झाबुआ~सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का आम तौर पर सभी ने किया स्वागत-नगर में शांति एवं सदभाव की मिसाल देखी गई~~


पुलिस एवं प्रशासन ने अनुकरणीय भूमिका का निर्वाह किया-नगर के प्रबुद्धजनों ने सकारात्मक राय प्रस्तुत कर फैसले को बताया सही~~ 


ह से हिन्दु और म से मुस्लिम दोनों मिल कर हिन्दुसन-डा. के.के. त्रिवेदी ~~


झाबुआ। संजय जैन~~

माननीय सर्वाच्च न्यायालय द्वारा  अयोध्या में रामजन्म भूमि एवं मंदिर निर्माण को लेकर शनिवार को दिये गये ऐतिहासिक फैसले को लेकर झाबुआ नगर में भी पूरी तरह लोगों की उत्कंठा बनी रही कि आखिर सुप्रिम कोर्ट का निर्णय क्या आयेगा...? सभी लोग टेलीविजन पर समाचार चेैनलों पर फैसले का इन्तजार करते हुए देखे गये। सुप्रिम कोर्ट के इस निर्णय के पूर्व ही जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा नगर में सभी बाजारों एवं चौराहों पर कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिये व्यापक इन्तजाम किये थे तथा जगह जगह पुलिस बल भी तैनात किया गया। नगर में सुप्रिम कोर्ट के फैसले के आने के बाद भी शांति,सदभावना एवं परस्पर भाईचारे की भावना दिखाई दी तथा कहीं पर भी कोई अप्रिय घटना या हलचल नही दिखाई्र दी। 


दिखाई दी सदभावना एवं भाईचारे की मिसाल....


माननीय न्यायालय के इस फैसलें का सभी वर्गो की ओर से स्वागत करते हुए देश, प्रदेश एवं नगर में शांति एवं भाईचारे की भावना का सन्देश दिया गया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यों की बेंच ने एकमत से अयोध्या मसले पर जो फैसला दिया उसका नगर की जनता से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। नगर मे जहां भी जाओं सिर्फ  राम मंदिर के निर्माण को लेकर पिछले लम्बे अर्से से जो लोगों की अपेक्षायें थी वे पूरी होती दिखाई दी। हमारी टीम ने नगर में भ्रमण किया तो सभी दूर सदभावना एवं भाईचारे की मिसाल दिखाई दी। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा एहतियाती तौर पर की गई व्यवस्था की भी प्रसंशा की जाना चाहिये कि उन्होने नगर में शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया । 


पुलिस अधीक्षक,जिला कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने नगर भ्रमण किया....... 


पुलिस अधीक्षक विनित जैन, जिला कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने भी नगर भ्रमण करके शांति व्यवस्था का निरीक्षण अवलोकन करते देखा गया। नगर में शांति एवं सदभाव के माहौल के साथ ही नगर में दुकाने भी खुली रही तथा बस स्टेंड,राजगढ नाके पर भी चहल पहल बनी देखी गई। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा माकुल इंतजाम किये गये थे तथा प्रशासकीय अधिकारी एवं कलेक्टर भी नगर में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहें ।


आचार्य श्री ऋषभचन्द्रसुरीजी की भविष्यवाणी सही साबित हुर्इ...


ज्योतिष समा्रट आचार्य श्री ऋषभचन्द्रसुरीजी मसा. द्वार 22 अक्टूम्बर को की गई भविष्यवाणी सही साबित हुई आचार्य श्री ने अपने पत्र 9 नवंबर के माध्यम से बताया कि हमने ग्रह नक्षत्रो की चाल पर आधारित राम मंदिर निर्माण की भविष्यवाणी 22 अक्टूम्बर को थी जो अक्षरस: सत्य साबित हुई है। राम मंदिर निर्माण का फैसला हिन्दूओ के पक्ष मे ही आया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जैन समाज हार्दिक स्वागत करता है। 125 करोड हिन्दूओ की जीत है ओर यह देश की जनता यह भी याद रखे कि विवादित ढॉचे को गिराने में दो जैन कोठारी बंधुओ की शहादत देने वाले हिन्दु जैन थे। 


ऐतिहासिक निर्णय बताया ...


माननीय सर्वोच्च न्यायालय के राम जन्म भूमि को लेकर दिये गये फैसलें का लेकर हमारी टीम ने नगर के प्रबुद्ध जनों, राजनेताओं, प्रबुद्धजनों की प्रतिक्रिया चाही तो सबने करीब करीब एक ही स्वर में कोर्ट के इस निर्णय की प्रसंशा करते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया..............

