राजगढ़/धार ~अध्यक्ष से असंतुष्ट पार्षदों ने किया कार्यक्रम का बहीष्कार~~

कहा जनहित के कार्य नहीं तो कार्यक्रम का दिखावा क्यों~~

कार्यक्रम कि अव्यवस्था बनी जनचर्चा का विषय~~

राजगढ़/धार (शैलेन्द्र पँवार)

नगर कि जनता को बैशक ये तो याद ही होगा कि भाजपा शासीत पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कि मनमानी के विरुद्ध भवरसिंग बारोड़ के नेतृत्व मे कई काँग्रेसी एकमत हो चुके थे और इस एकजुटता के परीणाम स्वरूप वर्तमान विधायक प्रताप ग्रेवाल ने अपना टिकीट दाँव पर लगाकर बारोड़ को पार्टी से टिकीट दिलवाया था! नगर कि जनता ने बारोड़ का विजय तिलक भी किया था! अब तक जनचर्चाओ मे बारोड़ कि खिलाफत देखी जाने लगी तो थी वरन अब नगर परिषद द्वारा आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम मे 15 मे से करीब 10 पार्षदों कि  अनुपस्थिति अन्दरूणी बगावत को बय़ा कर रही है!
        दरअसल आज 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजगढ़ नगर के सोसायटी मार्केटिंग ग्राउंड पर नगर परिषद राजगढ़ के तत्वावधान मे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया! जिसमें विभिन्न प्रकार कि अव्यवस्था देखने को मिली! जहाँ तत्कालीन भाजपा कि पूर्व परिषद द्वारा शानदार बैठक (कुर्सी) व्यवस्था, बच्चों कि भोजन व्यवस्था, अनुशासन इत्यादि देख नागरिकजन भी कार्यक्रम कि सराहना करते दिखाई देते थे, वही आज कुर्सी कि पर्याप्त व्यवस्था नही होने से कई छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को नेट व दरी पर बैठकर तथा नागरिकों को खड़े खड़े कार्यक्रम कि प्रस्तुतियो को देखना पड़ा! इसी अव्यवस्था व अनुशासनहिनता के चलते दो स्कूल बच्चों के बीच विवाद में चाकू के वार से एक स्कूली बच्चे को चौट पहुँची!
      हम आपको बता दे कि कुछ पार्षदों ने अपना नाम गौपनीपय  रखने कि शर्त पर बताया कि नगर परिषद अध्यक्ष भँवरसिंह बारोड़ एवं सीएमओ सुरेन्द्रसिंह पँवार मनमानी कर नगर विकास में रोढ़ा बने हुए है, पार्षदों से वार्ड के रहवासी सीसी रोड़, नाली निर्माण, बीजली के खम्भो को हटाने कि माँग कर रहे है तथा नामान्तरण व प्रधानमंत्री आवास, पेन्शन आदि हितग्राही मूलक योजनाओं मे भी नागरिकों को बार बार नगर परिषद के चक्कर लगाना पड़ रहे है जिस पर पार्षदगण कई मर्तबा अध्यक्ष भँवरसिंह बारोड़ व सीएमओ सुरेन्द्रसिंह पँवार को अवगत भी करवा चुके है! इसी असंतुष्टी को पार्षदगण क्षैत्रिय विधायक प्रताप ग्रेवाल के समक्ष भी जाहिर कर चुके है लेकिन अब केवल आश्वासन ही पार्षदों के हाथ लगा है! इस पुरे मामले मे जब हमने नगर परिषद अध्यक्ष भँवरसिंह बारोड़ व सीएमओ सुरेन्द्रसिंह पँवार से दो-दो बार सम्पर्क कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने काल अटेन्ड करना भी उचित नही समझा, ऐसे में ये भी स्पष्ट है कि इन दोनों महाशय को पत्रकारों का काल रिसीव करने में इतना परहेज है तो आमजन कि समस्याओं पर किस प्रकार खरे उतर पायेगे?
    करीब 10-11 पार्षदगणो ने अपनी इसी असंतुष्टी को जाहिर करने हेतु गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोसायटी मार्केटिंग ग्राउंड पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम मे अपनी उपस्थिति दर्जे नहीं करवाई और अध्यक्ष बारोड़ के प्रति अपना विरोध व्यक्त किया! पार्षदगणो द्वारा उक्त पुरे मामले कि जानकारी नाम गौपनीपय रखे जाने कि शर्त पर देना ये भी स्पष्ट करता है कि क्षैत्र के एक प्रभावशील नेता का अध्यक्ष, सीएमओ को संरक्षण प्राप्त है, जो नागरिकों का शोषण करने जैसा अपराध है! अब देखना ये होगा कि नेताजी उक्त दोनों महाशय को सही तरीके से कार्य करने कि नसीहत देते हुए नागरिको व पार्षदगणो के बीच संतोषप्रद स्थिति निर्मित कर पाते है या मनमानी कि उल्टी गंगा यूँ ही बहती चली जायेगी!


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