खंडवा/ बीड़~एस आई एफ जवानो द्वारा की गई मारपीट के बाद वाहन चालकों ने की थी हडताल,~~

वाहन से  मालिकों का कांटा जा रहा दो दिन वाहन किराया .~~

एम पी पी जीसीएल के रुख से वाहन मालिकों में रोष . ~~

सोमवार को चीफ इंजीनियर को  सौपेगे ज्ञापन.~~

रवि कुमार खंडवा/ बीड़~~

संत सिंगाजी पांवर परियोजना दोगालिया में पुर्व के दिनों मे गेट पास चेंक करने पर डायवर प्यार सिंह के साथ एस आई एफ के जवान द्रार गालीगलोज कर मारपीट की ग ई थी मारपीट के बाद सिंगाजी परियोजना के समस्त वाहन चालकों ने परियोजना के चीफ इंजीनियर सहित मुंदी थाने को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की थी उस मांग पत्र में सभी ड्राइवरों ने एसआईएस के जवान पर कार्यवाही ना होने पर हड़ताल की सूचना भी दी गई थी।  पर परियोजना के संबंधी जवाबदार अधिकारियों ने इस ओर कोई सुनवाई नहीं की ड्राइवरों का आक्रोश लगातार पनपता रहा और उन्होंने 1 दिन की हड़ताल कर दी  जिसमें उस दिन सिंगाजी परियोजना में अटैच गाड़िया  अधिकारियों द्वारा चलाई गई अगले दिन ड्राइवर काम पर पुनः लोट गए परंतु एमपीपीजी सीएल के द्वारा सभी वाहन मालिकों का पैसा काटा जा रहा है 1 दिन वाहन चालक काम पर ना जाने पर 1 दिन की पैनल्टी सहित दो दिन का पैसा काट लिया गया वाहन मालिक गुमान सिंह पटेल ,रोमी सलूजा सहित वाहन मालिकों ने बताया कि एमपी पीसीएल के मैनेजमेंट को पूर्व में पहले ही अवगत करा दिया गया था कि कार्रवाई  नहीं की जाएगी तो हम सभी ड्राइवर लोग हड़ताल पर रहेंगे जब इस बात की सूचना पहले ही दी जा चुकी थी तो उन्होंने पत्र के माध्यम से वाहन मालिकों को सूचित करना था बिना सूचित करें पैसा काट लेना सरासर गलत है यदि हमारे अटैच लगे वाहनों में ड्राइवर काम पर नहीं जाता तो हम अगले दिन अन्य ड्राइवर की व्यवस्था करते परंतु एमपीपीजीसीएल के द्वारा बिना सूचित करें पैसा काट लेना सही नहीं है इस विरोध में हम सोमवार को परियोजना के चीफ इंजीनियर को ज्ञापन देकर कटे हुए पैसे को पुनः लौटाए जाने की मांग करेंगे वही प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ  प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व  एम डी को  भी घटना से अवगत कराया  जाएगा. वही पुर्व के दिनों में
एम पी पी जी सीएल के अधिकारियों जिला मुख्यालय जाकर  हड़ताल की थी जिसमें सरकारी वाहन सहित वाहन चालकों को ले जाया गया था जब सरकारी कर्मचारियों द्वारा जिस दिन हड़ताल की गई थी क्या उस दिन वेतन पगार कटवाई  गई थी वेतन पगार ना कटा कर इन्होंने एमपीपी जी सीएल ल के अधिकारियों ने  सरकारी कोष को भी चुना लगाया वह सरकारी वाहनों से सरकारी रुपयों का दुरुपयोग कर आंदोलन में भाग लिया ।यदि वाहन चालको का पैसा काटा जाता है, तो उस दिन एमपीपी जी सी एल के जितने भी अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर खंडवा मौजूद हुए थे, उन सभी का वेतन पैसा कांटा जाए वही कार्य को  प्रभावित करने की कारवाई भी की जाए . । वरन हमें वाहन का  काटा गया किराया स्वीकार नहीं है ।


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