यह फैसला स्वागत योग्य है। हम सभी को मिल कर सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का सम्मान करते हुए इसका पालन करना चाहिये। देश एवं अंचल मे अमन एवं शांति बनी रहे तथा सभी लोग भाईचारे की मिसाल को कायम रखे ।


.........संासद-गुमानसिंह डामोर 

माननीय सर्वोच्च न्यायालय को यह फैसला प्रसंशनीय है । यह निर्णय देश के हित में हुआ है और हम सभी को मिल जुल कर सौहाद्र्रता के साथ इसका पालन करना चाहिये ।


..........झाबुआ विधायक-कांतिलाल भूरिया 

इस मुद्दे को लेकर जो भडकाउ बयान पहले जारी होते रहे है उस पर विराम लगा है। यह फैसला हिन्दु एवं मुस्लिम दोनों समाजों के लिये स्वागत योग्य है तथा इस निर्णय के बाद देश एवं अंचल में अमन एवं शांति के साथ भाई चारे की भावना बलवती होगी । माननीय सुप्रिम कोर्ट के इस निर्णय का सभी को स्वागत करना चाहिये।


......जोबट विधायक-सुश्री कलावती भूरिया 

यह फैसला सर्वहितकारी होकर देश की साम्प्रदायिक सौहाद्र्रता की दिशा में एक अच्छा अनुकरणीय कदम है ।भारत देश में अलग अलग जाति एवं संप्रदाय के लोग रहने के बाद भी राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रभक्ति के अनुकुल है । इस फैसले का सभी का पालन करना चाहिये तथा मुस्लिम भाईयों को भी मंदिर निर्माण में सहयोग करना चाहिये और हिन्दु भी मस्जिद के निर्माण में  उनकी मदद करें। यह फैसला भारतीय संस्कृति के अनुकुल होकर विभिन्न जाति के लोगों जो परस्पर मिल जुल कर एक गुलदस्ते की तरह रहते है।  ह से हिन्दु और म से मुस्लिम दोनों मिल कर हिन्दुस्तान कहते है। हम सभी इस फैसले का आत्मीय स्वागत करते है तथा देश में अमन और शांति तथा भाई चारा बनाये रखें ।


.......इतिहासकार एवं प्रसिद्ध विचारक-डा. के.के. त्रिवेदी 

न्यायालय का यह फैसला अन्तिम होकर  अभी तक मंदिर निर्माण में आरही अडचनों को समाप्त करेगा ।पूरे देश ने एक स्वर से इस फैसले का स्वागत किया है । ह मारे देश की न्याय व्यवस्था ने फिर से साबित कर दिया है कि  न्याय ही सर्वोच्च होता है । हम सब की इच्छा एवं भावना थी कि भगवान  श्रीराम का मंदिर जल्दी बने और माननीय न्यायालय के इस फैसलें को हमे स्वीकार करना चाहिये । देश में एकता अखंडता, भाईचारा, बना रहे इसके लिये हमे साथ साथ चलना होगा ।


.................पद्म श्री -महेशचन्द्र शर्मा

सर्वोच्च न्यायालय का जेन श्रीसंघ की ओर से आभार व्यक्त किया है ।इस फैसले से सत्य की विजय हुई है । पूरा हिन्दुस्तान जिस फैसले का इन्तजार कर रहा था वह अब साकार हो चुका है। करोडो करोड हिन्दु समाज की आस्था एवं समाजों की भावनायें इस फैसलें से बलवती हुई है । पूरे देश में शांति, प्रेम एवं सदभाव बना रहे यह  कामना की गई है ।


.........झाबुआ जेैन श्री संघ अध्यक्ष-संजय मेहता 

निर्णय का पालन किया जाना चाहिये तथा सभी को इस निर्णय का सम्मान करना चाहिये। देश में अमन, सुख शांति, ख्ुाशहाली एवं भाईचारा बनाने में प्रत्येक नागरिक को अपनी सार्थक भूमिका का निर्वाह करना चाहिये। पुनश्च माननीय स्रुप्रिम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते है।


......झाबुआ जिला कांग्रेस अध्यक्ष-निर्मल मेहता

माननीय न्यायालय का यह फैसला सर्वमान्य है। इस्लाम धर्म में भी यह मान्यता है कि किसी भी धर्म को ठेस पहुचाकर हम कोई काम नही कर सकते है। मुस्लिम वर्ग फैसले के साथ है ओर मंदिर निर्माण में सहयोग के लिये हम लोग भी सहयोग करेंगे। कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुये देश ओर सुबे में अमन चेन बनाए रखने की अपील करता हूॅ। 


.......झाबुआ पार्षद-रशीद कुरैशी 

सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है उसका हम स्वागत करते है। यह फैसला देश हित मे है। इसका स्वागत किया जाना चाहिये। 


.........वरिष्ठ नागरीक-नुरूद्दीन भाई पिटोवाला


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