*बड़वानी /राजपुर ~म.प्र. लोकसेवा आयोग के चेयरमेन व सचिव पर एट्रोसिटी के तहत कार्यवाही करने कि मांग*~~

*MPPSC कि प्रारंभिक परिक्षा में भील समुदाय पर विवादित प्रशन पुछने पर नसोसवायएफ छात्र संघठन ने जताया विरोध*~~

(राजपुर) नेशनल एससी. एसटी. ओबीसी. स्टुडेंट एंड युथ फ्रंट (नसोसवायएफ) के नेतृत्व में छात्र छात्राओं ने रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
साथ ही उन्होने म.प्र.लोकसेवा आयोग के चैयरमेन भास्कर चौबे व सचिव रेणु पंत पर अनुसुचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत कार्यवाही व सेवा से बर्खास्त करने कि मांग करते हुए राजपुर एसडीएम वीरसिंह चौहान को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन के इंदौर संभाग प्रभारी सचिन पटेल ने बताया कि हाल ही में एमपीपीएससी द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के द्वितीय प्रश्न पत्र के गद्यांश में भील समुदाय (आदिवासी समाज) के संबंध में उल्लेख किया गया है कि *भील वधू मूल्य रूपी पत्थर से बंधी शराब के अथाह सागर में डूबती जा रही जनजाति है.......भील की अपराधिक प्रवृत्ति का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सामान्य आय से अधिक अपनी देनदारीयां  पूरी नहीं कर पाते हैं धन उपार्जन की आशा में गैर वैधानिक तथा अनैतिक कार्यों में लिप्त हो जाते हैं।*
सचिन पटेल ने आरोप लगाते हूए कहा कि आयोग द्वारा जानबुझकर सोची समझी रणनिति के तहत आदिवासी समाज के भील समुदाय को लेकर पांच विवादित प्रश्न पुछकर समाज को अपराधिक प्रवृत्ति गैर वैधानिक तथा अनैतिक कार्यो में लिप्त परिभाषित कर समाज बदनाम करने कि कोशिश कि जा रही है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष अखिलेश पटेल, दिनेश चौहान, अंजली नागर, रवीना सोंलकि, पिंकी बड़ौले, मोनिका बघेल, सावन निर्वेल, सुभाष बड़ौले, मनोज झिल्ले,विजय जमरे जयस, अमित सोंलकि, लक्की चौहान, जाहरिया, विकास गौरे, विनोद राठौड़, विकास पटेल आदि मौजुद थे।


*सचिन पटेल,
प्रभारी इन्दौर संभाग।
9691515815


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