*अलीराजपुर~आलीराजपुर में ग्रीन बेल्ट व चरनोई की भूमि पर भू माफिया द्वारा अवैध कालोनी का किया जा रहा निर्माण भू माफिया ने सरकारी नदी को पाट कर बना दिया सीसी रोड़ सरकारी नदी पर निजी पुलिया भी बना दी* ~~

*जनसुनवाई में जागरुक नागरिक मंच व पूर्व नपा उपाध्यक्ष विक्रम सेन ने प्रभारी कलेक्टर व एसपी को सौंपा आवेदन*~~


*डेढ़ साल पहले भी मुर्तूजा बोहरा कर चुके है मामले की शिकायत, अब तक सोता रहा है जिला प्रशासन प्रभारी कलेक्टर वर्मा ने  एसडीएम व तहसीलदार को मामले की जांच के आदेश* ~~

✍🏻जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट ✍🏻
अलीराजपुर 📲9993116518~~

अलीराजपुर। पूरे प्रदेश में भू माफियाओं व सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार कार्रवाई कर रही है किंतु अलीराजपुर जिले में भू माफियाओं द्वारा सरकारी चरनोई की जमीन, ग्रीन बेल्ट की जमीन व सरकारी नदी पर निजी पुलिया का निर्माण करते हुए ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कालोनी काट कर करोड़ों रुपए का खेल खेला जा रहा है। इस मामले की डेढ़ साल से पहले भी मुर्तजा अली बोहरा द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद भी प्रशासन के माथे पर जूं तक नहीं रेंगी है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के चलते जब मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के द्वारा पूरे प्रदेश में भू माफियाओं व अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ जो अभियान चलाया गया है उसे देखते हुए यह अभियान अलीराजपुर जिले में भी प्रशासन जानबूझकर नहीं चला रहा है। ऐसे ही एक मामले की शिकायत मंगलवार को जनसुनवाई में जागरुक नागरिक मंच (जानमं) के अध्यक्ष व नपा के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सेन ने मय दस्तावेज सह प्रमाण के अपर कलेक्टर सुरेशचंद्र वर्मा व एसपी विपुल श्रीवास्तव को करते हुए इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। जनसुनवाई में आवेदन लेने के बाद अपर कलेक्टर सुरेशचंद्र वर्मा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम व तहसीलदार को जांच करने के निर्देश दिए है।
ये है मामला
जानम अध्यक्ष सेन द्वारा जनसुनवाई में सौंपे गए आवेदन व साथ दिए गए मय प्रमाण व दस्तावेज में बताया गया कि  आलीराजपुर जिला मुख्यालय की महत्वपूर्ण नदी पर निर्मित अवैध पुलिया एवं सरकारी नदी को पाट कर साथ ही शासकीय चरनोई भूमि हेतु सुरक्षित रखी गई सर्वे नम्बर 25 की दसियों करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर कब्जा कर व नदी के समीप ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कॉलोनी काट कर बेचने की साजिश को तत्काल रोकने व नदी को पुलिया तथा रिटर्निंग वाल से मुक्त करने की मांग जिला व पुलिस प्रशासन से की है।
सेन ने आवेदन में बताया कि आलीराजपुर नगर के सोरवा नाका क्षेत्र से लेकर वीटी रोड़ पुरानी कलाली स्थित सर्वे नम्बर 33 स्थित सरकारी नदी पर ओच्छबलाल सोमानी द्वारा पुलिया निर्माण एवं रिटर्निंग वाल निर्माण हेतु झुठे व फर्जी तथ्य देकर, राजस्व विभाग को अंधेरे में रखते हुए करोड़ों की सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है, साथ ही सर्वे नम्बर 25 की 1965-66 की खाता खसरा नकल अनुसार 0.330 व 0.130 हेक्टेयर चरनोई भूमि भी इसी कॉलोनी में शामिल कर ली गई हैं, जानकारी अनुसार भूमाफिया इस पूरे कब्जे व अवैध निर्माण का आधार तत्कालीन एसडीएम आलीराजपुर के एक अस्पष्ट आदेश को बताता है।
