दसई~~बढ़ते अपराध और उसकी रोकथाम के उपायों के प्रति जनचेतना जागृत करने के लिए दसई में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

मुख्य अतिथि अपर सत्र न्यायाधीश राजाराम बड़ोदिया धार थे।आयोजन में स्कूली छात्राएं,
शिक्षक ,गणमान्य नागरिक, पत्रकार उपस्थित थे।

आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया । स्वागत भाषण एवं शिविर की विस्तृत जानकारी पैरालीगल वालंटियर अर्जुन हाड़ा एवं योगेश मालवीय ने दी।

दसई पुलिस चौकी प्रभारी आकाश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा की आप किसी भी उत्पीड़न से पीड़ित ना रहे। अगर आपके साथ कुछ गलत होता है तो आप इसकी जानकारी माता-पिता नहीं तो कम से कम स्कूल में मैडम को अवश्य देवें, ताकि समस्या का समाधान हो सके ।गरीब वर्ग की होनहार बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए आकाश सिंह ने एक प्रतियोगिता आयोजित करने की आवश्यकता जताई और प्रथम , द्वितीय और तृतीय आने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्वयं द्वारा गोद लिए जाने की बात कही, जिसका सभी ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

धार नगर सुरक्षा समिति प्रमुख गोपाल दुबे ने अपराधों की मूल वजह बताते हुए कहा की यह सब जल्दबाजी में लिए गए अविवेक पूर्ण निर्णय से होता है जिस को अंजाम देने के बाद व्यक्ति पछताता है। इसलिए जब भी आवेश आए तब मन पर नियंत्रण करो तो अपराध अपने आप थक जाएगा। नारी उत्पीड़न सहित अनेक विषयों पर भी श्री दुबे ने उसी गहराई में जाकर मंथन करने की आवश्यकता जताई ।पैरालीगल वालंटियर सलोनी राठौड़ ने भी अपने बेबाक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाल विवाह को अभिशाप की तरह मानते हुए इसे रोके जाना चाहिए।

मुख्य अतिथि अपर सत्र न्यायाधीश राजाराम बडोदिया ने कहा कि आपको अपने अधिकार और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है तभी अपराध रुक सकेंगे। बालिकाओं को समझाइश देते हुए आपने कहा की जीवन में अगर आगे बढ़ना है तो अपनी क्षमताओं, पारिवारिक स्थिति और अन्य परिस्थितियों को मद्देनजर रखकर लक्ष्य तय करें । जब तक आप लक्ष्य तय नहीं करोगे कोई सार्थक परिणाम तक नहीं पहुंच पाओगे । आपने शासकीय संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज, गीत का आदर करने और देश की एकता अखंडता को अक्षुण्ण रखने के प्रति सजग रहने की बात कही ।बड़ोदिया ने कहा कि विधिक साक्षरता द्वारा कानूनी विवादों से संबंधित प्रकरणों में निशुल्क मदद की जा कर सुलभ न्याय मुहैया करवाया जा रहा है। आप भी इसमें सहभागिता कर पीड़ितों की सेवा कर सकते हैं।

विद्यालय की प्राचार्य नीलम दुबे द्वारा विद्यालय की छात्राओं के पालकों द्वारा शराब सेवन करने और उससे उपजी परिस्थितियों में छात्रों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही तो न्यायाधीश महोदय ने इसको समझाईश शिविर के माध्यम से सुलझाने की बात कही । कार्यक्रम का संचालन मुकेश पाटीदार ,एडवोकेट ने किया और आभार शिक्षक गणेश भाटी ने माना।


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