*महाशिवरात्रि, भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा~डाँ. पं. अशोक शास्त्री* ~~

          हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक चर्चा के दौरान बताया है कि  महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 21 फरवरी को एक विशेष योग में मनाई जाएगी। डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार  इस विशेष संयोग का नाम शश योग है। इस दिन पांच ग्रहों की राशि पुनरावृत्ति होने के साथ शनि व चंद्र मकर राशि, गुरु धनु राशि, बुध कुंभ राशि तथा शुक्र मीन राशि में रहेंगे।
          ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि इससे पहले ग्रहों की यह स्थिति और ऐसा योग वर्ष 1961 में रहे थे। इस दौरान दान-पुण्य करने का भी विधान है। डॉ. शास्त्री  के अनुसार यह विशेष संयोग लगभग 59 साल बाद बन रहा है, जो साधना-सिद्धि के लिए खास महत्व रखता है । मान्यता है कि इस दिन शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन भोलेबाबा को प्रसन्न करने के लिए किस शुभ मुहूर्त में पूजा करना फलदायक है। 
        *महाशिवरात्रि का महत्व*
          महाशिवरात्रि को शिव और शक्ति के मिलन की रात्रि कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि इस दिन भगवान शिव के अर्धनारिश्वर रूप की आराधान की जाता है। साल में 12 शिवरात्रियां आती है। लेकिन जो शिवरात्रि फाल्गुन मास में आती है उसे हिंदू धर्म में अधिक महत्व दिया जाता है। जिसे महाशिवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग भगवान शिव का आर्शीवाद प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और शिव भक्तों को जीवन के सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
           डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ अपने आराध्य देव के दर्शनों के लिए आते हैं। इस दिन प्रात: काल ही मंदिरों में भजन और कीर्तन का दौर शुरू हो जाता है। कई जगहों पर तो इस दिन भांग को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। क्योंकि भांग भगवान शिव को अत्याधिक प्रिय है। महाशिवरात्रि के दिन कुंडली में सभी प्रकार के दोष समाप्त होते हैं और नवग्रहों से संबंधित परेशानियां भी समाप्त होती है। डाँ. शास्त्री के मुताबिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव पूरे संसार में विचरण करते हैं और जो भी व्यक्ति इस दिन रात में जागकर भगवान शिव की आराधना करता है। उसे भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती हैं ।
      *महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त*
21 तारीख को शाम को 5 बजकर 20 मिनट से 22 फरवरी, शनिवार को शाम सात बजकर 2 मिनट तक रहेगा।
        *शिवरात्रि की पूजा विधि*
         शिव रात्रि के दिन सबसे पहले सुबह स्नान करके भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान करवाएं। 
          उसके बाद भगवान शंकर को केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं।
          इस दिन पूरी रात दीपक जलाकर रखें। 
          भगवान शंकर को चंदन का तिलक लगाएं।
          तीन बेलपत्र, भांग धतूर, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं। सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें।
*पूजा में सभी उपचार चढ़ाते हुए*  
*ऊँ नमो भगवते रुद्राय"* , *" ऊँ नम: शिवाय रुद्राय शंभवाय् भवानीपतये नमो नमः "* मंत्र का जाप करें । जय महाकाल, जय धारनाथ, जय हो ।
                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी (धार ,एम.पी.
                  मो. नं.  9425491351

              ~  :  *शुभम्  भवतु*  :  ~


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