झाबुआ~लापरवाही~राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की लापरवाही बच्चों में फैला संक्रमण*~~

*संक्रमण का पता लगने के बाद भी 12 दिन बाद पहुंची डॉक्टरों की टीम*~~

*क्या झाबुआ पूछकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट करेंगे जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई*~~

झाबुआ से दशरथ सिंह कट्ठा की रिपोर्ट....9685952025~~

झाबुआ - मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में कई मरीजो को समय पर उचित इलाज ना मिलने की वजह से अक्सर बाल्य व किशोरावस्था के बच्चे काल के ग्रास में समा जाते हैं। 9 फरवरी को ग्राम फूलेडी के 5 बच्चों में मम्स संक्रमण फैला था। जिसकी सूचना स्कूली शिक्षक द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी।संक्रमण फलने के 12 दिन बाद एन आर एच एम विभाग के डॉक्टर की टीम स्कूल पहुंची।तब तक 15 बच्चो में यह भयंकर संक्रमण फैल चुका है।जहाँ एक ओर मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट जहां मध्य प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्तियो के स्वास्थ्य की चिंता कर रहे है.. तो वही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन विभाग के लोग मुफ्त की रोटियां तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्राम फुलेड़ी के शिक्षक अमृतलाल नायक ने बताया कि 9 फरवरी को 5 बच्चे संक्रमण से ग्रसित थे तभी हमने संबंधित विभाग की आशा कार्यकर्ता एवं नर्स को सूचना दे दी थी। फिर 12 दिन तक डॉक्टर की टीम नही आई जिससे अत्यधिक बच्चे स्कूल में संक्रमण से प्रभावित दिखाई दिए। 20 फरवरी को स्कूल के शिक्षक ने फिर से स्कूल के सी एस सी को सूचना दी तब जाकर डॉक्टर की टीम आई।झाबुआ जिले में कई ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला बालक बालिका अपने जीवन में शिक्षा के सपने संजोए...ऊंची उड़ान फरने के लिए ग्रामीण मासूम इन दिनों शिक्षा पाने के लिए अपने स्वास्थ्य से जंग लड़ रहे हैं..दरअसल इन बच्चों के गालों पर लगी ये सफेद पट्टिया इन बच्चों के खेल का हिस्सा नही...दरअसल इन्हें पैरोटाइटिस' मम्प्स ' के रूप एक विकट विषाणुजनित रोग है जो पैरोटिड ग्रंथि को कष्टदायक रूप से बड़ा कर देती है। ये ग्रंथियां आगे तथा कान के नीचे स्थित होती हैं। 2 से 12 वर्ष के बीच के बच्चों में संक्रमण की सबसे अधिक होता है जो साफ देखा जा सकता है। संक्रमण फैलने के 12 दिनों तक  बालक बालिकाओं के पास डॉ. का न पहुंचना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को साफ उजागर कर रहा है। विभाग से संबंधित जवाबदार पल्ला झाड़ कर बचने का प्रयास कर रहे है।तो देखा आपने किस तरह से जिम्मेदार बचने का प्रयास कर रहे हैं।अब स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट को चाहिए कि तुलसी के पवित्र पौधे की तरह झाबुआ जिले के नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्वास्थ्य रूपी तुलसी औषधि बनकर कर उन्हें स्वस्थ शरीर और काया दे और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के नाम पर मुफ्त की रोटियां तोड़ रहे संबंधित पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाएं।

*क्या झाबुआ पूछकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट करेंगे जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई*

झाबुआ एक निजी आयोजन के शुभारंभ में पधार रहे मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट झाबुआ 23 फरवरी को पहुंचेंगे मेघनगर के समाजसेवी एवं ग्रामीण क्षेत्र ढूंढका के पीड़ित परिवार द्वारा स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर जिम्मेदारों की शिकायत करने की बात की जा रही है जिन्होंने लापरवाही पूर्वक 12 दिनों तक मासूम बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जिसकी वजह से संक्रमण फैल गया।

वर्जन बॉक्स ----------

*बी.एस. बारिया जिला चिकित्सा अधिकारी*

  उक्त मामले में किसी भी हमारे संबंधित विभाग के व्यक्ति विशेष या टीम की लापरवाही है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य की चिंता को लेकर विशेष अभियान के साथ हम सजग हैं ।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


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