झाबुआ~ जिले की अतिक्रमण मुहिम राजनैतिक हलचल~~

जिले मे प्रशासन द्वारा लाजवाब चल रही है अतिक्रमण मुहिम अपने-अपने को छोडे ओर गरीबो के तोडे~~

झाबुआ दर्ज कर सकता है,शायद अपना नाम गिनीज बुक में अतिक्रमण कर घुमटी लगाने में -वाह रे झाबुआ ~~

अतिक्रमणकारियों में ना पुलिस का खौफ़  है ना ही प्रशासन का .....राजनैतिक हस्तक्षेप के चलते प्रशासन मे कार्रवाही का नही होता है साहस~~

झाबुआ। संजय जैन~~

कहने वाले कहते है कि मध्यप्रदेश मे कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने क्लीन चिट आपरेशन के नाम पर अच्छा गौरख धंधा झाबुआ जिले से लगाकर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश मे चलायमान किये हुए है। इस गोरखधंधे मे प्रशासनिक अधिकारी से लगाकर सत्ता पक्ष से जुडे जनप्रतिनिधि ओर नेता भ्रष्टाचार रुपी दरिया मे जमकर डुबकी लगा रहे है। 

कोई नही गरीबो की चित्कार ओर पुकार सुनने वाला जिले मे...... 

जिला प्रशासन जिले भर मे लाजवाब ढंग से अतिक्रमण मुहिम अपने-अपने को छोडे ओर गरीबो के तोडे की तर्ज पर काम करता नजर आ रहा है। देखने मे तो यहा तक आया है कि ग्राम पंचायतो द्वारा बनाये गये प्रतिष्ठानो को भी तोड रहे है,तो वही केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना मे मिले गरीबो को ढाई लाख की राशि से बने आवासो को भी बुलडोजर का शिकार बना दिया गया है। अतिक्रमण मुहिम के दौरान गरीबो की चित्कार ओर पुकार सुनने वाला जिले मे कोई माय बाप नही बचा है। विपक्ष भी इस ज्वलंत मुददे को क्यो नही आक्रमक रुख अपना रहा है या शोध का विषय बना हुआ है......?

असली भुमाफियाओ को छोडा जा रहा है, गरीबो का मिटाया जा रहा है.......

जिला मुख्यालय से लगाकर सम्पूर्ण जिले मे जिला प्रशासन के आला अधिकारी लाजवाब ढंग से कमलनाथ के आपरेशन क्लीन को जिले मे अंजाम दे रहे है। अतिक्रमण मुहिम के नाम पर सत्ता पक्ष से जुडे बडे-बडे भुमाफियाओ को बक्शा जा रहा है। वही जिला मुख्यालय से लगाकर सम्पूर्ण जिले मे कांग्रेस सरकारो के दरमियान भुमाफियाओ द्वारा कही लीज के नाम पर तो कही उद्योग के नाम पर हजारो वर्गफीट जमीन सरकारी अपने अपने नाम अलाट कराकर जिस हेतु उन जमीनो को प्रशासन ओर शासन को लीज अलाट कराई थी,उन उददेश्यो से परे हटकर अब उन लीज की जमीनो पर उद्योग धंधो के बजाय निजी कालोनीयॉ,तो कही निजी मकान,तो कही वैवाहिक गार्डन सीना ताने खडे हो गये है । परंतु जिला प्रशासन को इन लीज पर लेने वाले भुमाफियाओ की काली करतुत नजर नही आ रही है क्योकि इन भुमाफियाओ से विटामिन-डी प्राप्त हो जाने से मौनव्रत साधे हुए है। तो वही दुसरी ओर इन भुमाफियाओ से विटामिन-डी प्राप्त हो जाने से जिला प्रशासन के आला अधिकारी इनकी तरफ  नजर नही उठा रहे है। गरीबो के आसियाने तोडकर उन्हे दो जुन की रोटी से मोहताज करते नजर आ रहे है। उनकी चिख ओर पुकार सुनने वाला इस जिले मे कोई नही है ......?

जिला मुख्यालय पर नपा ओर शासकीय कुंए पर हुए अतिक्रमण पर प्रशासनिक नजर क्यो नही पड रही है......?

