*इस होली क्या रहेगा खास, योग , शुभ मुहूर्त के साथ होलिका दहन पश्चात उसकी राख अपने घरों क्यों नहीं लाना चाहिए , जानें सब कुछ मेरे साथ डाँ. अशोक शास्त्री*~~
         
          मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक चर्चा में बताया है कि रंगों का त्योहार होली इस बार चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा दिनांक 10 मार्च 2020 को पूरे देश में मनाई जाएगी। इससे एक दिन पूर्व फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि दिनांक 09 मार्च को फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन और 03 मार्च से होलाष्टक आरंभ हो जाएगा। होलाष्टक शुरू होने पर सभी तरह के शुभ कार्य थम जाते हैं। फाल्गुन महीने में मनाई जाने वाली होली में इस बार क्या खास रहेगा आइए जानते हैं।
          ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि दिनांक  09 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है और इसी दिन होलिका दहन होगी। इस बार होली भद्रा रहित रहेगी। जिस कारण से इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। होली दहन  09 मार्च को जिसमें भद्रा दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इसके बाद भद्रा का समय नहीं रहेगा।
          डाँ अशोक शास्त्री ने बताया कि होली में इस बार भद्रा नहीं लगने से विशेष फलदायी रहेगी। इस बार होली भद्रा रहित, एवं होलिका दहन पर इस बार महासंयोग बन रहा है । डाँ. शास्त्री के मुताबिक इन संयोगों के बनने से कई अनिष्ट दूर होंगे । ग्रह गोचरों के खास संयोग भी बन रहे हैं । गुरु अपनी राशि धनु और शनि अपनी राशि मकर में रहेंगे । बुधादित्य  गजकेसरी योग भी बन रहा है। इसके बाद 10 मार्च को रंग वाली होली में त्रिपुष्कर योग बनेगा।
       *03 मार्च से होलाष्टक शुरू*
शुभ कार्यों में वर्ज्य होलाष्टक 03 मार्च से आरंभ होकर 09 मार्च तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री के मुताबिक पौराणिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन शुक्लपक्ष अष्टमी होलाष्टक तिथि का आरम्भ है। इस तिथि से पूर्णिमा तक के आठों दिनों को होलाष्टक कहा गया है। शुभ कार्यों के लिए वर्जित इन आठों दिनों के बारे में अनेकों पौराणिक घटनाओं का वर्णन मिलता है। 

*होलिका दहन के बाद भूलकर भी घर न लाएं राख, चुकानी पड़ सकती है भारी कीमत*
          ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक विशेष महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया है कि होलिका दहन के बाद बची राख को लोग अपने घर पर ले जाते हैं. इसके बाद लोग राख को अपने घर के मुख्य द्वार के अंदर छीडक देते हैं, लोग ऐसा मानते हैं कि ऐसा करने से धन की वृद्धि होती हैं और सभी रूके कार्य पूर्ण हो जाएंगे । इस उपाय को लोग अधिकतर करते हैं । ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री के मुताबिक शास्त्रों के अनुसार ऐसा करना वर्जित माना गया है । इस प्रकार के उपाय के बारे में किसी भी पौराणिक ग्रंथों या शास्त्रों में नहीं लिखा है ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने आगे बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में होलिका दहन बीच चौराहे पर किया जाता है । होलिका दहन की आग को लोग अपने घरों में ले जाते हैं , इसके बाद अपने अपने घरों की होली को उस आग से जलाते हैं । डाँ अशोक शास्त्री ने बताया कि शस्त्रों में अग्नि को सबसे अधिक पवित्र माना गया है । आग को अपने घर में लाने से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती हैं , यदि आप होलिका की अग्नि को अपने घर में लातें हैं तो यह शुभ माना जाता है ।
          डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि इन सबके विपरीत जब चौराहे वाली की पूजा की जाती हैं तो उस समय उस होलिका में तंत्र क्रियाएं और टोने - टोटके भी करते हैं और जब होलिका की राख बचती है तो उस राख को उठाकर जब आप अपने घरों में छिडक देते हैं, जो एक तरह से आपके घरों में नकारात्मक उर्जा को जन्म देने जैसा होता है ।
          डाँ शास्त्री के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति होलिका दहन के पश्चात घर में राख ले जाता है तो उसके परिवार वाले गहरी मुसीबत में पड सकते हैं  , आपको अपने घरों में होलिका की राख बिलकुल भी नहीं लानी चाहिए अगर ऐसा करते हैं तो होलिका की अग्नि में किए गए टोटकों का असर परिवार पर पड सकता हैं । आप और परिवार वालों को शारीरिक और मानसिक कष्ट दे सकता हैं । डाँ शास्त्री ने बताया कि होलिका की अग्नि लाकर अपनी होलिका को जलाने के पश्चात उसकी राख को चौराहे पर जली होलिका में डाल देना चाहिए, सिर्फ ऐसा करने मात्र से ही आपकी सभी परेशानियां स्वतः समाप्त हो जाएगी । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी )धार ,एम.पी.
                  मो. नं.  9425491351


Post A Comment:

0 comments: