*शनि के राशि परिवर्तन को लेकर पंचांग में मतभेद, 2020 में मकर राशि में रहेगा शनि*  डाँ. अशोक शास्त्री ~~

          धार  , मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक चर्चा में बताया है कि इस वर्ष  कंप्यूटराइज्ड और पारंपरिक पंचांग में शनि देव के राशि परिवर्तन को लेकर मतभेद हैं। वर्ष 2020 के जनवरी माह  में शनि का राशि परिवर्तन होना होना है। जिसको लेकरकंप्यूटराइज्ड पंचांग के अनुसार 24 जनवरी को शनि मकर राशि में जाएगा। वहीं पारंपरिक पंचांगों के अनुसार मकर राशि में शनि के राशि परिवर्तन की तारीख 17 फरवरी है। इन दोनों तारीखों में 24 दिनों का अंतर आ रहा है। पाश्चात्य ज्योतिष और वैदिक ज्योतिष की गणनाओं और पद्धति के कारण ये मतभेद हो रहा है।

            *क्यों होता है ऐसा*

ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि पारंपरिक पंचांग वैदिक ज्योतिष के ग्रंथों जैसे सूर्यसिद्धांत, मकरंद सारिणी, ग्रहलाघव और केतकी गणित पर अधारित होते हैं। ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री के अनुसार आधुनिक पंचांग नॉटिकल अल्मनॉक पर आधारित होते हैं, लेकिन उन्हेंभारतीय निरयण पद्धति के अनुकूल बना दिया जाता है। जिससे ग्रहों की गोचर स्थिति और उनके राशि परिवर्तन की तिथियों में अंतर आ जाता है।

*पारंपरिक पंचांगों में शनि का राशि परिवर्तन 17 फरवरी को*

ज्योतिषाचार्यडाँ अशोक शास्त्री के अनुसार आमतौर पर लगभग ढाई वर्ष में शनि एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं। वहीं 30 सालों में 12 राशियों का एक चक्र पूरा करते हैं। देशभर के कंप्यूटराइज्ड पंचांगों में शनि का राशि परिवर्तन 24 जनवरी 2020 को बताया है, वहीं पारंपरिक पंचांग जो कि वाराणसी, उज्जैन, जबलपुर और महाराष्ट्र के कुछ स्थानों से प्रकाशित होते हैं, उनके अनुसार शनि का राशि का परिवर्तन 17 फरवरी को होना है।

*24 दिनों तक अलग-अलग राशि में रहेगा शनि*

दोनों तरह पंचांगों की गणना में 24 दिनों का अंतर आ रहा है।            ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि इन 24 दिनों में पैदा होने वाले बच्चों की जन्मकुंडली में शनि की स्थिति अलग-अलग होने से भविष्यफल भी अलग-अलग होगा। जो लोग कम्प्यूटर आधारित पत्रिका बनाएंगे उनकी कुंडली में 24 जनवरी को सुबह 9.52 बजे से शनि की स्थिति मकर राशि में रहेगी। वहीं परंपरागत आधार पर निर्मित बच्चों की कुंडली में 24 दिनों तक शनि की स्थिति धनु राशि में रहेगी। इससे दोनों का भविष्यफल अलग -अलग होगा।
    *मकर राशी शनि कि राशी है* ..      शनि के एक राशी पूर्ण करके दुसरे राशी मे प्रवेश करने मे 2.5 साल का अवधी होता है .
ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि शनि कर्म के कारक है . शनि को सृष्टी का न्यायाधीश कहा जाता है . वे व्यक्ति के पूर्वजन्म एवं इस जन्म के कर्म का दंड  एवं फल देते है .. इसलिए शनि के राशी बदलने से समस्त सृष्टी मे एवं हर व्यक्ति के जीवन कुछ न कुछ बदल जरुर होते है .. हर व्यक्ति के कुंडली मे शनि जिस राशी और स्थान के अनुसार होंगे उस हिसाब से फल मिलते है .. शनि जिस राशी मे प्रवेश करेंगे उस राशी से पहले एक राशी को और उस राशी को और उस राशी के बाद वाली राशी ऐसे तीन राशीओं को साडेसाती रहेगी ..   डॉ. अशोक शास्त्री के मुताबिक   अभी शनि मकर राशी मे प्रवेश करेंगे तो वृश्चिक राशी की साडेसाती खत्म होगी और कुंभ राशी की साडेसाती शुरु होगी .. धनु राशी और मकर राशी की साडेसाती चालु रहेगी .. धनु राशी के लिये शनि की पीडा से थोडी राहत मिलेगी ..
          ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री के मुताबिक धनु राशी पर अभी केतु का भ्रमण सप्टेंबर तक रहेगा इसलिए धनु राशी के लोगों के लिये थोडी प्रतिकुलता जरुर  रहेगी .. मगर धनु राशी मे फिलहाल बृहस्पती है इसलिये गुरु की कृपा भी बनी रहेगी .
          डाँ. शास्त्री ने बताया कि शनि के राशी प्रवेश के पर्व काल मे अगर कोइ  व्यक्ति  शनि संबन्धित साधना कर लेता है तो वह व्यक्ति शनि की कृपा प्राप्त कर सकता है जिससे वह काल की मार से बचता रहे .
डाँ. शास्त्री ने कहा कि शनि के मकर राशि मे प्रवेश का पर्वकाल शुक्रवार दि.24 जानेवारी 2020 के दिन सुबह 7 से दोपहर 12.45 तक है .. उस दिन माघी अमावस्या भी है जो मौनी अमावास्या कहलाती है ..
डाँ. शास्त्री के मुताबिक आप उस दिन पर्वकाल मे शनि संबंधित साधना पूजन स्तोत्र पाठ और शनि मंत्र का जाप जरुर करे .. और उस दिन गरीब जरुरतमंद लोगों को शनि संबंधित सामुग्री का दान जरुर करे .. शनि और राहु दान से संतुष्ट होते है .. शनि संबंधित वस्तुओं मे छाता , चप्पल , कंबल , तेल , लोहे की वस्तु , तील , उडद , आदि का दान दे सकते है . या अपनी क्षमता नुसार अन्नदान या पैसे के रुप मे दान दे  ..
ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि शनि की साधना आप 7 मुखी रुद्राक्ष पर कर सकते है और उस रुद्राक्ष को अपनी तिजोरी मे रखे या धारण करे .. 7 मुखी रुद्राक्ष महालक्ष्मी और शनि कि कृपा के लिये अच्छा उपाय है .. शनि पीडा के कारण अगर आर्थिक समस्या हो रही है तो 7 मुखी रुद्राक्ष के तीन दाने ले और उसको धारण करे . वैसे शनि पीडा को दूर करने के लिये 10 मुखी और 11 मुखी और 14 मुखी रुद्राक्ष और अच्छे परिणाम देते है .. ( डाँ. अशोक शास्त्री )

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी )धार ,एम.पी.
                  मो. नं.  9425491351


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