*अलीराजपुर~आदिवासी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने डॉ. नरेंद्र भयड़िया के नेतृत्व में सौपे ज्ञापन*~~

✍🏻जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट ✍🏻
अलीराजपुर 📲9993116518~~

अलीराजपुर:- रविवार प्रातः 09 बजे अलीराजपुर स्थित टंट्या मामा मुर्ति स्थल पर आदिवासी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एकत्रित हुवे जहाँ टंट्या मामा की पूजा अर्चना कर वर्तमान मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनट द्वारा 27/11/19 को  लिए  गये भूमि डायवर्सन के निर्णय को आदिवासीयो के विरुद्ध बताया ।  देश के विभिन्न राज्यों में काम करने वाले सामाजिक संगठनों द्वारा एक संयुक्त निर्णय लिया गया कि दिनांक 30/11/19 से दिनांक 05/12/19 तक सभी संगठन अपने अपने क्षेत्रों में  जनप्रतिनिधियों ओर जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन देंगे। उसी कड़ी में कल  इंदौर सँभाग में 20 से अधिक जगहों पर ज्ञापन दिए गए।  वही अलीराजपुर में भाबरा एव  जिला मुख्यालय  पर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।  आज जनप्रतिनिधियों को दिया गया , ये ज्ञापन केवल मध्यप्रदेश में ही नही अपितु गुजरात, राजस्थान महाराष्ट्र ,छतीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में दिया जा रहा है। जब सामाजिक दबाव बनाया गया तो प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है, किंतु आदिवासी युवाओं में आज भी ये सवाल है कि आजादी के समय भारत के आदिवासीयो के पास 65% जमीन थी ओर वर्तमान समय मे भारत के मूलमालिको के पास 30% से भी कम जमीन बची है। आखिर ये जमीन गई कहा? ये एक बड़ा सवाल है । साथ ही  संगठन के पदाधिकारियों ने वर्तमान  कांग्रेस सरकार  के बारे में कहा जो सरकार आदिवासियो के दम पर सरकार में बैठी है ,वो अपने हाथों से उस पेड़ की डाल  को ही काट रही है जिस पर वो बैठी है । सरकार को अपने वादे पूरे करना चाहिए जो वो विधानसभा चुनाव के दौरान लेकर आई थी न कि आदिवासियो के विरुद्ध काम करने की अब युवा जाग चुका है किसी भी दम पर  अपनी जमीन गैर आदिवासियों के नाम नही होने देंगे।  साथ ही वर्तमान समय मे अलीराजपुर जिले के नगर/कस्बो के आसपास गैर  आदिवासी रसुखदारो द्वारा  बड़े पैमाने पर अपने नोकरो के नाम पर  सस्ते दामो पर जमीन ले रखी है , ओर महंगे दामों में बेचा जा रहा है । इसकी जानकारी संगठन अपने पास ले चुका है और कुछ बाकी है, जिसे R.T .I. (सूचना का  अधिकार अधिनियम) के माध्यम से प्राप्त कर आने वाले समय मे संगठन एक बड़ा आंदोलन करेगा। जिनके नाम पर जमीन है उनके आय के साधन का माध्यम को खंगाला जाएगा।
उक्त चर्चा के बाद  जय घोष के नारे के साथ सभी  पदाधिकारी रैली के रूप में जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री महेश पटेल के निवास पर पहुँच कर ज्ञापन दिया। इस दौरान श्री पटेल ने  कहा की उक्त ज्ञापन को सरकार तक पहुँचाउँगा ओर सरकार को अपनी ये बात भी नोट करवाऊंगा की भविष्य में भी सरकार आदिवासियो के अधिकारों से छेड़छाड़ न करे।
        तत्पश्चात सभी पदाधिकारीगण वर्तमान विधायक महोदय श्री मुकेश पटेल के पास पहुँचे ओर सबसे पहले उन्हें धन्यवाद दिया, ज्ञात हो केबिनेट के निर्णय के दूसरे ही दिन अलीराजपुर के विधायक के द्वारा अपने लेटर पर केबिनेट के निर्णय को वापस लेने की अपील की गई थी, इनके अलावा  केबिनेट मंत्री श्री ओमकार जी मरकाम आदिम जाति कल्याण विभाग एवं मनावर विधायक डॉ हीरालाल अलावा एव मण्डला विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने भी उक्त निर्णय को वापस लेने की अपील अपनी ही सरकार से अपने लेटर पेड के माध्यम से कि थी।
इस दौरान विधायक महोदय द्वारा आगामी 03 दिसम्बर को मुख्यमंत्री के झाबुआ प्रवास पर जिले से प्रतिनिधि दल को मुख्यमंत्री से भेंट करवाने का आश्वासन दिया गया।
इस दौरान अजाक्स, आकास, जयस, महिला मंडल, बिरसा ब्रिगेड एव आदिवासी छात्र संघ  के पदाधिकारी के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।


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