*झाबुआ~पीपल का पेड़ देवी देवता के समान है जिसे काटने से लगता है पाप*~~

*साहब आप ही बताओ पीपल का पेड़ काटना उचित है क्या....*~~

*अलंकार ने पीपल की जड़े  काट कर अपने सिर लिया कलंक वाहरे अलंकार*~~

झाबुआ से दशरथ सिंह कट्ठा ब्युरो...9685952025~~

झाबुआ -  आजाद चौक के समीप वार्ड क्रमांक 5 में सीताराम के पुत्र अलंकार धनगया द्वारा सरसी बाई धर्मशाला के आगे सार्वजनिक ओटले एवं भेरुजी मंदिर के पास लगे पूजनीय पीपल के पेड़ पर दना-दन कुल्हाड़ियां व मशीन से  काटा जा रहा था। लगभग नीचे की जड़े तो काट ही डाली जब सोमवार को पीपल काटने के दौरान स्थानीय आसपास के रहवासियों ने मेघनगर एसडीएम पराग जैन को पीपल का पेड़ काटने एवं सार्वजनिक विश्राम ओटला तोड़कर अवैध रूप से निर्माण कार्य करने की सूचना दी एसडीएम के निर्देश पर नगर परिषद सीएमओ एवं नायब तहसीलदार व पटवारी शहीत टीम मौके पर पहुंची एवं स्थिति की जांच परख कर अलंकार धनगया के विरुद्ध पंचनामा बनाया गया।

*पीपल का पेड़ देवी देवता के समान काटने से लगता है पाप*

हिंदू संस्कृति के धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पीपल का पेड़ देवता के समान है इसलिए इसे काटने पर पाप लगता है। साधु संत पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान लगाते थे। पीपल के पेड़ के नीचे ध्यान लगाने से ध्यान स्थिर होता है साधना सफल हो जाती है। तभी इसे शुद्ध माना जाता है। इसके आस-पास का वातावरण शुद्ध होता है। इसी तरह वटवृक्ष के नीचे बैठकर पढऩे वाले की विद्या वटवृक्ष की तरह विद्या का ज्ञान फैल जाता है। पीपल के पेड़ में कई देवी देवता का वास होता है इसलिए हमने सुबह शाम पीपल के पेड़ को पानी चढ़ाते हैं साथ ही कई त्यौहार दशा माता एवं अन्य आयोजनों में पीपल की पूजा की जाती है पीपल का पेड़ काटा जाना कलंक है।

वर्जन बॉक्स..........................................अनुविभागीय अधिकारी पराग जैन मेघनगर

एस.डी.एम .पराग जैन ने बताया कि पेड़ काटने व ओटला तोड़ने का प्रयास किया है गया है उस पर पंचनामा मेरे पास प्रस्तुत हो चुका है। एम.पी.एल.आर.सी की धारा व वन विभाग की टीम से उक्त मामले की विवेचना कर ठोस कार्रवाई एवं जुर्माना संबंधित व्यक्ति पर किया जाएगा।


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