*झाबुआ~सहकारिता माफिया गणेश प्रजापत पर शासकीय कार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज*~~

*लगातार परत दर परत बेनकाब कर रहा है माफियाओ को शासन प्रशासन*~~

*सहकारिता माफियाओं पर अभी भी ठोस कार्रवाई क्यो नहीं*~~

झाबुआ से दशरथ सिंह कट्ठा की रिपोर्ट....9685952025~~

झाबुआ - मेघनगर में सहकारिता घोटाला किसी से छिपा नहीं है। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है वैसे-वैसे सहकारिता माफिया संजय श्रीवास एवं गणेश प्रजापत को परत दर परत बेनकाब किया जा रहा है।पूर्व में भी लोकायुक्त द्वारा मेघनगर विपणन संस्था में 56 लाख रुपए के गबन में उक्त दोनों आरोपियों के विरुद्ध  गंभीर धाराओं में एफ. आई .आर. दर्ज है.. तो वही सहकारिता साख संस्था झाबुआ द्वारा पिछले दिनों 17.5 लाख रुपए का जुर्माना विभिन्न धाराओं में संजय एवं गणेश के निकटवर्ती परिवार के लोगों पर पंजीबद्ध किया गया था।उसी तारतम्य में पिछले दिनों 25 जनवरी को झाबुआ सहकारिता विभाग एवं डिप्टी कमिश्नर द्वारा मेघनगर के सहकारिता माफिया संजय श्रीवास व गणेश प्रजापत के घर दुकान एवं रेलवे फाटक के समीप कार्यालय पर छापामार कार्रवाई की गई।थी। सहकारिता विभाग के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जो कि  छापामार कार्रवाई के दौरान जब्ती करने की कोशिश की थी।उस दौरान गणेश प्रजापत ने जप्त दस्तावेजो को समेट कर भागने का प्रयास किया था। उस दौरान गणेश प्रजापत ने डिप्टी कमिश्नर एवं पुलिस के आरक्षको से छीना झपटी कर शासकीय कार्य में बाधा डालने का भी प्रयास जिस पर मेघनगर पुलिस द्वारा झाबुआ पुलिस कप्तान कार्यालय पत्र शिकायत  पर अवलोकन करने के बाद आरोपी श्री गणेश प्रजापत पिता मोहनलाल प्रजापत निवासी शंकर मंदिर के पास मेघनगर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 62/20 धारा 353 भादवी एवं 186 धारा में मामला पंजीबद्ध कर मेघनगर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी। फिलहाल गणेश फरार बताया जा रहा है।

*सहकारिता माफियाओं पर अभी भी ठोस कार्रवाई क्यो नहीं*

पिछले दिनों झाबुआ सहकारिता विभाग की छापामार कार्रवाई में संजय एवं गणेश के घर कार्यालय से मिले दस्तावेजों से स्पष्ट प्रमाणित होता है कि यह भोले भाले सीधे-साधे लोगों के साथ जालसाजी धोखाधड़ी एवं कई अशिक्षित लोगों को अपने षडयंत्र का शिकार बना चुके थे 90 से ज्यादा लोगों के बयान एवं कई नोटरी में मय दस्तावेज बयान की उपलब्धता के बाद भी उक्त माफियाओ पर आईपीसी की धारा 467 /468/ 471/ 420 /120 ब में मामला पंजीबद्ध क्यों नहीं किया जा रहा है जबकि इनके विरुद्ध सहकारिता विभाग के कमिश्नर अम्बरीश वैध के पास पुख्ता सबूत है। माफियाओं को छूट मुट कार्रवाई कर आखिर किसके दबाव एवं प्रभाव में कार्य किया जा रहा है जो कि समझ के परे हैं। अब शासन और प्रशासन को मिलकर इन माफियाओं के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला पंजीबद्ध करना चाहिए ताकि आने वाले दिनों में किसी भी असहाय अशिक्षित आम व्यक्ति पर उक्त माफिया अपराधों की पुनरावृत्ति ना कर सके।


Post A Comment:

0 comments: