*महाराष्ट्र सरकार कितने दिन चलेगी*~~

*शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण में यह चूक पड़ेगी भारी~( डाँ. अशोक शास्त्री )

          शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज कांग्रेस, एनसीपी के समर्थन से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक चर्चा में बताया है कि  यह शपथ ग्रहण शाम 6 बजकर 40 मिनट पर मुंबई के शिवजी पार्क में हुआ है। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उद्धव शिवसेना की ओर से राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री हो गए हैं। इनसे पहले मनोहर जोशी और नारायण राणे इस पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इससे पहले भी शिवसेना के जो मुख्यमंत्री हुए हैं वह भी गठबंधन की सरकार के मुखिया रहे हैं। ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि  अब देखना रोचक होगा कि उद्धव की गठजोड़ सरकार कहां तक साथ चल पाती है। राजीतिक विश्लेषकों में यह चर्चा का विषय है कि कहीं महाराष्ट्र दूसरा कर्नाटक ना बन जाए। आइए देखें ज्योतिषीय आकलन क्या कहता है, कितनी दूर साथ चलेगी उद्धव की यह तिकड़ी सरकार ।

-  शिवसेना और शपथ ग्रहण मुहूर्त
-  राजनीतिक षड्यंत्र विवश करेंगे  - -   -  सरकार दो वर्ष में गिर सकती है                      -  भारी पड़ेगा ‘पवार गेम’

*शिवसेना और शपथ ग्रहण मुहूर्त का गजब संयोग* डाँ. अशोक शास्त्री

          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक शिवसेना की स्थापना 19 जून 1966 को शाम 6 बजे वृश्चिक लग्न में हुई थी। इस पार्टी की कुंडली में विवाद स्थान यानी अष्टम भाव में बुध, सूर्य, चंद्र और गुरु का विलक्षण योग मौजूद है। वृश्चिक लग्न की शिवसेना की कुंडली के वाणी स्थान को इन चार ग्रहों के अतिरिक्त मंगल और शनि जैसे उग्र ग्रह भी देख रहे हैं। इस योग के प्रभाव से यह पार्टी अपने मुख-पत्र सामना और अपने नेताओं के आक्रामक बयानों से हमेशा मीडिया में सुर्खियां बटोरती रहती है। संयोगवश उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण कुंडली में भी लग्न से अष्टम भाव में चार ग्रहों का ऐसा ही योग बना है जो कि उनकी पार्टी शिवसेना की कुंडली में है। लेकिन गठबंधन सरकार की स्थापना का ऐसा मुहूर्त चुनकर उद्धव ठाकरे बड़ी भूल कर बैठे हैं ।

*दो वर्ष के भीतर सरकार पर आ सकता है संकट* ( डाँ अशोक शास्त्री )
          उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण कुंडली में वृषभ लग्न उदित हो रहा है जहां सभी ग्रह छठे, सातवें और आठवें घर में बैठे हुए हैं। ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि  ज्योतिष में छठा घर राजनीतिक प्रतिशोध, सातवां घर विरोधी पक्ष और आठवां घर राजनीतिक षड्यंत्र को दर्शाता है। शपथ ग्रहण कुंडली के छठे घर में बैठे मंगल और बुध उद्धव सरकार को विरोधाभासों से जूझने पर विवश करेंगे ।

*बस इतने दिन चल पाएगी तिकड़ी सरकार* ( डाँ अशोक शास्त्री )
          सप्तम भाव में बैठे सूर्य के कारण विरोधी पक्ष की ओर से कुछ महीनों के बाद ही किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का सामना करना पड़ सकता है। अष्टम भाव में बैठे शुभ और अशुभ ग्रह मिलाजुला फल देंगे। अष्टम भाव में स्थित गुरु और शुक्र की धन भाव पर दृष्टि के कारण उद्धव सरकार किसानों और मजदूरों के कल्याण के लिए तत्काल बड़ी धन राशि सरकारी योजनाओं पर खर्च करेगी। डाँ. अशोक शास्त्री बताया है कि इससे तात्कालिक राजनीतिक लाभ तो प्राप्त होगा लेकिन धन भाव में राहु पर अष्टम भाव से शनि की भी दृष्टि है इस कारण से सरकारी खजाने पर ऋण का बोझ बढ़ेगा। उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण कुंडली के अष्टम भाव में बैठे चन्द्रमा बालारिष्ट योग बना रहे हैं जिस कारण यह सरकार दो वर्ष में गिर सकती है।

*शरद पवार का ‘पवार गेम’ पड़ेगा उद्धव पर भारी* ( डाँ अशोक शास्त्री )
          27 जुलाई 1960 को सुबह कन्या लग्न में पैदा हुए उद्धव ठाकरे की कुंडली में सिंहासन स्थान यानी चतुर्थ भाव में गुरु और शनि का विलक्षण योग है। डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि  मुख्यमंत्री ठाकरे की कुंडली में दशम भाव में वर्गोत्तम बुध पर पड़ रही गुरु और शनि की सम्मिलित दृष्टि जहां एक ओर उनको कुछ ही महीनों में किसानों और समाज के कमजोर वर्ग का बड़ा समर्थन देगी तो वहीं शनि के कुप्रभाव के चलते अपने ही सहयोगियों कांग्रेस और एनसीपी से बड़े विवादों में उलझाएगी। शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के इस नए गठजोड़ के सूत्रधार शरद पवार की कुंडली वृश्चिक लग्न की है जहाँ चल रही अष्टमेश और लाभेश बुध की महादशा आगे चलकर बड़े विवादों के कारण इस सरकार को अस्थिर कर सकती है। डाँ. अशोक शास्त्री


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