अतिक्रमण की जहा तक बात झाबुआ नगर के संदर्भ मे हम करे ओर पैनी नजर दौडाये तो कही चौकाने वाले अतिक्रमण पर जिला प्रशासन के आला अधिकारीयो की नजर क्यो नही पड रही है यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है। किसी समय मे बावडी मस्जिद से लगा शासकीय कुआ नगर पालिका से निर्मित है,इसी तर्ज पर बुनियादी स्कुल के सामने शासकीय कुआ भुमाफियाओ की अतिक्रमण का शिकार बनकर आम जनता को इसका लाभ मिलना दुर्लभ हो गया है। बावडी मस्जिद से लगे लालबाई फुलबाई माताओ का स्थान एक वर्ग विशेष ने अतिक्रमण कर अपने कब्जे मे ले लिया है।  इसी तर्ज पर कुरेशी कंपाउण्ड पर बनी ऐतिहासिक राजशाही के जमाने की बनी छतरियॉ अतिक्रमण का शिकार होकर अपना अस्तित्व खोते नजर आ रही है। इसी तर्ज पर कांग्रेस कमेटी के जिला कार्यालय के सामने ओर शांति निकेतन लॉज के पीछे नपा द्वारा निर्मित कांजी हाउस अतिक्रमण का शिकार हो गया है। तो वही बाबेल कंपाउण्ड से लगी हुई आयर्वेदिक विभाग को अलार्ट शासकीय जमीन भुमाफियाओ के शिकार बन चुकी है। यह जमीने जिला प्रशासन को नजर नही आ रही है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर जिला प्रशासन के आला अधिकारी कांग्रेस नेताओ के इशारो पर अपनी ढपली अपना राग की तर्ज पर अतिक्रमण मुहिम चलाकर मालामाल हो रहे है.........?

जिला मुख्यालय से लगाकर जिले भर मे चरणोई भुमि पर बेहताश अतिक्रमण........

एक तरफ  मध्यप्रदेश शासन बडे जोरदार ढंग से प्रदेश भर मे शासकीय गौशाला के निर्माणो की बात कर रही है,तो दुसरी ओर सरकार द्वारा जिला मुख्यालय से लगाकर प्रदेशभर मे घोषित चरणोई भुमियो पर हो रहे बेहताशा अतिक्रमणों से बेखबर नजर आ रही है। चरणोई भुमि ही लुप्त हो जायेगी तो पशुधन अपनी भुख मिटाने कहा जायेगा। झाबुआ मुख्यालय से लगाकर जिले भर मे कई स्थानो पर चरणोई भुमि पर अतिक्रमणकर्ताओ ने अतिक्रमण कर रखा है परंतु चरणोई भुमि पर हुए अतिक्रमणो को मुक्त करने व कराने मे जिला प्रशासन नाकाम सिद्व हो रहा है।

******* शहर में लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण ******

-जिला जेल.....

जिला जेल के सामने शहीदों की याद में विजय स्तंभ बनाया गया। यहीं से उत्कृष्ट मार्ग गुजर रहा है। सडक के दोनों ओर दुकानें लगा दी गई है। जीप व टेम्पो का स्टैंड भी यहीं पर बना दिया गया है। पहले यहां पर नाममात्र की दुकानें लगती थी,लेकिन अब दुकानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके अलावा दिलीप क्लब के सामने भी कई वर्षों से दुकानें लग रही हैं। जिससे मार्ग छोटा होता जा रहा है। कई बार तो यहां से वाहन गुजरने में भी दिक्कतें होती हैं।


-जिला अस्पताल...

जिला अस्पताल के सामने बनाई गई दुकानों के बाहर व्यवसायी अपना सामान रख लेते हैं। इसके अलावा रामकृष्ण आश्रम के सामने सडकों पर दुकानें लग जाती है। यहीं से यात्री बसें बस-स्टेंड आना-जाना करती है। दुकानें सडकों पर लगने से वाहनों को आने-जाने में दिक्कतें उठानी पडती है। कई बार तो दुर्घटना का भी भय बना रहता है। गौरतलब है अतिक्रमण के विरोध में संघ चालक परिचालक ने प्रशासन को ज्ञापन देकर अतिक्रमण कारियो को हटाने हेतु निवेदन किया था,साथ ही यह भी कहा था कि आप इन्हें नही हटाएंगे तो हम बस को बस स्टैंड तक न लाकर यात्रियों को जेल चौराहे पर ही उतारने हेतु विवश हो जाएंगे।


