बड़वानी~केन्द्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बड़वानी केम्प के दौरान 623  प्रकरणो की कि सुनवाई~~

बड़वानी /बड़वानी में लगे केन्द्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पीठ के समक्ष 623 प्रकरण प्रस्तुत किये गये । जिनमें केन्द्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री प्रियंक कानूनगो एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्री द्रविन्द्र मोरे एवं श्री आशीष कपूर ने सुनवाई कर आवश्यक निर्देश स्थानीय विभागो के पदाधिकारियो को दिये । इस दौरान पीठ के सदस्यो ने जहाॅ दिव्यांगो को मौके पर ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत लाभान्वित करवाया वही अंजड़ के पास्को एक्ट के प्रकरण में दोषी पर एफआईआर करवाने, बाल श्रम की बंद पाई गई दो शालाओं के संचालनकर्ताओं पर कठौर कार्यवाही करवाने के भी निर्देश संबंधित विभागो के पदाधिकारियो को दिये । आयोग की इस कार्यवाही के दौरान कलेक्टर श्री अमित तोमर, पुलिस अधीक्षक श्री डीआर तेनीवार, जिला पंचायत सीईओ श्री मनोज सरियाम सहित अन्य विभागो के जिला अधिकारी, दूर-दराज क्षेत्रो से आये आवेदक उपस्थित थे ।
अस्थाई टिन शेड़ पुर्नवास स्थल पाटी नाका बड़वानी में बच्चो को उपलब्ध कराई जायेगी आंगनवाड़ी सेवाऐ
बड़वानी में लगे केन्द्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पीठ के समक्ष पाटी नाका बड़वानी में चल रहे अस्थाई पुर्नवास टिन शेड  के रहवासियो ने उपस्थित होकर बताया कि सरदार सरोवर की डूब से प्रभावित होने के लिये उन्हें अस्थाई रूप से इस स्थल पर रूकवाया गया है। किन्तु टिन शेड स्थल पर आंगनवाड़ी केन्द संचालित नही होने के कारण उनके छोटे - छोटे बच्चो को पोषण आहार प्राप्त करने में परेशानी आ रही है। इस पर आयोग के अध्यक्ष श्री प्रियंक कानूनगो ने मौके पर ही उपस्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सुनिल सोलंकी को निर्देशित किया कि वे सोमवार से ही पुर्नवास स्थल पर आंगनवाड़ी केन्द्र में मिलने वाली सुविधाऐं बच्चो को दिलवाना सुनिश्चित करेंगे।
दिव्यांग बच्चे को दिलवाई व्हील चेयर
शिविर के दौरान अंजड़ के रहवासी दम्पति श्री मोहन बड़वाईयाॅ ने अपनी पत्नी एवं दिव्यांग बच्चे के साथ आकर बताया कि उनके 6 बच्चे है। इसमें से एक मात्र पुत्र है वह भी दिव्यांग है। मजदूरी कर परिवार का गुजर - बसर करने के कारण वे अपने दिव्यांग पुत्र को व्हील चेयर नही दिलवा पा रहे है। अगर उसे व्हील चेयर मिल जाये तो उसे शाम को घूमाना सरल हो जायेगा। इस पर आयोग के अध्यक्ष श्री प्रियंक कानूनगो ने मौके पर ही सामाजिक न्याय विभाग से व्हील चेयर मंगाकर दिव्यांग बालक पूनमचन्द्र को वितरित की।
आयोग के अध्यक्ष के अपनत्व भरे व्यवहार से दिव्यांग मोहित हुआ गदगद
बड़वानी में लगे केन्द्रीय बाल संरक्षण आयोग की पीठ में उपस्थित आयोग के अध्यक्ष श्री प्रियंक कानूनगो के अपनत्व भरे व्यवहार से कक्षा 5वी में पढ़ने वाला दिव्यांग मोहित कालूसिंग भी प्रभावित हुये बिना नही रह पाया । वह शिविर में अपने पिता श्री कालूसिंह पांचाल एवं अपनी माॅ श्रीमती अन्नूबाई के साथ,  अपनी पेंशन स्वीकृत कराने हेतु आया था । छात्र के जज्बे से प्रभावित होकर आयोग के अध्यक्ष ने जहाॅ मौके पर ही नगर पालिका सीएमओ बड़वानी के माध्यम से उसकी दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कराकर संबंधित दस्तावेज बालक को सौपा, वही उसे व्हील चेयर भी सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से मंगाकर वितरित की । इस पर बालक के द्वारा यह करने पर कि उसकी कक्षा तक वह व्हील चेयर से कैसे जायेगा, इस पर आयोग के अध्यक्ष ने नगर पालिका सीएमओ श्री कुलशसिंह डोडवे को निर्देशित किया कि सोमवार को स्वयं छात्र मोहित के दशहरा मैदान स्कूल क्रमांक 9 का निरीक्षण करेंगे और ऐसी व्यवस्था करायेगे, जिससे छात्र अपनी व्हील चेयर के साथ सीधे अपनी कक्षा में प्रवेश कर सके ।
बाल श्रम की बंद पाई गई स्कूल पर होगी कार्यवाही
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री प्रियंक कानूनगो ने सुनवाई के दौरान अपने सदस्य श्री आशीष कपूर को भेजकर, नगर के तीरगोला एवं नवलपूरा मोहल्ले में संचालित बाल श्रम विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण भी करवाया । निरीक्षण के दौरान उक्त दोनो स्कूल बंद पाई जाने पर उन्होने स्कूल के संचालनकर्ताओं के विरूद्ध कठौर कार्यवाही करने के भी निर्देश जिला प्रशासन को दिये ।
मीडिया को दी आयोग की गतिविधियो की जानकारी
कार्यक्रम के पश्चात् मीडिया से चर्चा करते हुये आयोग के अध्यक्ष श्री प्रियंक कानूनगो ने बताया कि नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी जिलो में वे पीठ का आयोजन कर बालको से संबंधित प्रकरणो, आवेदनो की सुनवाई कर रहे है। अभी तक देश में लगाये गये विभिन्न पीठो के दौरान 22 हजार से अधिक आवेदनो में उनके द्वारा सुनवाई की गई है। बड़वानी में लगाये गये पीठ के दौरान प्राप्त 623 आवेदनो में सुनवाई करते हुये 30 दिव्यांगो को मेडिकल प्रमाण पत्र, 3 दिव्यांगो को व्हील चेयर, 10 दिव्यांगो को इन्दौर भेजकर उनके जाॅच की व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधितो को दिये गये है। साथ ही उन्होने बताया कि बड़वानी में लगाये गये पीठ के सामने बहुत से ऐसे दिव्यांग बच्चे जिनके माता - पिता नही है, उनके लिगल गार्जियनशीप के आवेदन प्राप्त हुये है । इन आवेदनो को आशाग्राम में संचालित जिला दिव्यांग पुर्नवास केन्द्र के पास भेजकर निराकृत कराने  के निर्देश दिये गये है।


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