झाबुआ~श्री राजेन्द्र जयंत नित्यसेन विहार धाम हेतु बैठक में किया गया समिति का गठन, फुलमाल में विहार धाम के साथ जिन मंदिर, ज्ञानार्जन केंद्र एवं गौशाला का भी होगा निर्माण~~


झाबुआ। विश्व पूज्य दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी मसा एवं पुण्य सम्राट राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा के दिव्य एवं आलोकिक कृपा वृष्टि से वर्तमान आचार्य गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी मसा की पावन प्रेरणा से पपू मुनिराज डॉ. सिद्धरत्न विजयजी एवं विद्वतरत्न विजयजी मसा, परम् तपस्वी विदुषी साध्वी दर्षनकला एवं जीवनकला श्रीजी मसा के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में शहर के समीपस्थ ग्राम फुलमाल में श्री राजेन्द्र जयंत नित्यसेन विहार धाम के निर्माण की योजना एवं रूपरेखा को लेकर झाबुआ श्री संघ के सदस्यों की आवश्यक बैठक स्थानीय श्री ऋषभदेव बावन जिनालय परिसर में संपन्न हुई। बैठक जैन श्री संघ के वरिष्ठ संरक्षक आनंदीलाल संघवी एवं पूर्व व्यवस्थापक राजेन्द्र मेहता के मुख्य आतिथ्यि में आरंभ हुई। अध्यक्षता श्री संघ प्रवक्ता डॉ. प्रदीप संघवी ने की। 


शारदा प्रतापसिंह सिक्का द्वारा विहार धाम हेतु निजी कृषि भूमि प्रदान की ....


संचालन करते हुए विहार धाम संयोजक यशवंत भंडारी ने बताया कि फुलमाल में वरिष्ठ समाजसेविका शारदा प्रतापसिंह सिक्का द्वारा अपनी स्वेच्छा से विहार धाम के निर्माण हेतु निजी कृषि भूमि प्रदान की गई है। जिस पर पूज्य आचार्य श्रीजी, मुनि भगवंत एवं साधु भगंवतों ने विहार धाम निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की। जिसके निर्माण एवं संचालन हेतु ट्रस्ट या समिति का गठन करके शीघ्र-अतिशीघ्र कार्य आरंभ हो सके, इस हेतु आप सभी को आमंत्रित किया गया है। साथ ही श्री भंडारी ने बैइक में उपस्थित सभीजनों से से इस संबंध में अपने सुझाव आमंत्रित किए। 


जिन मंदिर, ज्ञानार्जन केंद्र एवं गौशाला का भी हो निर्माण .....


उपस्थित सभी सदस्यों ने मुर्हुत देखकर तत्काल विहार धाम का निर्माण प्रारंभ करने की बात कहीं। साथ ही इस स्थान पर एक सुंदर जिन मंदिर, ज्ञानार्जन केंद्र (गुरूकुल) एवं गौषाला का भी प्रोजेक्ट बनाकर इनका भी निर्माण किए जाने की बात कहीं। उपस्थित सभी सदस्यों ने इन तीनों प्रस्ताव पर अपनी सहमति व्यक्त कर पूरा सहयोग देने हेतु आश्वस्त किया।


विहार धाम समिति का हुआ गठन ....


इस अवसर पर विहार धाम के निर्माण एवं संचालन हेतु उपस्थित सदस्यों की सर्वानुमति से विहार धाम समिति का गठन किया गया। जिसमें प्रमुख संरक्षक पूर्व व्यवस्थापक बाबुलाल संघवी, संरक्षक एवं मार्गदर्शक कांतिलाल बाबेल, आनंदीलाल संघवी एवं राजेन्द्र मेहता को बनाया गया। समिति में सलाहाकार के रूप में आमंत्रित सदस्यों में प्रेमप्रकाश कोठारी, अशोक संघवी, ओएल जैन, कांतिलाल पगारिया, डॉ. प्रदीप संघवी, मुकेश संघवी, मनोहरलाल छाजेड़, अशोक कटारिया को मनोनीत किया गया। साथ ही प्रमुख विधि सलाहकार की जवाबदारी अशोक रूनवाल एवं उत्तम लोढ़ा (एडवोकेट) को सोंपी गई।


श्री भंडारी अध्यक्ष एवं श्री संघवी सचिव नियुक्त .....