जबकि वास्तविक्ता यह है कि अनुविभागीय (राजस्व) को नगरपालिका आलीराजपुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा इस पुलिया के संबंध में पत्र क्रं. निर्माण शा.2017/1312 दिनांक 12.05.2017 में बिन्दुवार प्रतिवेदन में प्रस्तुत किया है, जिसमें आपत्तियों के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है,  साथ ही यह भी आवष्यक है कि नगरपालिका क्षैत्राधिकार में होने से  उक्त पुलिया एवं रिटर्निंग वाल का निर्माण किये जाने की अनापत्ति हेतु विषय विचारण हेतु नगरपालिका परिषद के सम्मेलन मे रखा जाना था, किन्तु उक्त विषय को परिषद के सम्मेलन में भी नही रखा गया और न ही परिषद के संज्ञान में लाया गया तथा किसी भी प्रकार की अनापत्ति नही दी गई एवं नगरपालिका व एवं किसी भी ष्षासकीय इंजीनियर द्वारा नदी - नाले पर रिटर्निंग वाल एवं पुलीया निर्माण हेतु प्राक्कलन तैयार नही किया गया, जबकि वास्तविकता में उक्त प्राक्कलन ओछ्ब लाल का सहयोगी भूमाफिया और ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार संजय गुप्ता द्वारा बनाकर प्रस्तुत किया गया है,जिसमे सरकारी नदी के बीचोबीच इसे बनाया गया है ताकि पुलिया को नदी के दोनों और पाट कर कब्जा किया जा सके। इस पूरे अवैध कब्जे में संजय गुप्ता इसका सहायक हैं।
जिला मुख्यालय आलीराजपुर में मास्टर प्लान लागु होने से नगर तथा ग्राम निवेष से भी अभिमत एवं अनुमति ली जाना आवष्यक थी जो कि नही ली गई इससे स्पष्ट है कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ओछ्ब द्वारा दिये आवेदन में पेश किये दृष्टांत अनुसार स्वयं की कृषि भूमि से स्वयं की कृषि भूमि में जाने हेतु एसडीएम बड़वानी द्वारा गुलताज बानो के पक्ष में दिया आदेश प्रस्तुत  किया गया था, जबकि इस प्रकरण में अवैध शासकिय भुमि पर कब्जा कर अवैध कॉलोनी बनाकर उसे बेचने के उद्देश्य से अस्पष्ट आदेश हासिल किया है। आवेदक भुमाफिया औच्छबलाल सोमानी द्वारा (1) ग्राम बोरखड की सर्वें नम्बर 26, 27, 28, 29 कुल सर्वे नम्बर 4 जिसका कुल रकबा 0.437 हैक्टेयर है जो कि बसंतीलाल पिता लालचंद सोमानी के नाम पर दर्ज है। इस पुलिया के उपयोग को पास ही बनी कालोनी के  कर्ता धर्ताओं से ओछब लाल द्वारा आधा करोड़ रुपये से ज्यादा प्राप्त करने की खबरें भी बाजार में हैं। ओछ्ब के पास में निर्मित इस कॉलोनी की शिकायत पुर्व में आप कलेक्टर को कीसी के द्वारा की गई थी जो कि सही पायी गई एवं श्रीमान द्वारा उक्त सर्वे नम्बर के भुखण्डों के विक्रय व पंजीयन पर रोक लगाई जाकर प्रकरण दर्ज किया जाकर मध्यप्रदेष नगरपालिका (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बंधन तथा शर्ते) नियम, 1998 के तहत कार्यवाही प्रचलीत है।
