*मनावर ~किराए पर चलने वाली गाड़ियों के पास टैक्सी परमिट नहीं, दो गुना तक वसूलते हैं आम जनता से भाड़ा*~~

*धार जिले में कई वाहनों काे टैक्सी का परमिट नहीं है, बावजूद इसके सैकड़ाें चार पहिया छोटे वाहन परिवहन अधिकारी की लापरवाही से दौड़ रहे है*

*परिवहन माफियाओ पर कार्यवाही के लिए परिवहन आयुक्त मधु कुमार ने दिए कड़े निर्देश*~~
                          
*धार जिले में भी होगी कारवाई*~~

निलेश जैन मनावर ~~

भोपाल ~मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के आदेश के बाद अब परिवहन विभाग भी माफियाओं के खिलाफ कमर कस के तैयार है।    परिवहन आयुक्त व्ही.मधुकुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अपने क्षेत्र में परिवहन माफियाओं को चिन्हित करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। दरअसल पूरे मध्यप्रदेश के अंदर कुछ ऐसे संगठित परिवहन माफिया हैं जो बाकायदा न केवल बिना रजिस्ट्रेशन के गाड़ियों का परिवहन कर रहे हैं बल्कि  परमिटो का दुरुपयोग करके गाड़ियों का संचालन भी कर रहे हैं। इसके साथ ही कई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और बीमा जैसे कागजात भी पूरे नहीं है। फिर भी वे सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही हैं।मधु कुमार ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी वाहनों के खिलाफ सख्ती से पेश आएं और न केवल संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करें बल्कि ऐसे वाहनों को राजसात भी किया जाए। परिवहन आयुक्त के इन निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है और अब सड़कों पर परिवहन विभाग के दस्ते ऐसे वाहनों की छानबीन कर उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई करने के लिए तैयार हो गए हैं।धार जिले के मनावर के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिना परमिट तथा नीजी वाहनों को टेक्सी के नाम पर चलाया जा रहा है । जबकि टेक्सी वाले वाहनों की नंबर प्लेट भी पीले कलर की होती है जो आरटीओ से पासिंग होती। नीजी वाहनों को टेक्सी के नाम पर चलाकर सरकार को लाखों रुपये की हानी हो रही है। इस पर भी कारवाई करने की मांग कि गई है। जिले में एक भी वाहन काे टैक्सी का परमिट नहीं है,बावजूद इसके सैकड़ाें मारुति सिप्ट डिजायर, बोलेरो, तुफान, इनोवा, मारूति वेन सहित दूसरे चार पहिया वाहन चालक अवैध रूप से अपना काराेबार चला रहे हैं। इतना ही नहीं अवैध रूप से संचालित इन वाहनों के पास टैक्सी परमिट तो दूर इंश्योरेंस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज भी नहीं हैं। इन टैक्सियों के लिए न ही कोई किराया तय है और न ही नियम। ऐसे में यहां से यात्रा करने वालों को आर्थिक परेशानी के साथ ही सुरक्षा को लेकर भी चिंता बन रहता है। धार जिले में सैकड़ों की संख्या में अवैध रूप से चल रही टैक्सियों में हर माह लाखों का कारोबार हो रहा है। आरटीओ द्वारा यात्री सुविधाओं की सहूलियत के लिए रेट लिस्ट भी जारी नहीं की है। चालक मनमाना किराया तथा किलोमीटर से वसूल रहे हैं। नियमानुसार वाहन का दो प्रकार से रजिस्टर्ड कराया जा सकता है। इनमें एक खुद की सुविधा के लिए खरीदे गए वाहन को लेकर उसे परिवहन आरटीओ विभाग में प्राइवेट वाहन के रूप में रजिस्टर्ड किया जाता है, जबकि व्यवसायिक रूप से उपयोग के लिए टैक्सी का परमिट दिया जाता है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन की फीस भी अलग-अलग होती है। यह फीस सीटों की संख्या के आधार पर जमा कराई जाती है। वहीं टैक्सी कोटे और प्राइवेट वाहन के बीमा के लिए भी अलग-अलग रकम निर्धारित होती है। 


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