झाबुआ~भूमाफिया बताने पर कोर्ट में 5 करोड का मानहानि का दावा पेश किया~~





मामला दुकाने तोडने का, हाईकोर्ट ने विधायक कांतिलाल भूरिया, सरकार एवं प्रशासन को भेजा नोटिस-सात दिनों में कोर्ट में देना होगा जवाब~~





झाबुआ। संजय जैन~~

विगत 15 जनवरी को झाबुआ के विधायक कांतिलाल भूरिया द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को भूमाफियाओं के विरुद्ध सख्त कदम उठाने को लेकर शिकायती पत्र दिया था। अपने पत्र में श्री भूरिया ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में  झाबुआ में तीन भू-माफियाओं द्वारा काफी सरकारी जमीन पर अनैतिक रूप से कब्जा करने का उल्लेख करते हुए ओम प्रकाश शर्मा एवं शशिकांत मिश्रा झाबुआ के नामों का जिक्र किया था।




कांतिलाल भूरिया द्वारा शिकायती पत्र मे यह है उल्लेख..... 





कांतिलाल भूरिया द्वारा शिकायती पत्र में  झाबुआ शहर के गोपाल कालोनी वार्ड क्रमांक 11 में शारदा विद्या मंदिर स्कूल संचालित होने का उल्लेख करते हुए उक्त जमीन पट्टे पर होकर ओम प्रकाश शर्मा के भाई राधेश्याम के नाम दर्ज है। राधेश्याम की मृत्यु हो जाने के बाद पट्टा स्वत: निरस्त हो गया है, परन्तु पट्टे की भूमि को लीज पर ओम प्रकाश शर्मा को दिया गया है जबकि रजिस्टर्ड लीज को दिया नही जा सकता है। शिकायती पत्र के अनुसार ओम शर्मा ने उस लीज को पत्नी किरण शर्मा को किराये पर दिया है जो नियम विरूद्ध है। शिकायती पत्र मे यह उल्लेखित है कि ओम शर्मा द्वारा त्रिपुरा कालेज के बाहर केंटीन सडक पर बनी हुई है,जो शासकीय भूमि पर बनी हुई है,सरकारी रेकार्ड मे दर्ज है। ओम प्रकाश शर्मा द्वारा संचालित केशव इण्टर नेशनल स्कूल की रजिस्ट्री कोर्ट द्वारा शून्य घोशित की गई है और निर्माण भी अवैध है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा नपती भी की गई है फिर भी अवैध रूप से संस्था का संचालन किया जा रहा है। शिकायत मे यह भी कहा गया है कि कर्मचारी कालोनी में संध्या कुलकर्णी की भूमि की रजिस्ट्री का संशोधन नरेन्द्रसिंह पंवार द्वारा किया गया है तोिक उनके नाम पर किया गया है जो कि ओम शर्मा के नीजी स्कूल का लेखापाल है, जो शासकीय कर्मचारी नही है फिर भी ओम शर्मा द्वारा रजिस्ट्री कराई गई है जो कि गलत है। श्री भूरिया ने शिकायती पत्र में इसी प्रकार शशिकांत मिश्रा  द्वारा कालेज मार्ग पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने का भी उल्लेख किया है। उन्होने इस पत्र में इन भू-मािफयाओं से भूमि को मुक्त कराने का आग्रह मुख्यमंत्री कमलनाथ से किया था।




 की हाई कोर्ट में याचिका दायर.......





इस शिकायत पर जिला प्रशासन द्वारा आप्रेशन क्लिन के तहत भूमाफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही की कडी में ओम प्रकाश शर्मा की कथित अवैध कब्जा की गई भूमि पर अतिक्रमण हटाने का अभियान ताबडतोड चलाया जाकर मां त्रिपुरा कालेज के परिसर मे निर्मित दुकानों को तोड दिया गया था। इस प्रशासनिक कार्यवाही को लेकर ओम प्रकाश शर्मा द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाकर प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही को राजनैतिक प्रेरित बता कर न्याय की गुहार लगाई गई थी। 




भेजा हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नोटिस..... 





हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने अतिक्रमण हटाने की मुहिम के दौरान तोड़े गए एक निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेटरी, झाबुआ कलेक्टर, एसडीएम और विधायक कांतिलाल भूरिया को नोटिस भेजा है। इसका जवाब 7 दिन में मांगा गया है। मां त्रिपुरा कॉलेज और शारदा स्कूल परिसर की दुकानों को मुहिम के अंतर्गत 21 जनवरी को तोड़ा गया था। स्कूल संचालकों ने कार्रवाई के खिलाफ  और आगे निर्माण तोडऩे पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। 5 करोड़ का मानहानि का मुकदमा भी लगाया है।  कोर्ट ने अगली सुनवाई तक स्टे देते हुए यथास्थिति के भी आदेश दिए है। 





ज्ञातव्य है कि हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाले शारदा स्कूल संचालक ओमप्रकाश शर्मा ने प्रदेश शासन, कलेक्टर और एसडीएम के अलावा विधायक कांतिलाल भूरिया को भी पार्टी बनाया है। दरअसल 15 जनवरी को कांतिलाल भूरिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र भेजा था। इसमें 3 लोगों के अवैध कब्जे की शिकायत थी। इसमें ओमप्रकाश शर्मा का भी नाम था। याचिकाकर्ता ने इस पत्र के आधार पर विधायक को पार्टी बनाने की मांग की थी। इस पत्र में कॉलेज रोड पर शशिकांत मिश्रा द्वारा और मेघनगर में विनोद बाफना द्वारा भी सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की थी। इन दोनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।




ये कहा जिम्मेवारों ने ........





जब हमे कोर्ट का नोटिस मिलेगा तब हम कोर्ट के नोटिस का जवाब कोर्ट में ही देगें ।





.........प्रबल सिपाहा, कलेक्टर झाबुआ 




कलेक्टर एवं प्रशासन द्वारा यह कार्यवाही की गई है।





........कांतिलाल भूरिया, विधायक झाबुआ 




प्रशासन ने दुकाने डेमेज नही की बल्कि तोडी है, प्रशासन कभी भी गलत काम नही करता है। सारा रेकार्ड हमारे पास है। फर्जी पत्र देकर ऐसा करने से क्या होता है....?  हमारे पास लिगल रेकार्ड है। यह शासन का निर्णय है और कोर्ट मे साबित कर देगें। कोर्ट में ही इसका जवाब देगें। उक्त कार्रवाही उनके सामने ही प्रशासन द्वारा की गई थी।





.........अभयसिंह खराडी, एसडीएम झाबुआ




इनका कहना है- 





मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक ने भूमाफिया बताया। हमने केस में पूछा है कि किस आधार पर ये लिखा....? प्रशासन ने बिना नोटिस दिए और जवाब लिए कार्रवाई कर दी। माननीय उच्च न्यायालय ने इस संबंध में सभी संबंधितों को नोटिस जारी कर संस्था के खिलाफ  किसी भी कार्यवाही पर स्टे प्रदान किया है। सत्य की जीत हुई है, अब विधायक महोदय को यह स्पष्ट करना चाहिए की उन्होनें अपने पत्र में हमें भू-माफिया किस आधार पर घोषित किया था.....? 





.........ओम शर्मा, संचालक शारदा स्कूल झाबुआ




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