दसई~~भोज मुक्त बंद खामियाजा आगामी दिनों में होने वाले चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

दसई भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही दसई को भोज मुक्त विश्वविद्यालय की सौगात मिली थी जिससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। हजारों छात्रों ने परीक्षाएं पास कर रोजगार हासिल किया ।लेकिन कांग्रेस की सत्ता में वापसी क्षेत्र को महंगी पड़ गई और इस सत्र से भोज मुक्त विद्यालय बंद हो गया। क्षेत्रीय लोग इसे सरदारपुर  विधायक की असफलता से जोड़कर देख रहे हैं ।इसका खामियाजा आगामी दिनों होने वाले चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है।
सन 2007 में दूरस्थ अंचलों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और युवकों को रोजगार दिलाने के लिए भोज मुक्त विश्वविद्यालय ने हाई सेकेंडरी स्कूल को शिक्षण केंद्र बनाया। केंद्र खोलने में तत्कालीन भाजपा विधायक मुकाम सिंह निगवाल की महती भूमिका रही वही जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के नेताओं ने इस में यथासंभव सहयोग दिया। परीक्षा केंद्र खुलने से न केवल जरूरतमंदों को उच्च शिक्षा का अवसर मिला और महिलाओं को भी अपनी शिक्षा का आगे बढ़ाने का मौका हाथ आया। बड़ी संख्या में प्रमोशन हेतु डिग्री के लिए अटके छोटे-बड़े कर्मचारी लोग भी इसके विद्यार्थी बने जिससे भोज मुक्त चर्चित हुआ।दूरदराज से आकर यहां विद्यार्थियों ने परीक्षाएं दी ।प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के साथ ही क्षेत्र को करारा झटका लगा और शासन ने तय किए गए मानदंडों से दसई का यह शिक्षण केंद्र बंद हो गया। केंद्र बंद होने से न केवल छात्र वरन पालक भी निराश हैं ।इस मामले को क्षेत्रीय विधायक भी आदिवासी क्षेत्र को प्राथमिकता मिले इस मुद्दे पर परीक्षा केंद्र के लिए कुछ नहीं कर पाए जिससे न केवल आम नागरिकों वरन खुद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी असंतोष है।नाम न छापने की शर्त पर कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस मामले में विधायक की निष्क्रियता क्षेत्र के लिए दुखदाई साबित हुई है।अगर समय रहते विधायक इस निर्णय का विरोध करते तो संभवत आदेश वापस हो जाता।खैर जो होना था सो हो गया इसका दूरगामी परिणाम निश्चित रूप से कांग्रेस को ही चुनाव में भुगतना पड़ेगा।


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