।।  *सुप्रभातम्*  ।।
               ।।  *संस्था  जय  हो*  ।।
        ।।  *दैनिक  राशि  -  फल*  ।।
        आज दिनांक 20 मार्च 2020 शुक्रवार संवत् 2076 मास चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि अगले दिन प्रातः 07:59 बजे तक रहेगी उपरांत त्रयोदशी तिथि लगेगी । आज सूर्योदय प्रातः काल बजे 06:30 बजे एवं सूर्यास्त सायं 06:35 बजे होगा । श्रवण नक्षत्र सायं 05:02 बजे तक रहेंगा पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा । आज का चंद्रमा मकर राशि में दिन रात भ्रमण करते रहेंगे । आज का राहू काल प्रातः 11:07 से 12:37 बजे तक रहेंगा । दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेंगा यदि आवश्यक हो तो जौ का सेवन कर यात्रा आरंभ करें । जय हो

                 -- :  *विशेष*  :--

               *पापमोचिनी एकादशी*

चैत्र कृष्ण एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा गया है। इस व्रत को करने से मनुष्य जहाँ विष्णु पद को प्राप्त करता है वहीं उसके समस्त कलुष समाप्त होकर निर्मल मन में श्री हरि का वास हो जाता है। यह व्रत चैत्रादि सभी महीनों के शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों में किया जाता है। फल दोनों का ही समान है। शुक्ल और कृष्ण में कोई विशेषता नहीं है।
जिस प्रकार शिव और विष्णु दोनों आराध्य हैं, उसी प्रकार कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों का एकादशी उपोष्य है। विशेषता यह है कि पुत्रवान्‌ गृहस्थ शुक्ल एकादशी और वानप्रस्थ तथा विधवा दोनों का व्रत करें तो उत्तम होता है। इसमें शैव और वैष्णव का भेद भी आवश्यक नहीं क्योंकि जो जीवमात्र को समान समझे, निजाचार में रत रहे और अपने प्रत्येक कार्य को विष्णु और शिव को अर्पण करता रहे। वही शैव और वैष्णव होता है।
अतः दोनों के श्रेष्ठ बर्ताव एक होने से शैव और वैष्णवों में अपने आप ही अभेद हो जाता है। इस सर्वोत्कृष्ट प्रभाव के कारण ही शास्त्रों में एकादशी का महत्व अधिक माना गया है।
शास्त्रों में कहा गया है कि एकादशी का उपवास 80 वर्ष की आयु होने तक करते रहना चाहिए। किंतु असमर्थ व्यक्ति को उद्यापन कर देना चाहिए जिसमें सर्वतोभद्र मण्डल पर सुवर्णादि का कलश स्थापन करके उस पर भगवान की स्वर्णमयी मूर्ति का शास्त्रोंक्त विधि से पूजन करें। घी, तिल, खीर और मेवा आदि से हवन करें। दूसरे दिन द्वादशी को प्रातः स्नान के पीछे गोदान, अन्नदान, शय्यादान, भूयसी आदि देकर और ब्राह्मण भोजन कराकर स्वयं भोजन करें। ब्राह्मण भोजन के लिए 26 द्विजदंपतियों को सात्विक पदार्थों का भोजन कर सुपूजित और वस्त्रादि से भूषित 26 कलश दें।
चैत्र कृष्ण एकादशी पापमोचिनी है। यह पापों से मुक्त करती है। च्यवन ऋषि के उत्कृष्ट तपस्वी पुत्र मेधावी ने मंजुघोषा के संसर्ग से अपना संपूर्ण तप-तेज खो दिया था किंतु पिता ने उससे चैत्र कृष्ण एकादशी का व्रत करवाया। तब उसके प्रभाव से मेधावी के सब पाप नष्ट हो गए और वह पहले की तरह अपने धर्म-कर्म, सदनुष्ठान और तपस्या में संलग्न हो गया। ऐसी पवित्रता पूर्ण पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति पाकर मनुष्‍य मोक्ष प्राप्ति की ओर बढ़ता है। जय हो

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी )धार ,एम.पी.
                  मो. नं.  9425491351

                   *आज का राशि फल*  

          मेष :~ घर की साज-सज्जा में आपको परिवर्तन करने की इच्छा होगी। ऑफिस या व्यवसाय क्षेत्र में अधिकारियों के साथ भी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। सरकारी लाभ मिलने की संभावना है। ऑफिस से संबंधित कार्य के लिए यात्रा करनी पडेगी। कार्यभार बढ़ सकता है।

          वृषभ :~ नए कार्य की प्रेरणा मिलेगी और आप उन्हें प्रारंभ कर पाएँगे। किसी धार्मिक स्थल की मुलाकात से आपका मन भक्तिमय हो जाएगा। लंबे प्रवास का योग है। दूर स्थित स्नेहीजन या मित्रों के शुभ समाचार मिलेंगे। परेदश जाने की संभावना होंगी। व्यापार में आर्थिक लाभ होगा । स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।

