।।  *सुप्रभातम्*  ।।
               ।।  *संस्था  जय  हो*  ।।
        ।।  *दैनिक  राशि  -  फल*  ।।
        आज दिनांक 08 दिसंबर 2019 रविवार संवत् 2076 मास मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि प्रातः 08:31 बजे तक रहेगी उपरांत द्वादशी तिथि लगेगी । आज सूर्योदय प्रातः काल 07:03 बजे एवं सूर्यास्त सायं 05:34 बजे होगा । अश्विनी नक्षत्र मध्य रात्रि पश्चात 03:29 बजे तक रहेंगा पश्चात भरणी नक्षत्र आरंभ होगा ।आज का चंद्रमा मेष राशि में दिन रात भ्रमण करते रहेंगे । आज का राहू काल सायं 04:14 से 05:34 बजे तक रहेंगा । दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेंगा यदि आवश्यक हो तो दलिया का सेवन कर यात्रा आरंभ करें । जय हो

                  -:  *विशेष*  :-

मोक्षदा एकादशी आज, व्रत करने से खुलता है मोक्ष का द्वार
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आज यानी 8 दिसंबर को मोक्षदायिनी एकादशी मनाई जाएगी। मार्गशीर्ष महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी को मोक्षदायिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। मोक्षदा एकादशी का धार्मिक महत्व पितरों को मोक्ष दिलानेवाली एकादशी के रूप में भी है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्रती के साथ ही उसके पितरों के लिए भी मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं।

मोक्षदा एकादशी की पौराणिक कथा
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मोक्षदा एकादशी की पौराणिक कथा कुछ इस प्रकार है। एक समय की बात है गोकुल नगर पर वैखानस नाम के राजा राज किया करते थे। ये बहुत ही धार्मिक प्रकृति के राजा थे। प्रजा भी सुखचैन से अपने दिन बिता रही थी। राज्य में किसी भी तरह का कोई संकट नहीं था। एक दिन क्या हुआ कि राजा वैखानस अपने शयनकक्ष में आराम फरमा रहे थे। तभी क्या हुआ कि उन्होंने एक विचित्र स्वप्न देखा जिसमें वे देख रहे हैं कि उनके पिता (जो मृत्यु को प्राप्त हो चुके थे) नरक में बहुत कष्टों को झेल रहे हैं। अपने पिता को इन कष्टों में देखकर राजा बेचैन हो गये और उनकी निंद्रा भंग हो गई। अपने स्वप्न के बारे में रात भर राजा विचार करते रहे लेकिन कुछ समझ नहीं आया। तब उन्होंने प्रात: ही ब्राह्मणों को बुलवा भेजा। ब्राह्मणों के आने पर राजा ने उन्हें अपने स्वप्न से अवगत करवाया। ब्राह्मणों को राजा के स्वप्न से यह तो आभास हुआ कि उनके पिता को मृत्युपर्यन्त कष्ट झेलने पड़ रहे हैं लेकिन इनसे वे कैसे मुक्त हो सकते हैं इस बारे में कोई उपाय सुझाने में अपनी असमर्थता जताई। उन्होंने राजा वैसानख को सुझाव दिया। आपकी इस शंका का समाधान पर्वत नामक मुनि कर सकते हैं। वे बहुत पहुंचे हुए मुनि हैं। इसलिए आप अतिशीघ्र उनके पास जाकर इसका उद्धार पूछें। अब राजा वैसानख ने वैसा ही किया और अपनी शंका को लेकर पर्वत मुनि के आश्रम में पहुंच गये। मुनि ने राजा के स्वप्न की बात सुनी तो वे भी एक बार तो अनिष्ट के डर से चिंतित हुए। फिर उन्होंने अपनी योग दृष्टि से राजा के पिता को देखा। वे सचमुच नरक में पीड़ाओं को झेल रहे थे। उन्हें इसका कारण भी भान हो गया। तब उन्होंनें राजा से कहा कि हे राजन आपके पिता को अपने पूर्वजन्म पापकर्मों की सजा काटनी पड़ रही है। उन्होंने सौतेली स्त्री के वश में होकर दूसरी स्त्री को सम्मान नहीं दिया, उन्होंने रतिदान का निषेध किया था। तब राजा ने उनसे पूछा हे मुनिवर मेरे पिता को इससे छुटकारा कैसे मिल सकता है। तब पर्वत मुनि ने उनसे कहा कि राजन यदि आप मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी का विधिनुसार व्रत करें और उसके पुण्य को अपने पिता को दान कर दें तो उन्हें मोक्ष मिल सकता है। राजा ने ऐसा ही किया। विधिपूर्वक मार्गशीर्ष एकादशी का व्रत कर उसके पुण्य को अपने पिता को दान करते ही आकाश से मंगल गान होने लगा। राजा ने प्रत्यक्ष देखा कि उसके पिता बैकुंठ में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हे पुत्र मैं कुछ समय स्वर्ग का सुख भोगकर मोक्ष को प्राप्त हो जाऊंगा। यह सब तुम्हारे उपवास से संभव हुआ, तुमने नारकीय जीवन से मुझे छुटकारा दिला कर सच्चे अर्थों में पुत्र होने का धर्म निभाया है। तुम्हारा कल्याण हो पुत्र।
राजा द्वारा एकादशी का व्रत रखने से उसके पिता के पापों का क्षय हुआ और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई इसी कारण इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहा गया। चूंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गीता का उपदेश भी दिया था इसलिये यह एकादशी और भी अधिक शुभ फलदायी हो जाती है।