इस पुरानी कलाली के पास कुल 15200 वर्गफिट भुमि जो स्वयं भुमाफिया औच्छबलाल सोमानी ने फर्जी तथ्यों के आधार पर रजिस्ट्री करा रखी है, जबकि इतनी भूमि थी ही नही, इसके दस्तावेज पूर्व में ही आपके कार्यालय में एक आवेदक मुर्तजा पेश कर चुका हैं, उसके द्वारा राजस्व विभाग में ओछ्ब द्वारा कब्जा की गई भूमि के सीमांकन हेतु 13 दिसम्बर को पूरी प्रकिया सम्पन्न की गई थी, परन्तु कभी भी इसका सीमांकन नही किया गया। इसी कारण सरकारी भूमि पर अवैध  अतिक्रमण कर शासकिय नाले पर सोरवा रोड़ की पुलिया के पास से भी निर्माण किया जा चुका है। इस पूरे निर्माण में किसी भी प्रकार की मध्यप्रदेष नगरपालिका (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बंधन तथा शर्ते) नियम, 1998 तथा मध्य प्रदेष नगर तथा ग्राम निवेष से भी किसी भी प्रकार की अनुमति प्राप्त नही की गई है। साथ ही शासकिय नाले की जमीन पर भी भरावा भर कर अवैध रूप से भुखण्डों का विक्रय किया जा रहा है। आलीराजपुर मास्टर प्लान (विकास योजना) वर्तमान में लागु है तथा नगर तथा ग्राम निवेष के नियम अनुसार नदी एवं नाले के पास की भुमि पर 9 मीटर छोडकर ही निर्माण किया जा सकता है, जबकि भुमाफिया औच्छबलाल सोमानी एवं अन्य द्वारा शासकिय नियमों को ताक में रखकर उक्त भुमियों पर नदी एवं नाले के पास ही भुखण्डों का विक्रय किया जा रहा है जो कि नियम विरूद्व है।
आवेदन में बताया गया कि इसके अलावा अन्य कई बिंदु भी इस मामले में श्रीमान की ओर निम्नानुसार है जिस पर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं जिसमें ष्षासकीय नाले पर पुलिया निर्माण से लेकर, रिर्टनिंग वाल निर्माण व उस पर सीसी रोड़ बनाया जा रहा है।
यह कि आवेदक औच्छबलाल सोमानी के द्वारा नगरपालिका को पुलिया निर्माण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिस पर नगरपालिका ने अनुमति नहीं दी है। नगरपालिका सीएमओ का द्वारा दिए गए प्रतिवेदन कार्यालयीन पत्र क्रमांक निर्माणध्2017ध् 1312 दिनांक 12ध्5ध्17 के बिंदु क्रमांक 5 में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि आलीराजपुर नगरपालिका में सीमा में वर्तमान में मास्टर प्लान लागू है। मास्टर प्लान के तहत नगर तथा ग्राम निवेष का अभिमत भी ऐसी अनुमतियों के लिए लिया जाना चाहिए। प्राथी द्वारा अपने आवेदन में भूमि सुधार हेतु पुलिया निर्माण करने की अनुमति दिए जाने का कही कोई उल्लेख नहीं किया है।
इसका आषय भी स्पष्ट नहीं किया है। एवं प्रार्थी मप्र भूराजस्व संहिता 1959 की धारा 131 के अंतर्गत मार्गाधिकार तथा अन्य प्रायवेट सूखाचार संबंधी अधिकार चाहते है। उक्त सूखाधिकार प्राप्त करने की अधिकारिता प्रार्था को नहीं आती है। चूंकि मोके पर कोई ऐसा रुढिगत मार्ग बाधित नहीं हो रहा है। यहां पर प्रार्थी नया रास्ता कायम किए जाने हेतु शासकीय नाले पर पुलिया निर्माण व शासकीय नाले से अपनी भूमि के बचाव हेतु रिर्टनिंग वाल तैयार कराना चाहते है। संलग्न प्रदर्ष 1 नपा का अभिमत
यह कि एसडीएम केसी ठाकुर द्वारा आदेष में उल्लेखित नाले के दोनों ओर की भूमिया परिवार की बताई गई है। जो कि गलत तथ्यों पर आधारित होकर असत्य व गुमराह करने वाली है। जबकि भू राजस्व संहिता में परिवार की परिभाषा में पति व पत्नि व बच्चें आते है।इससे स्पष्ट है कि एसडीएम ने आर्थिक लालच में आकर नियम विरुद्ध अवैध आदेष पारित किया है। इस मामले में एसडीएम केसी ठाकुर के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जावे। संलग्न प्रदर्ष 2 एसडीएम का आदेष