प्रस्तावित समिति को ट्रस्ट मंडल का स्वरूप देने हेतु विधिवत् पदाधिकारियों का चयन हुआ। जिसमें यशवंत भंडारी अध्यक्ष, अनिल संघवी एवं सतीश कोठारी उपाध्यक्ष, सुनिल संघवी सचिव, राजेन्द्र आर भंडारी एवं मनोज बाबेल सह-सचिव एवं अनिल रूनवाल को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। साथ ही एक स्थायी ट्रस्ट मंडल बनाया गया। जिसमें ट्रस्टी के रूप में संजय जैन(जगावत), दिलीप संघवी, रमेश जैन, योगेन्द्र नाहर, कमलेष भंडारी, महेन्द्र मुथा, नरेन्द्र पगारिया (नीलम), धर्मेन्द्र कोठारी, राजेन्द्र (राजू) सेठिया, संदीप जैन, राकेश वागरेचा गज्जूभाई, निखिल भंडारी, रत्नदीप सकलेचा एवं रिंकू रूनवाल का मनोनयन किया गया। 


निर्माण समिति भी की गई गठित...


इस अवसर मनोज बाबेल ने सुझाव दिया कि निर्माण शीघ्र एवं गुणवत्तायुक्त हो तथा विहार धाम आकर्षक बने, इस हेतु सदस्यों की एक समिति बनाई जाए, जो समय-समय पर निर्माण कार्यों का अवलोकन कर अपने-अपने सुझाव दे, जिस पर सभी की स्वीकृति से निर्माण समिति का भी गठन किया गया। जिसमें प्रभारी रत्नदीप सकलेचा (इंजिनियर), मनोज बाबेल, संदीप जैन एवं संजय जैन (जगावत)को सदस्य नियुक्ति किया गया। इसी प्रकार वित्तीय व्यवस्था की जिम्मेदारी राजेन्द्र मेहता, अनिल रूनवाल एवं यशवंत भंडारी को दी गई। शासकीय कार्य में सहयोग हेतु सतीश कोठारी, मुकेश संघवी एवं रिंकू रूनवाल को नियुक्त किया।


लाभार्थी जितेन्द्रकुमार, संजय कुमार जवेरचन्द जैन (जगावत-मुंबई वाले) द्वारा 9 फरवरी को होगा भूमिपूजन... 


ट्रस्ट मंडल के गठन के पश्चात् भूमिपूजन करने हेतु 9 फरवरी, रविवार को प्रात: 9 से 10 बजे तक का समय तय किया गया। साथ ही यह तय किया गया कि भूमिपूजन करवाने हेतु बोली लगाई जाए। जिसमें बोली लगाकर लाभार्थी बनाया जाए। सर्वाधिक बोली बोलकर जितेन्द्रकुमार, संजय कुमार जवेरचन्द जैन (जगावत-मुंबई वाले) ने भूमिपूजन करने का लाभ लिया। भूमिपूजन की विधि पंडि़त गुरू महेश जैन (रानापुर) द्वारा संपन्न करवाई जाएगी तथा निर्माण के सभी कार्य निर्विघ्न संपन्न हो, इस हेतु श्री नमस्कार महामंत्र का जाप, भक्तामर स्त्रोत पाठ एवं शांति स्नात्र पूजन की जाएगी। अंत में आभार समिति के नव-मनोनीत सचिव सुनिल संघवी ने माना। बैठक में बडी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।


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