दसई~~प्रदेश भर में कमलनाथ सरकार द्वारा भूमाफिया के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से हलचल मची हुई है~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 62 61395702~~

भू माफिया सिर छुपाए भागते फिर रहे हैं लेकिन सरदारपुर तहसील के दसई गांव में शिकायत के बावजूद अधिकारी मामले में पूरी तरह दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं महज खानापूर्ति करके मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है । मामला दसई के एक निजी विद्यालय का है, जहां विगत दिनों पहले समाचार को प्रमुखता से दिखाई जाने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इनकी जो जमीन है वह इनके पास है पूरी लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि सालों से बना सरकारी तालाब की पाल पर अतिक्रमण किया गया है लेकिन जब इस बारे में अधिकारी से चर्चा करनी चाहिए तो वह जवाब नहीं दे पाए तो इससे क्या साबित होता है कि तालाब की पाल स्कूल संचालक की निजी मानी जाती है। क्या अगर ऐसा है तो शासन द्वारा नई तालाब की पाल का निर्माण करवाया जाना चाहिए नहीं तो किसी दिन स्कूल संचालक पूरी पाल को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर देगा तो क्या होगा लाखों के बने तालाब का और चर्चा का विषय यह भी है सरकारी तालाबों की पाल कब से निजी बनना चालू हो गई है।
शासन भले ही अपनी नियत साफ रखें और जनहित में ऐसे कदम उठाएं जिनका बरसों से जनता को इंतजार था मगर जिससे उसके कई नुमाइंदे उसकी योजनाओं पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं वह दुख का विषय है। कि देश भर में भू माफिया के खिलाफ चलेअभियान की लोकप्रियता जगजाहिर है ।शहरों से लेकर गांव तक जिस तरह अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चले हैं हर्ष का विषय है, मगर दसई के एक निजी स्कूल द्वारा सरकारी जमीन पर तालाब की पाल खुलेआम अतिक्रमण की शिकायत के बाद उस पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मामला
संदिग्धता उत्पन्न कर रहा है।
अब देखना यह होगा कि अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई करते हैं या इस तरह खानापूर्ति चलती रहेगी।

शिकायतकर्ता का कहना है

की मैं इस सीमांकन से संतुष्ट नहीं हूं मैं और आगे जाऊंगा
शिकायतकर्ता लखन परमार

जिम्मेदार का कहना

ग्रामीण द्वारा शिकायत की गई थी  इसी सम्बंध में सीमांकन करने के लिए आये थे, इसमें मंडी की कुछ जमीन पर इनकी मंडी छोड़ कर बना ली हैं 31आरे जमीन स्कूल के संचालक द्वारा बच्चों के खेल मैदान के रूप में उपयोग की जा रही है , मंडी की तरफ भी 5आरे स्कूल संचालक की निकल रही है।

सुरेश बामनिया राजस्व अधिकारी


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