          मिथुन :~ आज नए कार्य का प्रारंभ न करें। क्रोध के कारण कुछ अनिष्ट न हो, इसका खास ध्यान रखें । रोगी कोई नया इलाज या शल्यचिकित्सा आज न करवाएँ। अधिक खर्च होने से हाथ तंग रहेंगा । घर में या ऑफिस में वाणी पर संयम रखने से झगडा या विवाद टाल सकेंगे।

          कर्क :~ आज का दिन  आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजन में बीतेगा। प्रणय सम्बंधों में सफलता मिलेगी । उत्तम भोजन, वाहन-सुख के योग हैं तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यावसायिक क्षेत्र में भी लाभदायी दिन रहेगा। तंदुरस्ती अच्छी रहेगी।

          सिंह :~ घर में शांति का वातावरण रहेगा। दफ्तर में सहकर्मियों से कम सहयोग मिलेगा। दैनिक कार्यो में कुछ रुकावटें आएँगी। शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों की वजह से परेशानी होगी। उच्च पदाधिकारियों के साथ विवाद टाले। मायके से भी चिंतातुर करने वाले समाचार आ सकते हैं। आप में आज उदासीनता एवं शंकाशीलता खूब रहेगी जिससे मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा।

          कन्या :~ घर में शांति का वातावरण रहेगा। दफ्तर में सहकर्मियों से कम सहयोग मिलेगा। दैनिक कार्यो में कुछ रुकावटें आएँगी। शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों की वजह से परेशानी होगी। उच्च पदाधिकारियों के साथ विवाद टाले। मायके से भी चिंतातुर करने वाले समाचार आ सकते हैं। आप में आज उदासीनता एवं शंकाशीलता खूब रहेगी जिससे मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा।

          तुला :~ आज आप कुछ अधिक ही भावुक रहेंगे। मन में उठ रहे विचारों के कारण कुछ परेशान रहेगें। माता तथा स्त्री के विषयों में चिंता सताएगी। प्रवास के लिए आज का दिन प्रतिकूल है। पानी से दूरी रखें। निद्रा अपूर्ण रहने से मानसिक व्यग्रता रहेगी। पारिवारिक एवं जमीन-जायदाद के मामलों में सावधानी बरतें।

          वृश्चिक :~ किसी नए कार्य का प्रारंभ कर पाएँगे। साथियों से सुख एवं आनंद की प्राप्ति होगी। मित्रों व स्वजनों से भेंट होगी । किसी भी काम में आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ एवं भाग्यवृद्धि के योग हैं। भाई-बहनों से लाभ होगा। प्रतिस्पर्धियों के समक्ष विजय मिलेगी। स्नेह संबंध बनेंगे। छोटे प्रवास की संभावनाएँ हैं।

          धनु :~ निरर्थक व्यय होगा। मन में ग्लानि रहेगी। परिवारजनों के साथ गलतफहमी की वजह से मनमुटाव होगा। कार्यों में मनवाँछित सफलता नहीं मिल पाएगी। दुविधायुक्त मनोदशा के कारण निर्णय नहीं ले पाएँगे, अतः आज कोई भी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय न लें।

          मकर :~ आज आप का प्रत्येक कार्य सरलता से पूर्ण होगा। कार्यालय में तथा व्यावसायिक स्थल पर आपकी प्रतिष्ठा में वृद्घि होगी। पदोन्नति के योग हैं। गृहस्थजीवन में आनंद का वातावरण रहेगा। शारीरिक हानि के योग होने से संभल कर रहें तथा गिरने से बचें। मित्रो, स्नेहीजनों के साथ भेट होगी। मानसिक रुप से शांति रहेगी।

          कुंभ :~ मानसिक स्वस्थता कम रहेगी। कोर्ट-कचहरी की झंझट में न पड़े । अनुचित स्थान पर पूँजी-निवेश न हो इसका ध्यान रखें । परिवार के सदस्य विरोधी व्यवहार कर सकते है। अकस्मात से दूर रहें । क्रोध पर संयम रखें । धन के खर्च का योग है।

          मीन :~ आज आप पारिवारिक तथा सामाजिक बातों में विशेष लिप्त रहेंगे। मित्रों से भेंट होगी और उनके पीछे खर्च होगा । रमणीय स्थान पर प्रवास- पर्यटन की संभावना है। प्रत्येक क्षेत्र में आपको लाभ होगा। ( डाँ. अशोक शास्त्री )

।।  शुभम्  भवतु  ।।  जय  सियाराम  ।।
।।  जय  श्री  कृष्ण  ।।  जय  गुरुदेव  ।।


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