झाबुआ~आम बजट को कल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी बताया- दिखाई दी लोगों की मिश्रित प्रतिक्रियायें ~~





आपके पांच लाख रुपये बिल्कुल रहेंगे सुरक्षित,बैंक के डूब जाने के बाद भी ~~





झाबुआ। संजय जैन~~

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे बजट को लोकसभा में पेश किया। जिसे लेकर झाबुआ जिले में भी मिश्रित प्रतिक्रियाये दिखाई दी। कुछ ने इसे विकासोन्मुखी बजट बताया तो कई लोगों ने इसे गरीबों एवं किसानों के हितों को अनदेखा करने वाला बजट बताया। प्रस्तुत बजट में वित्त मंत्री ने बताया कि यह बजट आम आदमी की आय सुनिश्चित करने और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाने के प्रति संकल्पित है। 





अब टैक्स स्लैब चार भागों में ......





बजट में अब टैक्स स्लैब चार भागों में बाटा गया है। पांच लाख से साढ़े सात लाख तक की आमदनी पर 10 फीसदी कर देना होगा जो पहले 20 फीसदी था। साढ़े सात लाख से 10 लाख तक की आमदनी पर 15 फीसदी की दर से कर देना होगा जो पहले 20 फीसदी की दर से लगता था। 10 लाख से साढ़े 12 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा जो पहले 30 फीसदी की दर से वसूला जाता था। यही नहीं साढ़े 12 लाख से 15 लाख तक आमदनी पर 25 फीसद की दर से कर लगेगा जो पहले 30 फीसदी लगता था। 15 लाख रुपये से ऊपर की आमदनी पर पहले की तरह ही 30 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा। इतना ही नहीं यदि करदाता आयकर अधिनियम के तहत मिल रही कुछ कर छूटों को नहीं लेते हैं,तो 15 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को पहले के मुकाबले कम दर पर टैक्स देने होंगे। 





आपके पांच लाख रुपये बिल्कुल रहेंगे सुरक्षित,बैंक के डूब जाने के बाद भी ....





बजट में ग्राहकों के बैंक डिपॉजिट को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब बैंक जमा पर ग्राहकों को पांच लाख रुपये तक की गारंटी मिलेगी यानी बैंक के डूब जाने के बाद भी आपके पांच लाख रुपये बिल्कुल सुरक्षित रहेंगे। दूसरे शब्दों में यूं समझें कि बैंकों में पैसा जमा कराने वाले ग्राहकों के लिए इंश्योरेंस कवर जो पहले एक लाख रुपये था उसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। यानी बैंक अगर डूब भी जाता है तो ग्राहक का पूरा पैसा नहीं मारा जाएगा। उसकी पांच  लाख रुपये तक की रकम उसे वापस की जाएगी। 





प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे....





बजट के अनुसार ऊर्जा क्षेत्र के लिए 22 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया है। देशभर में बिजली के पुरानें मीटरों को भी बदलने की बात की गइ। बजट के अनुसार आने वाले वक्त में देशभर में प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। इन स्मार्ट मीटरों में रेट चुनने और बिजली कंपनी को चुनने का विकल्प होगा। यही नहीं 22 हजार करोड़ रुपये पावर और अक्षय ऊर्जा के लिए प्रस्तावित किए जा रहे हैं।





जोड़ा जाएगा किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से...... 





बजट के अनुसार सरकार साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए 16 अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने इन 16 योजनाओं के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का फैसला लिया है। इसमें कृषि और सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की रकम दी जानी है। सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में आर्थिक मदद देगी। जल संकट से प्रभावित 100 जिलों के लिए विस्तृत योजना लाई जाएगी और15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को 15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज देने का लक्ष्य रखा गया है। यहीं नहीं सरकार ने मिल्क प्रोसेंसिंग क्षमता को 08 मिलियन टन रखा है। 





27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन .....





केंद्रीय वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए बड़ी घोषणाओं का एलान करते हुए कहा कि सरकार 27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करेगी। 150 ट्रेनें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना तेजस जैसी और ट्रेनों के माध्यम से प्रसिद्ध स्थलों को जोडऩे की है। 





स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ रुपये आबंटित...





बजट के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें पीएम जन आरोग्य योजना के लिए 6400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। मिशन इंद्रधनुष का दायरा बढ़ाकर इनमें 12 बीमारियों को शामिल किया गया है। इसमें पांच वैक्सीन भी जोड़ी गई हैं। आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के लिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में पीपीपी मोड पर अस्पताल बनाए जाएंगे। वित्त वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 12,300 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। सरकार ने साल 2025 तक टीवी की बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। जल जीवन मिशन के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है। 





बनेगा हर जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज......





वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जल्द नई शिक्षा नीति की घोषणा की जाएगी। मार्च 2021 तक 150 उच्च शिक्षण संस्थान शुरू हो जाएंगे जिनमें स्किल्ड प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्वालिटी एजुकेशन के लिए डिग्री वाली ऑनलाइन योजनाएं शुरू की जाएंगी। यही नहीं उन्होंने नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए हर जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज बनेगा। बजट में शिक्षा के लिए 99300 करोड़ जबकि स्किल डेवलपमेंट के लिए 3000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक अप्रैल 2020 से जीएसटी की नयी सरलीकृत रिटर्न व्यवस्था लागू होगी। 





               ..........बजट को लेकर ये रही प्रतिक्रियायें ..........





कुल मिला कर बजट विकासोन्मुखी .....





केन्द्रीय वित्त मंत्री निम्रला सीतारमण द्वारा संसद मे प्रस्तुत बजट आम तोैर पर अच्छा एवं कल्याणकारी है किन्तु इस बजट से शासकीय सेवकों को इस बजट से कोई लाभ नही होने वाला नही है। बजट में हालांकि 5 लाख तक आयकर से छूट दी गई है किन्तु इसके साथ विकल्प भी दिया गया है कि सरकारी कर्मचारी चाहे तो वह पूराने मान से आयकर के विकल्प को चुन सकते है। यदि कोई कर्मचारी 5 लाख वाले विकल्प को चुनता है तो उसे अन्य छूटों के लाभ से वंचित होना पडेगा । नये एवं जिनके हाउस लोन आदि नही है उन्हे इसकी छूट का लाभ नही लेना है उनके लिये ही ठीक हैै। बजट में विवाद से विश्वास तक की योजना अनुकरणीय है ,जिसमें 31 मार्च तक टेक्स भरने वालों को पेनेल्टी एवं ब्याज से छूट मिल जायेगी। बजट मे कैशलैस अससेसमेंट की जगह अपील योजना लाई गई है जिसमे टेक्स दाता अपील करेगा ओर उसे यह मालुम नही रहेगा कि अधिकारी कौन है ...? और अधिकारी को नही मालुम रहेगा कि अपील कर्ता कोैन है....? इससे टेक्स दाताओं को राहत होगी। बजट मे 1 करोड की व्यापार लिमीट बढा कर 5 करोड करने से व्यापारियों को फायदा होगा तथा अब आडिट नही कराना पडेगा । बजट मे शिक्षा, संस्कृति, आदि पर ही प्रावधान है । कुल मिला कर बजट विकासोन्मुखी ही कहा जावेगा ।





......... मनीष कोठारी- अकाउंटेंट झाबुआ




अच्छा एवं कल्याणकारी .........





केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट फौरी तौर पर अच्छा एवं कल्याणकारी प्रतीत होता है। आयकर दाताओं को भी 5 लाख तक के स्लेब तक टेक्स से छूट दी ्रगई है यह राहत भरा कदम है। महिलाओ के सशक्तिकरण, बाल कल्याण, षिक्षा, संस्कृति  को भी बजट मे अहम स्थान दिया है। बजट विकासोन्मुखी और अच्छा कहा जा सकता है।





.........श्रीमती भारती सोनी, संकल्प ग्रुप 




व्यापारी वर्ग को राहत देने का कदम ........





केन्द्रीय वित्तमंत्री ने आम बजट में व्यापारी वर्ग को राहत देने का कदम उठाया है। जहां आयकर की स्लेब को 5 लाख तक कर दिया है इससे छोटे टेक्स दाताओं को राहत मिल सकती है। बजट में विवाद से विश्वास तक स्कीम व्यापारियों के हित में है । 31 मार्च तक टेक्स पर पेनेल्टी एवं व्याज माफ  की योजना व्यापारियो के हित में है। केस लेस अपील की योजना भी व्यापारीवर्ग के लिये अनुकुल रहेगी। कुल मिला कर प्रस्तुत बजट आम लोगों के लिये अच्छा कहा जावे तो अतिशयोक्ति नही होगी ।





........नीरजसिंह राठौर, अध्यक्ष सकल व्यापारी संघ झाबुआ




नही लगाने पडेगे रिर्टन बनवाने के लिये विशेषज्ञो के चक्कर..... 





वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत आम बजट मध्यम आय के लोगो के लिये बहुत ही अच्छा है। पॉच लाख तक की आयकर छूट का लाभ मिलने से उन्हे आसानी रहेगी तथा हमेशा की तरह उन्हे अपनी आय का रिर्टन बनवाने के लिये विशेषज्ञो के चक्कर नही लगाने पडेगे। कर्मचारी वर्ग के लिये भी यह बजट अच्छा है। किसानो के लिये यह बजट में उनकी उपज बैचने सिचाई के लााभ, कर्ज की सुविधा से किसान उत्साहित होंगे। किन्तु बजट में युवा लोगो के बेरोजगारी को दूर करने का कोई प्रावधान नही किया गया है। देश में प्रतिवर्ष 25 लाख युवा बेरोजगार आते है ऐसे में बजट में उनके रोजगार के लिये कोई स्पष्ट नीति उल्लेखित नही की गई है। आरामदायक किन्तु आवश्यक इलेक्ट्रानिक सामानो महंगे हो जाने से लोगो पर भार बढेगा। कुल मिलाकर बजट को संतोषजनक कहा जा सकता है। 





..........डॉ.के.के. त्रिवेदी, इतिहास विद् एवं समाजसेवी झाबुआ




लगेेगा अंकुश भ्रष्टाचार पर कैशलेस अपील की योजना से .....





वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत आम बजट पुरी तरह संतोषजनक है।  इसमें अल्पआय वालो को टैक्स में राहत दी गई है। जो अच्छा कदम है। बजट में विवाद से विश्वास तक योजना व्यापारियो के हित में है वही कैशलेस अपील की योजना से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेेगा। व्यापार की लिमिट 1 करोड से बढाकर 5 करोड कर दी है जो व्यापारियो के लिये फायदेमंद रहेगी। बजट में रेल्वे लाईन का जिक्र नही है कुल मिलाकर बजट आम लोगो के लिये संतोषजनक है। 





......नुरूद्दीन भाई पिटोलवाला, नेशनल पेट्रोलियम , झाबुआ





दोहद-इन्दौर रेल्वे लाईन पर निराशा ........





केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा प्रस्तुत आम बजट को लेकर झाबुआ के व्यापारीवर्ग, किसानों,स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे लोगों, सरकारी कर्मचारियों द्वारा स्वागत किया गया है तथा इस बजट को विकासोन्मुखी बताया गया है । बजट में दोहद-इन्दौर रेल्वे लाईन को लेकर वित्त मंत्री ने कुछ नही कहा जिससे आम लोगों में निराशा भी दिखाई दी । गृहिणीयों ने वित्तमंत्री द्वारा मंहगाइ्र पर नियंत्रण के लिये कोई प्रावधान नही किये जाने पर निराशा व्यक्त की है ।




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