खंडवा/बीड़~बच्चों की जान से खिलवाड़ करते हरिओम पब्लिक स्कूल के संचालक ~~

बच्चों को बिठाया जा रहा है कंडम ऑटो में ना बीमा ना  फिटनेस कुछ भी नहीं गाड़ी का ~~

संबंधित अधिकारी मौन क्यों~~

जिले में कई बार घट चुकी है घटनाए फिर भी स्कूल प्रबंधन के जवाबदार जान कर बने अनजान~~

खंडवा/बीड़-रवि सलुजा ~~

बीड और मुंदी क्षेत्र के ग्रामीण एरिया में शासकीय नियम के विरुद्ध संचालित हो रहे हैं कई प्राइवेट स्कूल जिसमें गोराडिया ग्राम की हरि ओम पब्लिक स्कूल भी शामिल है। जिसमें शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के लिए समुचित भवन सहित खेल मैदान भी नहीं है शिक्षा के साथ खिलवाड़ करता स्कूल प्रबंधन ग्रामीण क्षेत्र में कहीं स्कूल संचालित है जो एक व्यवसाय बन गई है जगह-जगह चंद कमरे बनाकर शिक्षा का ज्ञान दिया जा रहा है यदि जिला मुख्यालय के अधिकारियों ने ध्यान दिया तो  कई स्कूले बंद हो सकती है

चंद कमरों में संचालित स्कूल नियम विरुद्ध
बीड के पास स्थित गोराडिया ग्राम में चल रही हरि ओम पब्लिक स्कूल मैं नियम विरुद्ध संचालन की जिम्मेदारी किसकी शासकीय नियम के अनुसार स्कूल में एक बड़ा खेल ग्राउंड के साथ ही बच्चों के लिए स्वच्छ व पक्के निर्माण कमरे के साथी शौचालय आदि की भी अच्छी सुविधा होनी चाहिए इसके साथ ही लाइब्रेरी अन्य सुविधाएं अति आवश्यक मानी गई हैं लेकिन स्कूल में इन सारी सुविधाओं से बच्चे महरुम रहते हैं वही शासकीय नियम के विरुद्ध चल रहे ऐसे स्कूलों पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जाना भी कहीं संदेशों को जन्म देता है।

लेडीस कंडक्टर के बगैर संचालित हो रही है स्कूल बस
नियम के अनुसार अगर किसी भी स्कूल में लड़के और लड़कियां बसों में आवागमन करते हैं तो उसे स्कूल की बस में लेडीस कंडक्टर अति आवश्यक नियम में है लेकिन ऐसे स्कूलों में छात्राओं के साथ छात्र भी जाते हैं वही कई घटनाएं ऐसी सामने आ चुकी हैं जिसमें छेड़छाड़ की घटनाएं भी शामिल है उसके बाद भी नियम के विरुद्ध स्कूल बसें संचालित हो रही है मगर ऐसे में कोई घटना घट जाए तो उसकी जवाबदार कौन होगा वही क ई बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं रहता है इसके साथ ही बच्चों के लिए बस में कैमरा होना चाहिये जिससे बस किस दिशा में संचालित हो रही है इसका पता लग सके और दिशा सूचक और बस की गतिविधि पर नजर रखने के लिए यंत्र लगाए जाते हैं वह भी नहीं लगे हुए है

दो-दो कमरे में संचालित है ग्रामीण एरिया में प्राइवेट स्कूल....
शासकीय नियम के अनुसार जहां भी स्कूलों की परमिशन दी जाती है वहां पर पक्के निर्माण हुए कमरे में ही स्कूल है लगाना  निश्चित माना गया है इसके साथ ही अच्छे स्तर का खेल मैदान भी होना जरूरी है लेकिन इन सब नियम के विरुद्ध क्यों संचालित हो रही है प्राइवेट स्कूल है कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति क्यों?


इनका कहना :-- शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए पठाई क समुचित भवन,खेलमैदान ,उपलब्ध होना चाहिए  यदि स्कुल से घर लाने ले जाने के लिए बस उपलब्ध है तो उसमें नियम के मुताबिक जीपीआरएस सिस्टम होना चाहिए बस पूर्णता फिट होना चाहिए इन सभी चीजों का अभाव रहेगा तो हरिओम को नोटिस दिया जाएगा जांच कर कार्रवाई भी की जाएगी
श्रीराम भुसारिया बीआरसी पुनासा ...

इनका कहना - जब स्कुल संचालक हरिशंकर सावनेर से पुछा गया की आप की स्कुल में समुचित खेल मैदान नही है वृक्षा रोपड बस में महिला कंडक्टर होना चाहिए आटो का बीमा रही है कोई दुर्घटना हो गई तो इसका कौन होगा जवाब दें तो उन्होने कहां की सबकुछ है आप देखो तो सही .. 
................................................?


Post A Comment:

0 comments: