धार~सही साबित हुई ज्याेतिषाचार्च डाॅ. शास्त्री की भविष्यवाणी, पहले ही बता दिया था जनवरी से अप्रैल 20 तक संकट का रहेगा समय ~~

मुख्यमंत्री कमलनाथ की ताजपाेशी के साथ ही धार के ज्योतिषाचार्य डाॅ.अशोक शास्त्री ने कमलनाथ जन्म कुंडली के आधार पर भी भविष्य वाणी करते हुए कहा था कि 18 नवंबर 1946 को मीन लग्न में जन्में के लिए 17 दिसंबर 19 काे शनि में गुरु की छिद्र दशा से चल रहे थे। शनि पंचम भाव में तथा गुरु अष्टम भाव में होकर उनको आगामी लोक-सभा चुनावों में कांग्रेस को मध्यप्रदेश में अधिक सीटें नहीं जीतने देंगे, जिससे पार्टी में उनका प्रभाव कुछ कम होगा।           इस कारण उनके विरोधी कुछ समय के लिए उन पर हावी हो सकते हैं। जनवरी 2020 से अप्रैल 2020 तक संकट के समय साथी साथ छोडने के साथ सरकार पर भी खतरा मंडरा सकता है। अगर कमलनाथ जी जैसे तेसे यह समय निकाल लेते हैं तो बाद में मई 2020 से कमलनाथ को भाग्य भाव में बैठे बुध की शुभ दशा मिलेगी, जिसमें वह बड़ी कामयाबी से प्रदेश में अपनी सरकार चलाकर तेजी से लोकप्रियता हासिल करेंगे और अपनी पार्टी में विरोधियों को पछाड़ देंगे।
20 मार्च 2020 काे पं. शास्त्री की भविष्यवाणी सही साबित हुई। सीएम कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 22 विधायकाें के कारण सरकार संकट में अाई। ये विधायक कहीं-कहीं उनसे असंतुष्टी जाहिर कर चुके हैं। डाॅ.अशोक शास्त्री बताया था कि शपथ ग्रहण कुंडली के दशम भाव में पड़े सूर्य और शनि के कारण कमलनाथ प्रदेश में नौकरशाही की मनमानियों पर जल्द अंकुश लगाएंगे। नौकरशाही में बड़े तबादले और भ्रष्ट अफसरों पर कार्यवाही से मध्यप्रदेश में हड़कंप की खबरें अगले कुछ दिनों में अखबारों की सुर्खियां बटोरेंगी। कमलनाथ की मुहूर्त कुंडली में मंगल हानि के बाहरवें घर में होकर विपक्ष के सप्तम भाव को अपनी सबसे तीक्ष्ण आठवीं दृष्टि से देख रहा है।           साथ ही शनि भी दशम भाव से विपक्ष के सप्तम भाव को पीड़ित कर रहे हैं। डाॅ.अशोक शास्त्री ने बताया कि इस योग के प्रभाव से कमलनाथ विपक्ष को तेजी से दबाने के लिए पिछली सरकार के व्यापमं जैसे कुछ मामलों को दोबारा उठा सकते हैं। शास्त्री के बताई सभी बातें एक-एक कर सही निकली। मध्यप्रदेश में 17 दिसंबर को दोपहर बाद शपथ ली कमलनाथ महूर्त के मामले में अशोक गहलोत से अधिक भाग्यशाली रहें हैं। डाॅ.अशोक शास्त्री के मुताबिक मीन लग्न की उनकी शपथ ग्रहण कुंडली में लग्न में चंद्रमा पर भाग्य भाव से पड़ रही गुरु की शुभ दृष्टि उनको प्रदेश में तेजी से लोकप्रियता देगी। राशि और नवांश कुंडली में नवम भाव में पड़े बुध इस बात का  ज्योतिषीय संकेत दे रहे हैं कि उनकी सरकार मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और धार्मिक मसलों जैसे, वृद्धों को मुफ्त तीर्थयात्रा तथा गोशालाओं का निर्माण आदि में अधिक तेजी दिखाएगी। मुहूर्त कुंडली के चतुर्थ भाव के स्वामी बुध का नवम भाव में लग्नेश और दशमेश गुरु से बड़ा ‘राजयोग’ बनाना इस बात का संकेत है कि ‘किसानों से ‘कर्ज माफी’ का कांग्रेस का वादा मध्यप्रदेश में कमलनाथ पूरा कर दिया।


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