संरक्षण करने हेतु प्रेरित करना भी था। इस अवसर पर इको क्लब के सदस्यों तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों द्वारा औषधीय पौधों का अवलोकन भी किया तथा रोजगार के क्षेत्र में संभावनाओं को भी जाना। सभी विद्यार्थियों को हरित आदते अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में प्राणि षास्त्र के विभागाध्यक्ष डाॅ. दिनेष वर्मा द्वारा लगभग 500 विद्यार्थियों को हरित प्रतिज्ञा दिलवाई गयी। प्रभारी प्राचार्य डाॅ. एन.एल.गुप्ता द्वारा  विद्यार्थियों को हरित आदते अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। सभी विद्यार्थी महाविद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुन्दर रखें। गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. जे. के. गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वप्रेरणा से आस-पास के पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए।
इस अवसर पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कैरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ के डाॅ. मधुसुदन चैबे,  वनस्पति षास्त्र, बायोटेक्नोलाॅजी, प्राणि षास्त्र, रसायन षास्त्र माइक्रबायलाॅजी, भूमि संरक्षण एवं जल प्रबंधन आदि विभागों से प्राध्यापक एवं छात्र- छात्राएॅ बडी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम के संचालन डाॅ. राजमलसिंह राव एवं आभार डाॅ. दरियावसिंह चैहान द्वारा व्यक्त किया गया।


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