देवास ~खातेगांव की एसबीआई के सामने 2 वर्ष पहले घटित घटना~~

जिला सहकारी केन्दीय बैंक के कर्मचारियों से 25 लाख की लुट
के आरोपियों को 10-10 वर्ष का कारावास~~

25 -25  हजार रूपये के अर्थदंड से किया दंडित~~

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय मनोज तिवारी ने सुनाया फैसला~~

अनिल उपाध्याय खातेगांव~~

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा खातेगांव के कर्मचारी एसबीआई बैक शाखा से एक झोले में 25.लाख रुपए लेकर जब वापस सहकारी बैंक लौटने के लिए कार में सवार हुए  !उसी दौरान कुछ  युवकों ने एक बच्ची को आगे कर झोला छीन कर भागे, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस एवं नागरिकों की मदद से आरोपियों को धर दबोचा और उनके कब्जे से नोट सहित झोला बरामद कर आरोपियो को हिरासत में ले लिया !यह पूरा घटनाक्रम आज से 2 वर्ष पूर्व 30 दिसंबर 2017 का दोपहर 11:30 बजे का था! पुलिस ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारी रामकृष्ण पंवार एवं गोपाल ब्यास की रिपोर्ट पर पुलिस ने लूट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों सहित मामले को न्यायालय में  पेश किया 2 साल तक चले प्रकरण में शुक्रवार को अपर जिला एंव  सत्र न्यायाधीश माननीय मनोज तिवारी ने आरोपी रुपेश एवं संग्राम सिंह को दोषी मानते हुए  10 -10 साल का कारावास एवं 25 -25 हजार रूपये  के अर्थदंड से दंडित किया! शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ राजकुमार यादव ने की!

घटना का विवरण इस प्रकार है!
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आज से 2 वर्ष पूर्व 20/12/ 2017 के 11:35 की घटना इसी दिन की,इसी दिनांक को 3 बजे रामकृष्ण ने अपने साथी गोपाल व्यास के साथ आरक्षित केंद्र खातेगांव पर पहुचकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई ,जिसके आधार पर इस साक्षी केंद्र पर पदस्थ उप निरीक्षक सोनल सिसोदिया ने अपराध क्रमांक1290/2017 धारा सहपाठी धारा ज्योतिष के आरोप में आरोपी रितिक ,अनन्या  ,संग्राम व रुपेश के विरुद्ध पंजीकृत किया था !अभियोजन अनुसार गोपाल व्यास उपस्थित होकर रामकृष्ण प्रथम सूचना लेकर दर्ज की व जिला सहकारी बैंक शाखा खातेगांव में समिति प्रबंधक के पद पर कार्यरत राजेंद्र सिंह राजावत ने गोपाल व्यास रामकृष्ण पवार को शाखा की सिलक लेने एसबीआई बैंक खातेगांव  के सामने कार गाड़ी बैंक के सामने खड़ी कर बैंक में अंदर जाकर सिलक 25 लाख रुपए  हरे रंग के चैन वाले झूले में रखकर गाड़ी में रखे और छोले के पास गोपाल व्यास बैठे थे! इसके पूर्व गाड़ी के पास 9 ,10 वर्ष की छोटी लड़की स्कूल यूनिफॉर्म पहने तथा एक मोटासा व्यक्ति एक लड़का और आरोपियों ने गोपाल व्यास से बैग छीन कर भाग गए बैंक कर्मचारी  पीछे दौड़े  पुलिस और जनता के सहयोग से घेराबंदी कर इन लोगों को न्यायालय परिसर में ही पकड़ लिया गया था
दोनों आरोपियों ने विधि विरुद्ध किशोर ऋतिक व विधि विरुद्ध किशोर बालिका अनन्या को षड्यंत्र में शामिल करते हुए उन्हें स्कूल ड्रेस पहनाई तथा खातेगांव आकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा खातेगांव के आसपास रेकी की एवं विधि विरुद्ध किशोर ऋतिक व अनन्य के माध्यम से 25लाख रुपए की लूट कार्य करवाया और इस प्रकार उन्हें इस लूट का अपराधिक षड्यंत्र कार्य किया गया था।
दिसंबर 2017 को दोषी पाए गए दोनों वयस्क आरोपियों रुपेश ,संग्राम ने अपने साथीराना मस्तिष्क का उपयोग कर दो  अवयस्क विधि विरुद्ध किशोर ऋतिक व अन्य बालिका इस लूट की घटना कार्य करने के लिए प्रत्यक्ष रूप से शामिल किया जिससे की पकडे जाने पर यह दोनों वयस्क आरोपी बचने के लिए तथा दोनों किशोरी को किशोर न्याय अधिनियम का लाभ मिल जाए इस प्रकार के शातिर वयस्क आरोपियों देश के गरीब अवयस्क बालकों को अपराध करने को प्रेरित करते हैं !और स्वयं भी इस अपराध करवाकर पर्दे के पीछे रहते हुए अपने को बचाए रखते हैं इस परिस्थितियों में पूर्व का कोई अपराध अभिलेख नहीं होते हुए भी इसके साथ ठंड के प्रश्न पर नरमी वतना जाना समाज के लिए बिल्कुल सही नहीं समस्त  परिस्थितियों को देखते हुए, दोषी पाए गए आरोपी रूपेश पिता हरिप्रसाद उम्र 40 वर्ष व संग्राम सिंह पिता  शंकरलाल  उम्र 25 वर्ष  निवासी मडिया  थाना बीडा  जिला राजगढ़ को 10- 10 साल  के कारावास एवं 25 -25हजार रूपये  के अर्थदंड से दंडित दंड से दंडित किया गया!


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