होती है पुण्य की प्राप्ति
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पौराणिक ग्रंथों में मोक्षदा एकादशी को बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन तुलसी की मंजरी, धूप-दीप नैवेद्य आदि से भगवान दामोदर का पूजन करने, उपवास रखने व रात्रि में जागरण कर श्री हरि का कीर्तन करने से महापाप का भी नाश हो जाता है। यह एकादशी मुक्तिदायिनी तो है ही साथ ही इसे समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली भी माना जाता है। मान्यता है कि मोक्षदा एकादशी व्रतकथा पढऩे-सुनने मात्र से ही वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।

मोक्षदा एकादशी का श्रीकृष्‍ण से है संबंध:-
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पद्मपुराण में वर्णित है कि भगवान श्री कृष्‍ण धर्मराज युधिष्ठिर को इस दिन का महत्‍व समझाते हैं। वह बताते हैं कि यह मोक्षदा एकादशी बहुत ही पुण्‍य फलों वाली है। इस दिन सच्‍चे मन से पूजा-आराधना करने से व्‍यक्ति के सभी पापों का नाश हो जाता है।
इसके अलावा यह भी जिक्र मिलता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। कथा मिलती है कि जब द्वापर युग में महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन अपने सगे- संबंधियों पर बाण चलाने से घबराने लगे तब श्रीकृष्ण ने उन्हें जीवन, आत्मा और कर्तव्य के बारे में विस्तार से समझाया था। इसलिए इस दिन को गीता जयंती के नाम से भी जानते हैं।

मोक्षदा एकादशी व्रत और पूजन:-
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मोक्षदा एकादशी के व्रत की विधि बहुत सरल है। इस दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर घर के मंदिर की सफाई करें और पूरे घर में गंगाजल छिड़कें।
– इसके बाद पूजाघर में भगवान को गंगाजल से स्नान कराएं या उनकी तस्वीर पर गंगाजल के छींटे दें। उन्हें वस्त्र अर्पित करें। जय हो

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी) धार, एम.पी.
                  मो. नं.  9425491351

                   *आज का राशि फल* 

          मेष :~ स्फूर्तिली ताजगीपूर्ण सुबह से दिन का आरंभ करेंगे। घर में मित्रों और सगे- सम्बंधियों के आवागमन से खुशीयाली का माहौल रहेगा। उनकी तरफ से मिली हुई आकस्मिक भेंट आपको खुश कर देगी।  आज आर्थिक लाभ मिलने की भी संभावना है। प्रवास की तैयारी रखें। नये कार्य शुरू कर सकते हैं।

          वृषभ :~ आज किसी भी प्रकार के अविचारी कदम या निर्णय लेने से पहले संभले । किसी के साथ गलतफहमी होने की संभावना हैं। खराब तबीयत आपके मन को भी उदास बनाएगी। परिवार में स्नेहियों का विरोध मतभेद खड़ा करेंगे जिससे ग्लानि होगी। परिश्रम का उचित मुआवजा न प्राप्त करने के कारण निराशा महसूस करेंगे। 

          मिथुन :~ समाज में मान- प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों की तरफ से लाभ भी होगा और उनके पीछे पैसे भी खर्च करेंगे। सुंदर जगह पर पर्यटन का आयोजन पूरे दिन को हर्षोल्लासपूर्ण बना देगा। जीवनसाथी की खोज में होंगे तो आज उसके लिए अनुकूल दिन है।

