अंजड~सुत के धागे में 10 गठानें बांधकर गले में किया धारण~~

आटे से बने गहनें सुहागिनों ने चढाकर परिवार की मांगी खुशहाली~~

सतीश परिहार अंजड़~~

अंजड-- मंदिर प्रांगणों में स्थित पीपल के पेड़ की पूजा अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाएं घर से आरती सजाकर उसमें कच्चे सूत का धागा और पुजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंची। पीपल के पेड़ की 10 परिक्रमा कर सुत के धागे में 10 गठानें बांधकर अपने गले में धारण किया। अनामिका अंगुली से पीपल की छाल निकालकर घर लेकर आई। धानमंडी चौक पिपल के पास कथा सुनने पहुंची महिलाओं को पंडित रमेश चंद्र शर्मा ने महिलाओं को कथा सुनाई। नगर सहित आसपास के गांवो में गुरुवार को दशा माता की पूजा अर्चना की गई। इसके लिए महिलाएं सुबह से ही सज धज कर नगर में त्रिवेणी पर सुबह से पीपल के वृक्ष के नीचे पहुंचना शुरू हो गई थी। पूजा-अर्चना का दौर सुबह से दोपहर तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने यहां पहुंचकर पीपल के वृक्ष की पूजा कर धागा बांधा व अपने परिवार में सुख समृद्धि की कामना की। होली के पर्व के दसवें दिन सोमवार को पीपल दशमी मनाई गई। महिलाओं द्वारा अपने परिवार की दशा सुधारने के लिए दशा माता की पूजा अर्चना की गई। महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की पूजा अर्चना कर 10 परिक्रमा की। साथ ही अपने सुहाग की सुरक्षा के लिए गले मे 10 गठानें लगाकर कच्चे सूत के डोरे बांधे एवं व्रत रखा।वहीं सुहाग की निशानी के रुप में आटे से बने हार, कंगन , और अन्य आभूषणों की पुजा कर पिपल के पेड को चभाए, इसके पश्चात महिलाओं ने दशा रानी, गणेश व राजा नल दमयंति की कथा पंडित से श्रवण की। घर के मुख्य द्वार पर हल्दी कुमकुम के स्वास्तिक व हाथों के चिन्ह बनाए।
फोटो :- धानमंडी चौक में पुजन करती महिलायें


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