खिलेडी/कानवन~कानवन पुलिस ने अंधे कत्ल का किया पर्दाफाश~~

जमीनी विवाद व साली को भगाकर ले जाने के कारण षड्यंत्र पूर्वक हत्या कर शव को बोरे में भरकर जंगल में फेंका~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

खिलेडी/कानवन~ग्राम रलायता राजोद मार्ग पर जंगल में बोरे में बंद एक लाश पड़ी मिली थी जिसके सिर,गर्दन व चेहरे पर चोट के  निशान मिले थे।
मामला अंधे कत्ल का होने की वजह से धार एसपी आदित्य प्रताप सिंह व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के दिशा-निर्देशन में तथा बदनावर एसडीओपी जयंत सिंह राठौड ने एक टीम गठित की गई थी, जिसमें मुख्य आरोपी सुरेश को कानवन  पुलिस ने गिरफ्तार कर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया,
मृतक की पहचान शेरा उर्फ करणसिंह पिता मोहनलाल मोगीया  उम्र 46 वर्ष निवासी ग्राम कोद थाना कानवन के रूप में पहचान हुई यह भी ज्ञात हुआ कि  मृतक करण सिंह  करीब 3 माह पूर्व राजोद थाना क्षेत्र से एक महिला कृष्णाबाई निवासी ग्राम रामखेड़ा को अपने साथ  बदनावर में किराए का मकान लेकर पत्नी बनाकर रख रखा था तथा उक्त महिला के जीजा से जमीन की बात को लेकर विवाद था जिस पर कृष्णाबाई  के जीजा सुरेश उर्फ भूरा पिता थावर आरड़ जाति भील उम्र 30 वर्ष निवासी रामखेड़ा से पूछताछ की गई,जिस ने बताया कि करण सिंह मोगीया मेरी साली कृष्णाबाई को भगाकर ले गया था वह दोनों पति पत्नी बन कर रह रहे थे, तथा करण सिंह कुछ दिनों से मेरे ससुर की जमीन में से हिस्सा मांग रहा था जिस पर मैंने और मेरे साथी नंदराम पिता गेंदालाल धाकड़ निवासी रानीखेड़ी प्रफुल्ल पिता लक्ष्मण ग्रेवाल निवासी रामखेड़ा के साथ करणसिंह की हत्या करने का षड्यंत्र बनाया व होली के अगले दिन करण सिंह को महेमानी में बुलाकर लाठी-डंडे से पीट-पीटकर रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी तथा करण सिंह की लाश को बोरे में भरकर राजोद रलायता मार्ग पर फॉरेस्ट नर्सरी में फेंक दिया था कहा जाता है कि शातिर अपराधी कितना भी चालाक हो पुलिस से नहीं बच सकता है।
घटना का खुलासा करने में थाना प्रभारी कानवन कमल सिंह गहलोत उप निरीक्षक दिलीप पाण्डे, रविंद्र चौधरी, दीपचंद चंदेल, राजकुमार, विपिन, मुन्नासिंह ,प्रशांत, रितेश, जितेन ,प्रकाश बैरागी की अहम भूमिका रही।


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