          कर्क :~ नौकरी व्यवसाय के क्षेत्र में उच्च पदाधिकारियों के प्रोत्साहन से आपका उत्साह दुगुना होगा। वेतन वृद्धि या पदोन्नति का समाचार मिले तो कोई आश्चर्य नहीं है। माता तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अधिक निकटता रहेगी। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होने से खुश रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सरकारी कार्यों में अनुकूलता रहेगी।

          सिंह :~ आलस, थकान और ऊबन आपके कार्य करने की गति कम कर देंगे। पेट सम्बंधी शिकायत अस्वस्थता का अनुभव कराएँगी। नौकरी व्यवसाय में विघ्न संतोषियों की बाधकता प्रगति में बाधक बनेगी। उच्च पदाधिकारियों से आज दूर रहने में ही भलाई है। क्रोध को वश में रखें ।

          कन्या :~ मन और संयम को आज के दिन को मंत्र बनाए, क्योंकि स्वभाव की उग्रता किसी के साथ मनमुटाव कराएगी । हितशत्रु विघ्न उपस्थित करेंगे। इसलिए सचेत रहें। नए कार्य की शुरुआत स्थगित रखें। जलाशय से दूर रहें । अत्यधिक खर्च  होगा। गूढ़ विद्याओं और रहस्यमय बातों में रुचि जगेगी।

          तुला :~ दैनिक कार्यों के बोझ से हल्का होने के लिए आज आप पार्टी, सिनेमा, नाटक या पर्यटन का आयोजन करेंगे और मित्रों को आमंत्रित करेंगे। नए वस्त्रालंकार खरीदने या परिधान बनाने का अवसर आएगा। सार्वजनिक मान- सम्मान के अधिकारी बनेंगे। जीवनसाथी के उष्मापूर्ण सानिध्य का जी भरकर आनंद उठाएँगे ।

          वृश्चिक :~ आज के दिन कुछ आकस्मिक घटनाएँ घटेंगी। पूर्व निर्धारित मुलाकातें रद्द होने से हताशा और क्रोध होंगा। आपके हाथ में आए हुए अवसर हाथ में से सरकते हुए प्रतीत होंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ मतभेद होंगे। ननिहाल पक्ष से कोई समाचार मिलने से मन व्यग्र होगा। विरोधी प्रतिस्पर्धियों से संभले ।

          धनु :~ संतानों के स्वास्थ्य और पढ़ाई के बारे में चिंता से मन व्यग्र रहेगा। पेट सम्बंधी बीमारियाँ परेशान करेंगी। कार्य की असफलता आपके अंदर हताशा लाएगी। गुस्से को वश में रखें । साहित्य, लेखन तथा कला के प्रति गहरी रुचि रखेंगे। प्रियजन के साथ की मुलाकात रोमांचक बनी रहेगी। वाद-विवाद तथा चर्चा में न उतरें।

          मकर :~ ताजगी एवं स्फूर्ति के अभाव से अस्वस्थता अनुभव होगा। मन में चिंता की भावना रहेगी। परिवार के सदस्यों के साथ अनबन या तकरार होने से मन में खिन्नता रहेगी । समय से भोजन और शांत निद्रा से वंचित रहना पड़ेगा। स्त्री वर्ग से कोई नुकसान होगा अथवा उनके साथ किसी कारण से तकरार होगा।

          कुंभ :~ आज आपका मन चिंता मुक्त होने से राहत महसूस करेंगे और आपके उत्साह में भी वृद्धि होगी। बुजुर्गों और मित्रों की तरफ से लाभ की अपेक्षा रख सकते हैं। स्नेहमिलन या प्रवास के माध्यम से मित्रों एवं स्वजनों के साथ आनंदपूर्वक समय व्यतीत करने का मौका मिलेगा। आर्थिक लाभ और सामाजिक मान प्रतिष्ठा के अधिकारी बनेंगे।

          मीन :~ आर्थिक आयोजन करने के लिए आज शुभ दिन है। निर्धारित कार्य पूरे होंगे। आय बढ़ेगी। परिवार में सुख- शांति का वातावरण बना रहेगा। सुरुचिपूर्ण भोजन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा मन की स्वस्थता आप बनाए रख सकेंगे। ( डाँ. अशोक शास्त्री )

।।  शुभम्  भवतु  ।।  जय  सियाराम  ।।
।।  जय  श्री  कृष्ण  ।।  जय  गुरुदेव  ।।


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