खिलेडी~~स्थानीय सेवा सहकारी समिति के ई उपार्जन केन्द्र को पुनः प्रारंभ करवाने के लिये स्थानीय ग्रामिणो का एक प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर के साथ अन्य अधिकारीयो से मिलकर मांग पत्र सोंपा~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

वर्ष 2013-14 में खिलेडी ई उपार्जन केन्द्र प्रारंभ हुआ था लगातार चार वर्षो तक संस्था ने सात गांव के किसानो से गेंहु की खरीदी की,परंतु बीते वर्ष 18-19 में साफटवेयर में तकनीकी त्रुटी के कारण जिले की दो संस्थाओ का नाम कट गया था इसमें गुजरी संस्था के साथ खिलेडी संस्था भी थी। बीते वर्ष किसानो के गेंहु बिक्री के लिये पंजीयन तो खिलेडी संस्था में ही हुवा परंतु उपार्जन केन्द्र का नाम कट जाने से किसानो को कडौदकलां व दसाई जाकर गेंहु विक्रय करना पडे थे। इसमें किसानो को खासा परेशान होना पडा था। 

बुधवार को खिलेडी के कांग्रेस नेता इंदरसिंह पवांर,पूर्व सरपंच दिलीप पाटीदार, मेहरबानसिंह मोरी, गोवर्धन सिंह डोडिया आदि ने विधायक राजवर्धनसिंह दत्तीगांव को समस्या से अवगत कराया। विधायक ने संस्था व किसानो द्वारा उपार्जन केन्द्र पुनः प्रारंभ किये जाने की मांग पर त्वरीत कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की। किसानो ने कलेक्टर के अलावा जिला सहकारी केन्द्रीय बेंक के महाप्रबंधक, जिला आपूर्ती एवं खाद्य विभाग, सहकारिता उपायुक्त धार को भी मांग पत्र देकर उपार्जन केन्द्र प्रारंभ किये जाने की मांग की।

इधर खिलेडी संस्था ने भी अपनी वार्षिक साधारण सभा में उपार्जन केन्द्र पूनः प्रारंभ किये जाने का ठहराव प्रस्ताव पारित किया है। इसमें स्थानीय पंचायत ने भी अनापत्ती प्रमाण पत्र देकर चालु किये जाने का समर्थन किया है। प्रबंधक दुलेसिंह गोयल ने बताया की खिलेडी संस्था में सात गांव जुडे हुवे है इसमें 1 हजार 4सो सदस्य पंजीकृत है सभी सदस्यो का गेंहु खिलेडी में ही क्रय किया जाता है। बीते वर्ष तकनिकी त्रूटि के कारण संस्था का नाम ई उपार्जन सुची में नही था जिससे किसानो को खासी दिक्कत का सामना करना पडा था। इस बार रासायिनक व उर्वरक खाद की बिक्री से अनुमान लग रहा है कि लगभग 70 प्रतिषत रकबा गेंहु का है।


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