यह कि  आवेदक सोमानी द्वारा आलीराजपुर विकास योजना (मास्टर प्लान) में निर्धारित की गई ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कालोनी निर्माण वर्तमान में भी किया जा रहा है। मप्र शासन के राजपत्र दिनांक 24ध्10ध्2008 में अलीराजपुर विकास योजना मप्र शासन द्वारा स्वीकृत की गई है। जिसमें उक्त सर्वे नंबर की भूमि ग्रीन बेल्ट में आरक्षित की गई है। जिसका नक्षा संलग्न प्रदर्ष 3 है।
यह कि नाले को छोटाकर उसमें नियम विरुद्ध शासकीय नाले पर सीसी रोड़ का निर्माण अवैध रुप से कर दिया गया है। जिससे की नाले का प्राकृतिक स्वरुप बहुत छोटा हो गया जिससे आने वाले समय व वर्षाकाल के दौरान अत्यधिक बारिष होने से नाले का पानी बोहरा बाखत व वीटी रोड सोरवा नाके के रहवासी क्षेत्र में घुसने की संभावना बनी हुई है जिससे जन धन नही हानि होगी। प्रदर्ष 4 नाले पर बनाए गए सीसी रोड़ व पुलिया के फोटो
यह कि आलीराजपुर विकास योजना (मास्टर प्लान) में निर्धारित की गई ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कालोनी निर्माण हो रहा है। जबकि शासन के नियमानुसार आवासीय कालोनी निर्मित नहीं की जा सकती है। जिसमें प्रायोजन विरुद्ध कार्य औच्छबलाल सोमानी के द्वारा किया जा रहा है। निर्मित अवैध कालोनी का नक्षा प्रदर्ष 5
श्रीमान से विषेष निवेदन है कि उक्त नदी नाले जो की पुर्व में बहुत चैडा था जिसकी जानकारी नगरवासियों से  भी प्राप्त की जा सकती है एवं शासकिय रिकार्ड में दर्ज नाले की चैडाई की जॉच भी करके वास्तविक्ता सामने आ सकती है, वर्तमान में नाले को नाली के रूप में तब्दील कर दिया होकर बहुत सकडा (छोटा) कर भुमि को अतिक्रमण कर दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आलीराजपुर द्वारा अपने आदेष में दी गई शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन कर आवेदक औच्छबलाल सोमानी द्वारा अवैध कालोनी का निर्माण एवं शासकिय भुमि पर अतिक्रमण किया गया है, जिससे उक्त आदेष निरस्ती योग्य है।
आवेदक विक्रम सेन ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आलीराजपुर द्वारा पारित आदेष दिनांक 15.03.2018 को निरस्त कर उक्त रिटर्निंग वाल पुलिया निर्माण को तोडने तथा शासकिय नाले पर अवैध रूप से किये गये सी.सी. रोड निर्माण को तोड कर तथा उक्त नदी नाले को पुर्व स्वरूप में किये जाने तथा उक्त सर्वे नम्बर की भुमियों पर विक्रय किये जा रहे भुखण्डों का पंजीयन नही किये जाने का आदेष तथा भुमाफिया औच्छबलाल सोमानी एवं अन्य भुमि स्वामी के खिलाफ शासकिय भुमि अतिक्रमण एवं मध्यप्रदेष नगरपालिका (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बंधन तथा शर्ते) नियम, 1998 के तहत कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें। सेन ने इस पूरे मामले में लिखित शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री मप्र शासन भोपाल, मुख्य सचिव मप्र शासन भोपाल, संभागायुक्त इंदौर की ओर भी आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी है।


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