-बस स्टैंड....बस स्टैंड के पास की गुमटियां हटाना ही होंगी

यहां दो रोड समानांतर हैं,इनके बीच हॉकर्स जोन है। हॉकर्स जोन पूरी तरह से खाली पड़ा है। गुमटियां सड़क पर इतनी कि सड़क पर पैदल चलने की जगह नहीं बचती। इस एक तरफ  के रोड का उपयोग ही नहीं हो पता। बस स्टैंड के पास सुविधाघर के दोनों ओर गुमटियों ने सड़क को ही लील लिया। गुमटियों को हॉकर्स जोन में लगवाना सुनिश्चित किया जा सकता है। सड़क खाली कराकर दोनों रास्तों का उपयोग वन वे की तरह हो। बस स्टैंड के पास की गुमटियां हटाना ही होंगी। स्कूलों की छुट्टी के समय जाम लगता हैं।


मुख्य बाजार में अक्सर लगता है जाम...

राजवाड़ा से नेहरू मार्ग रोड पर 4 बैंकें और कई सारी दुकानें हैं। जिला थोक उपभोक्ता भंडार का ऑफिस भी है। दिनभर में सैकड़ों वाहन आते हैं और ये लोग सड़क पर वाहन खड़े करते हैं। 40 फीट का रोड 15 फीट का रह जाता है। यही हाल कॉलेज रोड और राजवाड़ा चौक के भी हैं। शहर के डीआरपी लाइन तिराहा, राजगढ नाका,सिद्धेश्वर कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। अतिक्रमण बढऩे से अब शहर की सडकें भी सकरी होती जा रही है। मुख्य बाजार की स्थिति तो यह है कि बढ़े वाहन बेरोक-टोक बाजार में प्रवेश कर जाते हैं,जिससे छोटे वाहनों को शहर से निकलने में मशक्कत करना पडती है। मुख्य बाजार में जाम लगना आम बात हो चुकी है। 


धीरे-धीरे शेष पड़ी भूमि भी अतिक्रमण की चपेट में आ जाएंगी.....

हालत यह है कि शहर के बीच में जहां पार्किंग स्थल और सब्जी मार्केट बनाए जा सकते हैं। उन जमीनों पर लगातार गुमटियां और शेड लगकर अतिक्रमण किया जा रहा हैं। नगर में सार्वजनिक बाजारों के लिए जगह तक नहीं बची। बस स्टैंड पहले ही अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। यदि ऐसी अनदेखी होती रही तो धीरे-धीरे शेष पड़ी भूमि भी अतिक्रमण की चपेट में आ जाएंगी। सिद्धेश्वर मंदिर रोड की चौड़ाई 30 फीट के आसपास है, लेकिन कई साल पहले नगर पालिका ने गुमटी वालों को वैध कर दिया था। ये गुमटियां पहले नाले पर थी,अब आधी सड़क तक आ गई हैं। सड़क के दूसरी ओर भी अवैध दुकानें लग गई हैं। दिनभर में कई बार जाम लगता है। इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।


 हो रहे आला अधिकारी नोटिस भेज-भेज कर मालामाल......

कमलनाथ का आपरेषन क्लीन बना भ्रश्टाचार का आपरेशन उक्त कमलनाथ की मंशा के विपरीत आपरेशन क्लीन के नाम पर विपक्षी दलो से जुडे भाजपाईयो को टारगेट कर परेशान किया जा रहा है। जबकि जिला मुख्यालय पर मारुती नगर कैलाश मार्ग हुडा एवं कब्रिस्तान रोड पर कब्रिस्तान सीमा से लगे प्रशासन अतिक्रमणो को हटाने मे रुचि क्यो नही ले रहा है .....? यह नगर मे जनचर्चा का विषय बना हुआ है। कहने वाले कहते है कि आपरेशन क्लीन के नाम पर जिला मुख्यालय से लगाकर जिलेभर मे अतिक्रमण हटाने वाले आला अधिकारी नोटिस भेज-भेज कर मालामाल हो रहे है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए...?


-अतिक्रमणो को हटाया जाएगा....

 नगर पालिका सीएमओ एलएस डोडिया का कहना है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर योजना बनाई जा रही है। इस बारे में एसडीएम साहब और पुलिस से बात करके हल निकालेंगे। योजना में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा,अतिक्रमणो को हटाया जाएगा। 

.......एलएस डोडिया-सीएमओ-झाबुआ।  


-अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के विरुद्ध चलाएंगे अभियान ......

क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के निर्माण और अतिक्रमण को रोकना हमारे एजेंडे में है। कस्बे में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ  कार्रवाई का अभियान भी चलाया जाएगा।  

..........अभय सिंह खराड़ी-एसडीएम-झाबुआ। 


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