बड़वानी~महिला नसबंदी से ज्यादा सरल है पुरूष नसबंदी~~

बड़वानी /पुरूष नसबंदी महिला नसबंदी की अपेक्षा अत्यंत सरल, शल्य चिकित्सा के माध्यम से होती है। जहां महिला नसबंदी के बाद महिलाओं को कुछ दिन आराम करना पड़ता है। वही पुरूष नसबंदी करवाने के चंद घंटे बाद ही पुरूष अपने घर जाकर दैनंदिनी के कार्य कर सकता है। अतः परिवार नियोजन हेतु अधिक से अधिक पुरूषों को आगे आकर अपना नसबंदी आपरेशन करवाना चाहिए।
बुधवार को जिला चिकित्सालय में आयोजित पुरूष नसबंदी कार्यशाला के दौरान उक्त बाते परिवार कल्याण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. सुरेखा जमरे ने कही। इस दौरान उपस्थित प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए विषय विशेषज्ञों ने बताया कि आज कई ऐसे साधन आ गये है, जिसका उपयोग पुरूष भी कर सरलता से परिवार नियोजन में अपना योगदान दे सकता है। इस दौरान डाॅक्टरों ने मीडिया बंधुओं के प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी उदाहरण एवं तकनीकी जानकारी देकर किया।
इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि शर्म एवं संकोच के कारण पुरूष चाहकर भी अपना आपेरशन नही करवाता इसका जीता जागता उदाहरण अभी तक हुए पुरूष नसबंदी के आंकड़े स्वयं बयां कर रहे है। इस वर्ष अभी तक मात्र 17 पुरूष नसबंदी आपरेशन हुए है। जबकि इस दौरान 4401 महिलाओं का आपरेशन कर बड़वानी प्रदेश में टाप स्थान पर विद्यमान है। अगर सभी पुरूष जनजागृति में अपना सहयोग दे तो हमारा जिला पुरूष नसबंदी में भी प्रदेश में सर्वोच्च स्थान पर आ सकता है।
बुधवार को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित मीडिया कार्यशाला के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अनिता सिंगारे ने कही।  कार्यशाला में जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. कीर्तिसिंह चैहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. सुरेखा जमरे, डाॅ. बीएस सैत्या, डाॅ. अविनाश बरफा सहित मीडिया बंधु उपस्थित थे।


Post A Comment:

0 comments: